Reporter : Sanjay Toppo
गुमला: सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से दिनांक 20-08-2025 को जिला परिवहन पदाधिकारी के निर्देशानुसार नरसिंग कौशल कॉलेज में एक विस्तृत सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया गया। इस कार्यक्रम में गुमला जिला के शीर्ष अधिकारी – अनुमंडल पदाधिकारी राजीव नीरज, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुरेश प्रसाद यादव, और जिला परिवहन पदाधिकारी ज्ञान शंकर जायसवाल विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
सड़क सुरक्षा पर गहन चर्चा
इस अभियान का मुख्य लक्ष्य कॉलेज के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना और सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए व्यवहारिक तरीकों पर चर्चा करना था। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित 110-120 छात्राओं से सड़क सुरक्षा टीम ने विस्तृत संवाद किया। इस चर्चा में सबसे पहले हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग के महत्व पर जोर दिया गया। टीम ने बताया कि ये सुरक्षा उपकरण दुर्घटना के समय जान बचाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
बातचीत के दौरान, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग करने के गंभीर परिणामों के बारे में भी बताया गया। टीम ने स्पष्ट किया कि मोबाइल का उपयोग न केवल ध्यान भंग करता है बल्कि इससे प्रतिक्रिया का समय भी बहुत धीमा हो जाता है, जिससे दुर्घटना की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। साथ ही, लापरवाही और तेज गति से वाहन चलाने के नुकसानों पर भी प्रकाश डाला गया। टीम ने बताया कि अधिकांश दुर्घटनाएं इन्हीं कारणों से होती हैं, जिसमें न सिर्फ चालक बल्कि दूसरों का जीवन भी खतरे में पड़ जाता है।
चर्चा के दौरान, कुछ अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी बात की गई। यह समझाया गया कि मोटरसाइकिल पर तीन सवारियों (ट्रिपल लोडिंग) और तीन पहिया वाहन पर ओवरलोडिंग से वाहन का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे ब्रेक लगाने में दिक्कत होती है और वाहन के पलटने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, वाहन चालकों को वाहन पर क्रैश गार्ड न लगवाने की सलाह दी गई, क्योंकि वे दुर्घटना के दौरान वाहन के प्रभाव को अवशोषित करने की क्षमता को बाधित कर सकते हैं।
अधिकारियों का संबोधन और महत्वपूर्ण संदेश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, अनुमंडल पदाधिकारी राजीव नीरज ने लेन ड्राइविंग और नियमसंगत ड्राइविंग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इन सरल नियमों का पालन करके दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने हेलमेट को “जीवन रक्षक” बताते हुए सभी से इसे अनिवार्य रूप से पहनने की अपील की।
जिला परिवहन पदाधिकारी ज्ञान शंकर जायसवाल ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की गोल्डन ऑवर में जान बचाने वालों के लिए चलाई जा रही “गुड समेरिटन” योजना के तहत राज्य सरकार की ओर से 2000 रुपये और केंद्र सरकार की ओर से 5000 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुरेश प्रसाद यादव ने एडवांस पोलिसिंग के तहत सड़क सुरक्षा के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे परिवहन के नियमों को हल्के में न लें और अपनी और दूसरों की जान बचाने में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने ड्राइविंग के दौरान शांत रहने के लाभों पर भी जोर दिया, जिससे बेहतर निर्णय लेने में मदद मिलती है।
शपथ और भविष्य की प्रेरणा
अधिकारियों के संबोधन के बाद, सड़क सुरक्षा के सदस्यों ने सभी कॉलेज छात्राओं और शिक्षिकाओं को यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करने की शपथ दिलाई। सभी से यह भी अपील की गई कि वे केवल खुद ही इन नियमों का पालन न करें, बल्कि अपने परिवार और पड़ोसियों को भी हेलमेट/सीट बेल्ट के उपयोग और यातायात नियमों के पालन के महत्व के बारे में जागरूक करें।
इस कार्यक्रम के दौरान मुख्य रूप से सड़क सुरक्षा प्रबंधक कुमार प्रभाष, नरसिंग कौशल कॉलेज की प्रिंसिपल नीरजा, शिक्षिका सुमिता चटर्जी व अन्य शिक्षकगण और सदस्य उपस्थित थे। यह अभियान लोगों को नियमों के प्रति संवेदनशील बनाने और सड़क दुर्घटनाओं को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।




