Wednesday, February 4, 2026

HTET मामले में युवा जेजेपी ने राज्यपाल के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन 

विष्णु दयाल  : संवाददाता

 

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हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (HTET) के वर्ष 2024 के परिणामों को लेकर गंभीर अनियमितताएँ एवं संदेहास्पद परिस्थितियाँ सामने आई जिसके विरोध में जननायक जनता पार्टी के प्रतिनिधि मंडल ने लघु सचिवालय फरीदाबाद पंहुच कर नारेबाजी की व महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।

 

जननायक जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष प्रदीप चौधरी ने प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व किया जबकि अध्यक्षता युवा जेजेपी के जिलाध्यक्ष पवन जाखड़ और युवाप्रभारी रंजीत ठाकुर की रही।

 

युवा जेजेपी के बैनर तले युवाओं ने नारेबाजी की व दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करी ।

 

 

प्रदीप चौधरी ने कहा कि यह अनियमितता जो परीक्षा की पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती हैं। जब HTET परीक्षा का परिणाम पूर्ण रूप से तैयार हो चुका था, तब उसे अचानक रिकॉल क्यों किया गया? इसके पीछे क्या कारण थे, यह आज तक सार्वजनिक नहीं किया गया है।

प्रदीप चौधरी ने कहा कि परीक्षा परिणाम जारी करने हेतु एक पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (PSU) को कार्य सौंपा गया, जबकि उक्त संस्था को इस प्रकार के परीक्षा परिणाम तैयार करने का कोई पूर्व अनुभव नहीं था। कृपया स्पष्ट किया जाए कि किस आधार एवं किन मानकों पर उस PSU का चयन किया गया।

उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि यह तथ्य अत्यंत चौंकाने वाला है कि प्रथम बार में परिणाम मात्र 30 दिनों में तैयार हो गया था, किंतु पुनः परिणाम तैयार करने में 110 दिन क्यों लग गए? इस अत्यधिक विलंब के लिए कौन जिम्मेदार है?

युवा जिलाध्यक्ष पवन जाखड़ ने बताया कि नए घोषित परिणाम में त्रुटि के मार्जिन के आधार पर 1284 नए अभ्यर्थियों को उत्तीर्ण घोषित कर दिया गया, जबकि इन अभ्यर्थियों का परिणाम हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (HBSE) की वेबसाइट पर भी जारी नहीं किया गया। इन अभ्यर्थियों की बायोमेट्रिक प्रक्रिया भी पूरी नहीं की गई। अतः इन सभी अभ्यर्थियों के रोल नंबर सार्वजनिक किए जाएँ।

जानकारी के अनुसार, बोर्ड के तत्कालीन सचिव द्वारा परीक्षा परिणाम घोषित करने की स्वीकृति हेतु फाइल बोर्ड चेयरमैन को भेजी गई थी, किंतु चेयरमैन द्वारा उसे पुनः बोर्ड को लौटा दिया गया। इतना ही नहीं, सरकार द्वारा तत्काल प्रभाव से बोर्ड सचिव को बदल भी दिया गया। जबकि प्रक्रिया के अनुसार कैमरे की निगरानी में परिणाम तैयार किया जा चुका था बायोमेट्रिक उपस्थिति पूरी थी, सिक्योरिटी ऑडिट सम्पन्न हो चुका था, सिक्रेसी ब्रांच एवं तीन प्रमाणित एजेंसियों द्वारा परिणाम को स्वीकृति दी जा चुकी थी, तथा सचिव द्वारा निष्कर्ष निकालकर चेयरमैन कार्यालय को परिणाम जारी करने हेतु भेज दिया गया था, तो ऐसे में परिणाम को रिकॉल करने का औचित्य क्या था?

प्रदीप चौधरी ने बताया कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेशानुसार किसी भी अभ्यर्थी को अपनी OMR शीट प्राप्त करने हेतु दो वर्षों का समय दिया जाता है। परंतु HTET 2024 के नए परिणाम की प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों को केवल 10 दिनों की अवधि ही प्रदान की गई। हरियाणा सरकार यह स्पष्ट करे कि क्या OMR शीट्स को नष्ट कर दिया गया है? यदि ऐसा किया गया है, तो यह माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का सीधा उल्लंघन है तथा एक अत्यंत गंभीर धांधली का विषय है।

प्रतिनिधि मंडल के नेताओं का कहना था कि वर्तमान बोर्ड चेयरमैन पवन शर्मा पर पूर्व में OPJS विश्वविद्यालय में अनियमितताओं एवं बिना अनुमति पाठ्यक्रम संचालित करने जैसे गंभीर आरोप लग चुके हैं, जिनकी शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय तक भी की जा चुकी है। ऐसे में यह प्रश्न स्वाभाविक है कि हरियाणा सरकार की ऐसी क्या मजबूरी थी कि उन्हें इस अत्यंत संवेदनशील एवं जिम्मेदारीपूर्ण पद पर नियुक्त किया गया।

 

युवा जेजेपी ने चेतावनी देते हुए कहा कि लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़े इस अति संवेदनशील मामले में निष्पक्षता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जाँच कराई जाना अत्यंत आवश्यक है। हम महामहिम राज्यपाल महोदय से निवेदन करते हैं कि इस गंभीर विषय का संज्ञान लेते हुए HTET परीक्षा परिणाम में हुई धांधली की CBI जाँच कराने हेतु आवश्यक निर्देश प्रदान करने की कृपा करें, जिससे सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई हो अन्यथा युवा जेजेपी शांति से नहीं बैठेगी व सरकार की ईंट से ईंट बजा कर दम लेगी।

 

इस मौके पर , प्रदेश सचिव प्रेम सिंह धनखड़ ,जिला प्रवक्ता अनिल ख़ुटेला सूरत चौहान, अमर नर्वत, देवेंद्र बैरागी, राजवीर गुजर,विनय धतरवाल, बोनी ठाकुर, परविंदर कौशिक, शामिल रहे।।

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