विष्णु दयाल : संवाददाता
स्थान: हुडा मार्केट सेक्टर 37, राम उपनगर आर्य नगर , फरीदाबाद
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर राम उपनगर ,आर्य नगर में विजयादशमी महोउत्सव गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस आयोजन में बड़ी संख्या में स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में उपस्थित रहे तथा समाज के विभिन्न वर्गों से माताएँ, बहनें, बच्चे , स्वयंसेवक परिवार एवं प्रतिष्ठित नागरिकों ने सहभागिता की।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉक्टर गजराज आर्य , चेयरमैन शारदा मंदिर पब्लिक स्कूल , फरीदाबाद तथा विशिष्ट अतिथि शाहमल जी बिधूड़ी, विशिष्ट अथिति , उद्योगपति समाजसेवी, मुख्य वक्ता श्रीमान देव प्रसाद भारद्वाज ,अध्यक्ष विद्याया भारती हरियाणा प्रांत एवं माननीय विभाग संघचालक श्रीमान जयकिशन जी मंच पर विराजमान रहे। मुख्य वक्ता देव प्रसाद जी ने अपने उद्बोधनों में संघ 100 वर्ष की यात्रा असंगठित समाज को संगठित करके देश की परमवैभव पर लेजाने के उद्देश्य से हुई ।आज हम वह शताब्दी महोत्सव में देख रहे है।उन्होंने यह भी कहा कि संगठन, अनुशासन और सेवा की शक्ति ही भारत को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाएगी। पांच परिवर्तन हमें करना होगा।कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण जल संघरक्षण करना होगा। समाज में सामाजिक सदभाव जागृत करना होगा।स्व भाव जगाना , स्व निर्मित संसाधन बढ़ाने होंगे।नागरिक कर्तव्य देश के प्रति निभाने होंगे। उन्होंने नई पीढ़ी से शाखा से जुड़कर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।उनका बौद्धिक उत्साहवर्धक रहा तथा आगामी शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों में नई ऊर्जा का संचार करने वाला सिद्ध हुआ।
कार्यक्रम की एक विशेष झलक यह रही कि उपनगर राम के युवा मिलन के स्वयंसेवको द्वारा दी एक लघु नाटिका डॉक्टर हेडगेवार जी ने किस परिस्थिति में संघ की स्थापना की कैसे कष्ट सहन किए प्रस्तुति दी।एक बच्ची ने शरीर में रबर झूला कर देश भक्ति गीत प्रस्तुत किया।महिला में से परिवार गीत शामिल परिवार का रिवाज कितना प्यारा है प्रस्तुत किया।कई स्वयंसेवकों की तीन पीढ़ियाँ,दादा, पिता और पुत्र — सभी गणवेश में उपस्थित रहे, जो समाज में संघ की गहरी जड़ों और उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक रहा।
आर्य नगर फरीदाबाद पूर्व,राम उपनगर प्रमुख राजेश जी ने कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए अतिथियों का स्वागत किया, सभी का विस्तृत परिचय कराया तथा अंत में सभी उपस्थित महानुभावों माता भगिनी एवं परिवार के लोगों का धन्यवाद ज्ञापन किया।
👉 कुल संख्या 400 रही।
कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएँ: डॉक्टर साहब पर लघु नाटिका
शस्त्र पूजन एवं प्रार्थना, जिसमें शक्ति, संयम और राष्ट्रनिष्ठा का संदेश दिया गया।
स्वयंसेवकों ने घोष के साथ अनुशासित पथ संचलन किया
समाज के विभिन्न वर्गों की उत्साहपूर्ण सहभागिता।
कार्यक्रम के उपरांत सभी ने अल्पाहार का आनंद लिया।
मुख्य अतिथि एवं वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि संघ का कार्य केवल संगठन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के सर्वांगीण उत्थान का व्यापक अभियान है। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे शिक्षा, संस्कार, सेवा और आत्मनिर्भरता के मार्ग पर चलकर सशक्त एवं समरस भारत के निर्माण में योगदान दें।



