Reporter Sanjay Toppo
हॉकी के जादूगर कहे जाने वाले पद्मभूषण मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर गुमला जिले के सभी विद्यालयों में राष्ट्रीय खेल दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
विभिन्न विद्यालय में इस कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों द्वारा महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की तस्वीर पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन करने से हुई। इस अवसर पर जागरूकता रैली भी निकाली गई, जिसमें बच्चों ने नारे और पोस्टरों के माध्यम से संदेश दिया कि “स्वस्थ जीवन शैली के लिए खेल को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं”।
विद्यालयों में बच्चों की उम्र और रुचि के अनुसार विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इनमें बोरा दौड़, रस्साकसी, कबड्डी, हॉकी, फुटबॉल तथा 100, 200 और 400 मीटर दौड़ प्रमुख रहे। बच्चों ने पूरे उत्साह और खेल भावना के साथ भागीदारी कर कार्यक्रम को सफल बनाया।
इस मौके पर प्रातः कालीन प्रार्थना सभा में शिक्षकों ने मेजर ध्यानचंद के जीवन परिचय से बच्चों को अवगत कराते हुए बताया कि मेजर ध्यानचंद ने अपने अद्वितीय खेल कौशल से भारत को अंतरराष्ट्रीय हॉकी में स्वर्णिम पहचान दिलाई तथा ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने देश का मान बढ़ाया। उन्हें विश्वभर में हॉकी का जादूगर कहा जाता है। मौके पर बच्चों को खेल से जुड़ने की शपथ दिलाई गई । इस अवसर पर स्कूली बच्चों को अपने दैनिक जीवन में खेल को नियमित रूप से शामिल करने की प्रेरणा के साथ बताया गया कि खेल केवल शारीरिक मजबूती ही नहीं देता, बल्कि अनुशासन, टीम भावना और मानसिक संतुलन का भी विकास करता है।



