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बल्लबगढ़ डीसीपी प्रतीक अग्रवाल आईपीएस बल्लभगढ़ का स्टेट रोड सेफ्टी काउंसिल एवं रोड सेफ्टी ओमनी फाउंडेशन फाउंडेशन ट्रस्ट टीम ने किया स्वागत

स्टेट रोड सेफ्टी काउंसिल, हरियाणा सरकार के सदस्य सरदार देवेंद्र सिंह एवं रोड सेफ्टी ओमनी फाउंडेशन ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में डीसीपी बल्लबगढ़ प्रतीक अग्रवाल आईपीएस का कार्यालय में भव्य स्वागत एवं सम्मान किया गया।


शहर के यातायात मुद्दों पर चर्चा:बैठक दौरान बल्लबगढ़ क्षेत्र में बढ़ते यातायात दबाव, दुर्घटना संभावित स्थानों यानी ब्लैक स्पॉट्स की पहचान, ओवरस्पीडिंग,शराब पीकर वाहन चलाना एवं नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने जैसी गंभीर समस्याओं पर विस्तार से मंथन किया गया।
सड़क सुरक्षा जागरूकता स्कूल-कॉलेजों में रोड सेफ्टी क्लब बनाने, औद्योगिक क्षेत्र में कर्मचारियों के लिए जागरूकता अभियान चलाने एवं आम नागरिकों को हेलमेट-सीटबेल्ट के प्रति जागरूक करने की कार्ययोजना पर चर्चा हुई।

आपसी समन्वय ट्रस्ट एवं काउंसिल के पदाधिकारियों ने डीसीपी महोदय को आश्वस्त किया कि सड़क सुरक्षा से जुड़े हर अभियान में पुलिस प्रशासन को जमीनी स्तर पर पूरा-पूरा सहयोग प्रदान किया जाएगा।


डीसीपी प्रतीक अग्रवाल आईपीएस ने ट्रस्ट के प्रयासों की सराहना की और कहा कि प्रशासन एवं सामाजिक संगठनों के आपसी सहयोग से ही सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। उन्होंने नागरिकों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील भी की।
इस अवसर पर स्टेट रोड सेफ्टी काउंसिल के सदस्य एवं रोड सेफ्टी ओमनी फाउंडेशन ट्रस्ट के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

सिलेंडर के लिए लंबी लाइनों में खड़ा होना


संवाददाता प्रमोद जायसवाल

दिल्ली चलो देश के कई शहरों में एलपीजी सिलेंडर की कमी की खबरों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बेंगलुरु, दिल्ली, हैदराबाद और मुंबई जैसे बड़े शहरों के कई रेस्टोरेंट्स गैस की कमी से जूझ रहे हैं, वहीं भोपाल में लोगों को सिलेंडर के लिए लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ रहा है।

इसी बीच पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्थिति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि चुनौतियों के बावजूद रेस्टोरेंट्स और उद्योगों को उनकी गैस जरूरत का लगभग 70–80% हिस्सा मिल रहा है और सरकार देश में सस्ती ऊर्जा की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मंत्री के मुताबिक, बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत पश्चिम एशिया के अलावा अन्य देशों से भी एलपीजी और एलएनजी आयात बढ़ा रहा है, ताकि सप्लाई बनी रहे। साथ ही तेल कंपनियों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके बाद भारतीय रिफाइनरियों ने घरेलू एलपीजी उत्पादन लगभग 10% तक बढ़ा दिया है।

सरकार का कहना है कि वैकल्पिक स्रोतों से गैस की अतिरिक्त आपूर्ति जल्द देश में पहुंचेगी और घरेलू गैस सप्लाई को स्थिर बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

महंगाई की इस मार के विरोध में चूल्हे पर बनी चाय, कांग्रेस का प्रदर्शन

संवाददाता: प्रमोद जयसवाल, दिल्ली

लगातार बढ़ती महंगाई और रसोई गैस सिलेंडर के दामों में इजाफे ने आम जनता, खासकर महिलाओं की रसोई का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। बढ़ती कीमतों से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इसी महंगाई के विरोध में खंडवा शहर जिला कांग्रेस ने शहर कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रतिभा रघुवंशी के नेतृत्व में अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने चूल्हे पर चाय बनाकर आम लोगों को पिलाई और रसोई गैस के बढ़ते दामों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार से गैस सिलेंडर के दाम कम करने और आम जनता को महंगाई से राहत देने की मांग भी की।

Delhi Weather Update: सामान्य से ज्यादा तापमान, अगले 5 दिनों में और बढ़ोतरी, AQI खराब श्रेणी में

नई दिल्ली: राजधानी में गर्मी का असर फरवरी के अंतिम सप्ताह में ही महसूस होने लगा है। बुधवार को अधिकतम तापमान सामान्य से करीब चार डिग्री अधिक दर्ज किया गया, जिससे दिन के समय हल्की गर्मी महसूस हुई।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, फिलहाल तापमान में बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन 28 फरवरी से अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी की संभावना है। अनुमान है कि पहले एक से दो डिग्री और उसके बाद तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक इजाफा हो सकता है।

बुधवार को रिज क्षेत्र में अधिकतम तापमान 30.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सफदरजंग और लोदी रोड में 30.2 डिग्री, आयानगर में 30 डिग्री तथा पालम में 27.8 डिग्री सेल्सियस रहा। न्यूनतम तापमान की बात करें तो सफदरजंग में 12.6 डिग्री, पालम में 13.8 डिग्री, लोदी रोड में 12.4 डिग्री, रिज क्षेत्र में 14.8 डिग्री और आयानगर में 12.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। सुबह के समय कई इलाकों में हल्का कुहासा रहने की संभावना है, जबकि दिन में लगभग 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

वहीं, राजधानी की हवा की गुणवत्ता भी चिंता बढ़ा रही है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के समीर ऐप के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 228 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। आनंद विहार क्षेत्र सबसे अधिक प्रदूषित रहा, जहां AQI 326 यानी ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज हुआ। शहर के 26 निगरानी केंद्रों पर AQI खराब और 11 केंद्रों पर मध्यम श्रेणी में रहा।

विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान में बढ़ोतरी और हवा की गति में बदलाव का असर आने वाले दिनों में वायु गुणवत्ता पर भी पड़ सकता है।

जयदीप सिंह सेंगर को कैंसर है या नहीं? दिल्ली हाई कोर्ट ने AIIMS से मांगी मेडिकल रिपोर्ट

संवाददाता, नई दिल्ली: उन्नाव प्रकरण से जुड़े दोषी जयदीप सिंह सेंगर की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने अहम कदम उठाया है। अदालत ने AIIMS के निदेशक को निर्देश दिया है कि सेंगर के कैंसर संबंधी दावे की सत्यता जांचने के लिए एक विशेष मेडिकल बोर्ड गठित किया जाए।

कोर्ट ने यह आदेश उस याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया, जिसमें सेंगर ने चिकित्सा आधार पर अपनी सजा के अंतरिम निलंबन को आगे बढ़ाने की मांग की है। अदालत ने एम्स से स्पष्ट रिपोर्ट देने को कहा है कि क्या वास्तव में वह कैंसर से पीड़ित हैं और उनकी वर्तमान चिकित्सीय स्थिति क्या है।

गौरतलब है कि जयदीप सिंह सेंगर, पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के भाई हैं। मार्च 2020 में दिल्ली की एक विशेष अदालत ने उन्हें उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में दोषी ठहराया था।

सेंगर का दावा है कि वह स्टेज-4 मुख कैंसर से जूझ रहे हैं और बीमारी दोबारा उभरने का खतरा भी बना हुआ है। उनके अनुसार, अक्टूबर 2020 में AIIMS में उनकी सर्जरी की गई थी। उन्होंने यह भी कहा है कि जेल में आवश्यक विशेष उपचार उपलब्ध नहीं है।

वहीं, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस याचिका का विरोध करते हुए 20 फरवरी 2026 की एक विस्तृत सत्यापन रिपोर्ट अदालत में पेश की है। एजेंसी का कहना है कि उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर अदालत को निर्णय लेना चाहिए।

अब मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि सेंगर के स्वास्थ्य दावे कितने सही हैं और उनकी सजा पर क्या प्रभाव पड़ सकता है।

SATTE 2026 से पहले नई दिल्ली में Tourism Malaysia की प्रेस कॉन्फ्रेंस, भारत के साथ पर्यटन सहयोग को मिली नई गति

नई दिल्ली, 24 फरवरी 2026। Tourism Malaysia ने SATTE 2026 में भागीदारी से पहले नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से भारतीय आउटबाउंड पर्यटन बाजार के प्रति अपनी मजबूत प्रतिबद्धता को दोहराया। इस संवाद का उद्देश्य भारत और मलेशिया के बीच पर्यटन सहयोग को और सुदृढ़ करना था।

प्रेस कॉन्फ्रेंस को टूरिज्म मलेशिया के चेयरमैन वाय.बी.एच.जी. दातुक मनोहरन पेरियासामी और भारत में मलेशिया के उच्चायुक्त दातो’ मुज़ाफ़र शाह मुस्तफ़ा ने संबोधित किया। कार्यक्रम में ट्रैवल ट्रेड पार्टनर्स, एयरलाइंस प्रतिनिधि, पर्यटन उद्योग से जुड़े हितधारक और मीडिया के सदस्य मौजूद रहे।

यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब मलेशिया अपने वैश्विक अभियान Visit Malaysia Year 2026 (VM2026) के तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय प्रचार-प्रसार को तेज कर रहा है।


मजबूत प्रदर्शन, भारत प्रमुख स्रोत बाजार

मलेशिया ने वर्ष 2025 में 4.22 करोड़ अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों का स्वागत किया, जो 2024 की तुलना में 14.6% अधिक है। भारत मलेशिया के लिए तेजी से उभरता और महत्वपूर्ण स्रोत बाजार बना हुआ है। वर्ष 2025 में 16 लाख से अधिक भारतीय पर्यटक मलेशिया पहुंचे, जो इस गंतव्य के प्रति बढ़ते विश्वास और आकर्षण को दर्शाता है।

चेयरमैन दातुक मनोहरन पेरियासामी ने कहा कि भारत मलेशिया की अंतरराष्ट्रीय पर्यटन रणनीति में केंद्रीय भूमिका निभाता है। उन्होंने जोर दिया कि दोनों देशों के मजबूत द्विपक्षीय संबंध और मलेशिया की सुरक्षित, विविधतापूर्ण एवं उच्च-मूल्य गंतव्य की छवि भारतीय पर्यटकों की बढ़ती संख्या का आधार हैं।


भारतीय बाजार पर विशेष फोकस

भारत में मलेशिया के उच्चायुक्त दातो’ मुज़ाफ़र शाह मुस्तफ़ा ने बताया कि भारतीय बाजार ने अवकाश पर्यटन, MICE, डेस्टिनेशन वेडिंग और प्रीमियम ट्रैवल सेगमेंट में उत्साहजनक प्रदर्शन किया है। बेहतर हवाई संपर्क और भारतीय नागरिकों के लिए वीज़ा-फ्री सुविधा जारी रहने से 2026 में और अधिक वृद्धि की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि टियर-I, टियर-II और टियर-III शहरों में व्यापारिक साझेदारी को मजबूत करना प्राथमिकता है, ताकि गुणवत्तापूर्ण और टिकाऊ पर्यटन अनुभव प्रदान किए जा सकें।


बेहतर कनेक्टिविटी से बढ़ेगा सहयोग

भारत और मलेशिया के बीच प्रति सप्ताह 240 से अधिक उड़ानों का संचालन हो रहा है। वीज़ा-फ्री प्रवेश की सुविधा भी भारतीय यात्रियों के लिए यात्रा को और सुगम बना रही है। यह कनेक्टिविटी VM2026 अभियान के तहत पर्यटन वृद्धि को गति देने में सहायक मानी जा रही है।


24 फरवरी को आयोजित प्रमुख कार्यक्रम

SATTE 2026 से पहले नई दिल्ली में टूरिज्म मलेशिया ने तीन प्रमुख रणनीतिक कार्यक्रम आयोजित किए—

  • वेडिंग सेमिनार: मलेशिया को भव्य भारतीय शादियों के लिए आदर्श डेस्टिनेशन के रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसमें लग्ज़री वेन्यू और सांस्कृतिक अनुकूल सेवाओं पर जोर रहा।
  • MICE बी2बी सत्र: मलेशियाई पर्यटन उद्योग और भारतीय कॉर्पोरेट प्लानर्स के बीच सीधा संवाद स्थापित किया गया।
  • मलेशिया नेटवर्किंग डिनर 2026: ट्रैवल ट्रेड पार्टनर्स, एयरलाइंस, वेडिंग प्लानर्स और मीडिया के साथ सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से विशेष आयोजन।

सतत पर्यटन विकास पर जोर

Malaysia Tourism Promotion Board, जो मलेशिया सरकार के पर्यटन, कला और संस्कृति मंत्रालय (MOTAC) के अंतर्गत कार्यरत है, देश को वैश्विक पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने के लिए कार्य कर रहा है।

VM2026 अभियान संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (UNSDGs) के अनुरूप टिकाऊ और समावेशी पर्यटन विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य मलेशिया की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और विविध पर्यटन उत्पादों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करना है।


यह प्रेस कॉन्फ्रेंस भारत और मलेशिया के बीच पर्यटन साझेदारी को नई ऊर्जा देने के साथ-साथ VM2026 के लिए मजबूत आधार तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

हल्की बारिश से सुधरी दिल्ली-एनसीआर की हवा, GRAP-2 के प्रतिबंध हटाए गए
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दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में बुधवार को हल्की बारिश दर्ज की गई, जिससे वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला। बेहतर मौसम परिस्थितियों और घटते प्रदूषण स्तर को देखते हुए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत लागू स्टेज-2 एंटी-पॉल्यूशन प्रतिबंध हटा दिए गए हैं।

दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के बिगड़ते स्तर को देखते हुए 19 अक्टूबर 2025 को GRAP स्टेज-II लागू किया गया था, जिसे अब 18 फरवरी 2026 को हटा लिया गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार राजधानी का दिन का औसत AQI 214 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में होने के बावजूद सुधार की स्पष्ट प्रवृत्ति दर्शाता है।

सुबह कई इलाकों में हुई बूंदाबांदी

पिछले कुछ दिनों से बढ़ते तापमान के बीच बुधवार सुबह अक्षरधाम, मोती बाग, कर्तव्य पथ, सफदरजंग और पालम समेत राजधानी के कई हिस्सों में हल्की बारिश और बूंदाबांदी हुई। आसमान में बादल छाए रहे। एनसीआर के अन्य शहरों में भी इसी तरह का मौसम दर्ज किया गया। मौसम में बदलाव के बावजूद न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो मंगलवार की तुलना में 5.7 डिग्री अधिक है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राजधानी के मौसम में बदलाव आया है, जिसे लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया। विभाग ने बताया कि सुबह से कई स्थानों पर हल्की वर्षा हुई, जबकि दोपहर में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। साथ ही 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

मौसम विभाग का अनुमान है कि इस हल्की बारिश से तापमान में लंबे समय तक या बड़ी गिरावट आने की संभावना नहीं है। बुधवार की वर्षा से भले ही प्रदूषण और गर्मी से अस्थायी राहत मिली हो, लेकिन आने वाले दिनों में तापमान फिर सामान्य से अधिक बना रह सकता है।

अप्रैल से दिल्ली से जयपुर का सफर 4 घंटे में: NH-48 पर 6 नए फ्लाईओवर से बढ़ेगी रफ्तार
दिल्ली से जयपुर अब 4 घंटे में पूरा होगा सफर। (फाइल)
दिल्ली से जयपुर अब 4 घंटे में पूरा होगा सफर। (फाइल)

नई दिल्ली। अप्रैल से दिल्ली से जयपुर का सफर और भी तेज व सुगम होने जा रहा है। दिल्ली से जयपुर तक NH-48 के रास्ते यात्रा अब बिना रुकावट के पूरी की जा सकेगी। इसके लिए कई नए पुल और फ्लाईओवर तैयार किए जा रहे हैं, जिससे मार्ग अधिक स्मूथ, तेज और जाम-मुक्त होगा।

नए स्ट्रक्चर चालू होने के बाद दिल्ली से जयपुर पहुंचने में लगभग 4 से 4.5 घंटे का समय लगेगा। पहले जहां रास्ते में बार-बार रुकावटें आती थीं, वहीं अब पुराना हाईवे रूट बांदीकुई लिंक रोड के जरिए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के समान कनेक्टिविटी देने लगेगा।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) का लक्ष्य 31 मार्च तक निर्माणाधीन छह पुलों और फ्लाईओवर को शुरू करने का है। अधिकारियों के अनुसार, इन परियोजनाओं से लंबे समय से बनी ट्रैफिक बाधाएं खत्म होंगी, कैरिजवे की निरंतरता बेहतर होगी और गुड़गांव-कोटपुतली-जयपुर कॉरिडोर पर यातायात और अधिक सुरक्षित बनेगा।

पीक आवर ट्रैफिक से मिलेगी राहत

ट्रैफिक सिग्नल और एट-ग्रेड क्रॉसिंग की जगह ग्रेड सेपरेटर बनने से रोजाना यात्रा करने वाले लोगों और लंबी दूरी के ड्राइवरों को बड़ी राहत मिलेगी। खासतौर पर दिल्ली बॉर्डर के आसपास पीक आवर में जाम कम होगा, सुरक्षित मर्जिंग संभव होगी और वाहनों की रफ्तार एक समान बनी रहेगी।

कोटपुतली, बहरोड़ और दहमी में फ्लाईओवर पहले ही तैयार हो चुके हैं, जबकि खातोलाई में एक पुल को यातायात के लिए खोल दिया गया है। इनका उद्देश्य व्यस्त जंक्शनों पर भीड़ कम करना और पहले से दुर्घटना-प्रवण व सिग्नल-भारी चौराहों पर ट्रैफिक व्यवस्था सुधारना है।

शाहपुरा और बावल में अंतिम चरण का काम

शाहपुरा और बावल में दो अन्य फ्लाईओवरों का निर्माण जारी है। इसके साथ सोतानाला, नीलका और नीझर में बन रहे पुल भी अंतिम चरण में हैं। इनके शुरू होने के बाद ब्लैक स्पॉट खत्म होने और स्थानीय चौराहों पर लगने वाले स्टॉपेज टाइम में भारी कमी आने की उम्मीद है।