Wednesday, February 4, 2026

सतयुग दर्शन ट्रस्ट द्वारा ‘भाव-स्वभाव परिवर्तन’ विषय पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन

विष्णु दयाल  : संवाददाता

 

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सतयुग दर्शन ट्रस्ट (रजि.) के तत्वावधान में विश्व के प्रथम समभाव एवं समदृष्टि के स्कूल (ध्यानकक्ष) द्वारा “भाव-स्वभाव परिवर्तन क्रांति” विषय पर एक विशेष कार्यक्रम का सफल आयोजन रविवार, 18 जनवरी 2026 को सतयुग दर्शन वसुंधरा परिसर में ग्रेटर फरीदाबाद में किया गया। यह कार्यक्रम सतयुग दर्शन ट्रस्ट ने अपने स्कूल, कॉलेज और संगीत कला केंद्र के विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों के लिए आयोजित किया।

 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री सजन जी, मेंटर, सतयुग दर्शन ट्रस्ट, श्रीमती रेशमा गांधी जी, मैनेजिंग ट्रस्टी, सतयुग दर्शन ट्रस्ट एवं श्रीमती अनुपमा तलवार जी, चेयरपर्सन, सतयुग दर्शन संगीत कला केंद्र की विशेष उपस्थिति रही। अपने संबोधन में श्री सजन जी ने भाव-स्वभाव परिवर्तन में समभाव एवं समदृष्टि के महत्व के विषय पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भाव-स्वभाव हमारे व्यक्तित्व और व्यवहार का मूल आधार है। और साथ ही सभी को भाव स्वभाव परिवर्तन क्रांति के अंतर्गत अपने नकारात्मक कलियुगी भाव स्वभाव अविलम्ब त्याग सतयुगी भाव स्वभाव सुदृढ़ता से अपना समभाव समदृष्टि होने का और ए विध सतयुगी अचार संहिता अनुसार दिव्य गुण अपना व सज्जनता के प्रतीक बन मृतलोक पर फ़तेह पा अपनी जन्म की हारी हुई बाज़ी को जीत में परिवर्तित करने का पुरुषार्थ दिखाने का आवाहन दिया।

 

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में श्री राजेश सिंह (डीजीएम–एचआर, शाही एक्सपोर्ट्स), श्री राजपाल जी (जनरल मैनेजर, सूरजकुंड), श्री कमलेश शास्त्री (मंडल बाल विकास अधिकारी), डॉ. जयश्री चौधरी (निदेशक, उड़ान आईएएस संस्थान), श्री राजेश चंद जी (उप अधीक्षक, जिला शिक्षा कार्यालय, फरीदाबाद) एवं श्री प्रवेश कटारिया जी (खंड शिक्षा अधिकारी, फरीदाबाद) उपस्थित रहे।

 

इस कार्यक्रम में SDIET के प्राचार्य डॉ. शैलेंद्र त्यागी, विभागाध्यक्ष डॉ. मनप्रीत कौर, अकादमिक समन्वयक श्री शिरीष गुप्ता एवं सुश्री मृणाल मंजरी, समस्त फैकल्टी मेंबर्स, कर्मचारी, स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। साथ ही सतयुग दर्शन विद्यालय के प्रिंसिपल श्री अरुण कुमार, सतयुग दर्शन संगीत कला केंद्र के प्रिंसिपल श्री दीपेंद्र कांत जी, और सतयुग दर्शन ट्रस्ट के अन्य सदस्यगण भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

 

ध्यानकक्ष के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य आत्म-जागरूकता, भावनात्मक संतुलन, नैतिक दृढ़ता, समभाव-समदृष्टि और सकारात्मक भाव-स्वभाव का विकास करना रहा। कार्यक्रम ने प्रतिभागियों को व्यक्तिगत एवं सामाजिक जीवन में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में प्रेरित किया। सत्युग दर्शन ट्रस्ट आध्यात्मिक, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से शांति, सद्भाव और मानवीय मूल्यों के संवर्धन हेतु निरंतर कार्यरत है। यह कार्यक्रम मानव उत्कृष्टता एवं आंतरिक उत्थान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।

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