Breaking News
आज़मगढ़ जिले के बनकट स्थित तौहीद इण्डेन गैस एजेंसी को प्रशासन द्वारा 16 मार्च को बिना ओटीपी के गैस सिलेंडर बाँट देने और 642 सिलेंडर गोदाम से गायब होने को लेकर प्रशासन ने एजेंसी को सील

आज़मगढ़/उत्तर प्रदेश/संवाददाता-शुभम कुमार रावत

आजमगढ़।
सगड़ी तहसील क्षेत्र के बनकट स्थित तौहीद इण्डेन गैस एजेंसी को प्रशासन द्वारा 16 मार्च को बिना ओटीपी के गैस सिलेंडर बाँट देने और 642 सिलेंडर गोदाम से गायब होने को लेकर प्रशासन ने एजेंसी को सील करते हुए एफआईआर सम्बंधित के खिलाफ करा दिया था।

जहां कुल 13 हजार 126 उपभोक्ताओ का रजिस्ट्रेशन एजेन्सी पर मौजूद है। पर इन उपभोक्ताओ को एजेंसी से गैस नहीं मिलने और ना ही एजेंसी से कोई सटीक काउंटर लगाकर जानकारी देने वह उपभोक्ताओं द्वारा फोन किए जाने पर फोन ना उठाने को लेकर आक्रोश व्याप्त है और लोग परेशान होकर अन्य विकल्पों की तलाश में लगे हुए जबकि प्रशासन द्वारा एजेंसी को सील करने के बाद अब तक समुचित कार्रवाई न किए जाने उपभोक्ताओं के हित की बात ना होकर अब तक उन्हें गैस की कोई संचित व्यवस्था नहीं की गई जबकि इस संबंध में उपजिलाधिकारी सगड़ी श्याम प्रताप सिंह ने बताया कि एक-दो दिन में उपभोक्ताओं के लिए गैस की व्यवस्था की जा रही है जिसके लिए अन्य एजेंसी से इन उपभोक्ताओं को अटैच करके गैस देने का प्रयास किया जा रहा है।वही पूर्ति निरीक्षक संतोष कुमार शर्मा ने बताया कि जिलाधिकारी महोदय को चार दिन पूर्व पत्र उक्त के संबंध में भेजा जा चुका है।पर अब तक कोई व्यवस्था नहीं हुई है नहीं कोई जानकारी प्राप्त हो पाई है। जल्द ही इन उपभोक्ताओं के लिए अलग से व्यवस्था की जाने की संभावना है जबकि हजारों उपभोक्ता गैस को लेकर परेशान है और उन्हें गैस उपलब्ध नहीं हो पा रही है।

जिस वजह से लोगों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं कई उपभोक्ताओं ने बताया कि एजेंसी पर गैस कब तक उपलब्ध होगी इसकी जानकारी नहीं दी जा रही है और ना ही कोई अतिरिक्त काउंटर लगाया गया है फोन करने के बाद भी एजेंसी के लोग फोन नहीं उठा रहे हैं जिस वजह से हमारी समस्याओं का निदान नहीं हो पा रहा है। उपभोक्ताओ में उमेश साहनी,अजय यादव, सुभाष, अकरम,रविन्द्र,पप्पू कुमार,किशुन चौबे,डबलू चतुर्वेदी आदि ने बताया कि गैस न मिलने से घर का खाना नहीं बन पा रहा है और लकड़ी भी उपलब्ध नहीं हो पा रही है किसी तरह से काम चलाया जा रहा है। एजेंसी मालिक ना तो फोन उठा रहे हैं ना कोई जानकारी दे रहे हैं यदि जल्द हम लोगों की व्यवस्था नहीं हुई तो प्रशासन हमारे कनेक्शन को अन्यत्र एजेंसी पर स्थानांतरित करने की व्यवस्था कराए जिससे कि हमें आसानी से गैस उपलब्ध हो सके।

भारत सरकार और उच्चतम न्यायालय से की अपील, जीवनभर देखभाल की जिम्मेदारी का दिया भरोसा।

आज़मगढ़/उत्तर प्रदेश/संवाददाता- शुभम कुमार रावत

आजमगढ़। सगड़ी जीयनपुर नगर पंचायत के पूर्व प्रत्याशी व दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र नेता अभिषेक राय ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए भारत सरकार,एम्स अस्पताल प्रबंधन टीम और उच्चतम न्यायालय के साथ हरिश राणा के माता-पिता से मिलकर उच्चतम न्यायालय से इच्छा मृत्यु प्राप्त होने के बाद जीवन भर उनकी देखभाल व खर्च उठाने की मांग की।

देश की उच्चतम न्यायालय द्वारा हरिश राणा को इच्छामृत्यु की अनुमति दी जा चुकी है ऐसे में अभिषेक राय ने सोशल मीडिया के माध्यम और एम्स में हरीश राणा के माता-पिता से मिलकर व सरकार से पत्र देकर निवेदन किया है कि हरिश राणा को उनकी वर्तमान स्थिति में उन्हें सौंप दिया जाए अभिषेक राय ने अपने संदेश में कहा कि वे पूरी जिम्मेदारी के साथ हरिश राणा की देखभाल करने के लिए तैयार हैं।

उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि जब तक हरिश राणा जीवित रहेंगे,उनके इलाज और अन्य सभी खर्चों का वहन वे स्वयं करेंगे और उनकी सेवा में कोई कमी नहीं रहने देंगे।अभिषेक राय का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल एक जीवन को बचाना और मानवता की सेवा करना है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से भी अपील की है कि इस संदेश को अधिक से अधिक साझा करें ताकि यह संबंधित अधिकारियों तक पहुँच सके।

विदित हो हरीश राणा मूल रूप से राजस्थान प्रदेश के निवासी हैं विगत 13 वर्षों से एम्स अस्पताल दिल्ली में उनका इलाज चल रहा है वह कोमा में है रक्षाबंधन के दिन बहन से बात करते हुए छत से गिरकर उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।

उनके माता-पिता के द्वारा वृद्धावस्था में देखभाल के कारण उच्चतम न्यायालय से इच्छा मृत्यु मांगने पर मिली जिसके बाद समाज सेवी व पूर्व प्रत्याशी जीयनपुर ने मानवीय पहलू को ध्यान में रखते हुए उनके माता-पिता और भारत सरकार व उच्चतम न्यायालय से देखभाल और खर्च उठाने की मांग की है।