विष्णु दयाल : संवाददाता
भारतीय शिक्षा और सांस्कृतिक शोध के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले डॉ. इनायत चौधरी तथा डॉ. सारिका कांजलिया , सहायक प्रोफेसर (अंग्रेज़ी), अग्रवाल कॉलेज बल्लभगढ़ ने भारतीय ज्ञान प्रणाली पर आधारित अपनी चौथी पुस्तक ‘The Timeless Quest: A Journey through Indian Knowledge System’ प्रकाशित की है। इस किताब में भारत की गुणात्मक ज्ञान-परंपरा, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और रंग–रूप का विस्तृत विश्लेषण किया गया है।
पुस्तक का मुख्य उद्देश्य भारतीय ज्ञान प्रणाली की महानता और महत्ता को जन-जन तक पहुँचाना है, ताकि पाठकों में अपनी विशिष्ट विरासत के प्रति गर्व और जागरूकता उत्पन्न हो सके। दोनों लेखकों का मानना है कि भारतीय ज्ञान का भंडार केवल ऐतिहासिक न होकर आज़ भी महत्वपूर्ण और उपयोगी है, यह नई पीढ़ी को दिशा देने व सशक्त बनाने का मार्ग प्रशस्त करता है।
डॉ. इनायत चौधरी भारत व हरियाणा सरकार की कई प्रमुख शैक्षणिक परियोजनाओं में अग्रणी भूमिका निभा चुके हैं। शिक्षा प्रणाली में नवाचार और गुणवत्ता लाने के लिए उनकी सक्रिय भागीदारी सराहनीय रही है। वहीं, डॉ. सारिका कांजलिया के पास शिक्षण क्षेत्र में दो दशकों से अधिक का अनुभव है, और उन्होंने अकादमिक शोध व विद्यार्थियों में जागरूकता लाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है।
‘The Timeless Quest: A Journey through Indian Knowledge System’ न केवल शोधार्थियों और विद्यार्थियों के लिए, बल्कि समाज के सभी वर्गों के लिए उपयोगी है। पुस्तक के माध्यम से लेखकों ने भारतीय परंपरा की विविधताओं, सांस्कृतिक रंगों और शाश्वत मूल्यों को समाहित करने का सफल प्रयास किया है, जिससे भारतीय समाज को अपनी धरोहर पर गर्व हो सके।
किताब के प्रकाशन के साथ ही शैक्षणिक जगत में भारतीय ज्ञान प्रणाली और संस्कृति संवाद पर नए विमर्श, शोध व अध्ययन को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।



