सत्युग दर्शन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (SDIET), फरीदाबाद में प्रबंधन अध्ययन विभाग (DMS) के अंतर्गत समार्थ टेक्निकल क्लब द्वारा 17 अप्रैल, 2026 को बीबीए प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए “यंग इन्वेस्टर्स के लिए फाइनेंशियल प्लानिंग” विषय पर एक ज्ञानवर्धक सत्र का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस सत्र का संचालन डॉ. जयदीप शर्मा, (SEBI एवं NISM एम्पैनल्ड) वित्तीय शिक्षा प्रशिक्षक द्वारा किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर पर वित्तीय योजना बनाने के महत्व, स्मार्ट निवेश रणनीतियों तथा धन प्रबंधन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने युवाओं में वित्तीय साक्षरता के महत्व पर विशेष बल दिया ताकि वे भविष्य में आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें। सत्र में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे और बचत, बजटिंग तथा विभिन्न निवेश विकल्पों के बारे में व्यावहारिक जानकारी प्राप्त की।
संस्थान के प्राचार्य डॉ. शैलेंद्र त्यागी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के सत्र विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ जीवनोपयोगी वित्तीय कौशल भी प्रदान करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रारंभ से ही समझदारीपूर्ण वित्तीय निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया।
प्रबंधन अध्ययन विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. मनप्रीत कौर ने वर्तमान आर्थिक परिदृश्य में वित्तीय जागरूकता के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के विशेषज्ञ सत्र सैद्धांतिक ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव के बीच की दूरी को कम करते हैं। इस अवसर पर डॉ. मनप्रीत कौर (विभागाध्यक्ष, DMS), डॉ. स्नेहा शर्मा (समन्वयक, समार्थ टेक्निकल क्लब, DMS), श्री परमजीत सिंह आहूजा (सह-समन्वयक, समार्थ टेक्निकल क्लब) सहित विभाग के अन्य प्राध्यापकगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन सकारात्मक वातावरण में हुआ, जिसमें विद्यार्थियों ने सत्र को अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताया।
फरीदाबाद, बैसाखी के पावन अवसर पर भारत विकास परिषद की केशव शाखा, फरीदाबाद द्वारा आयोजित पारिवारिक मिलन समारोह गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में शहर की प्रथम नागरिक मेयर प्रवीण जोशी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं।
इस अवसर पर समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले दो प्रमुख व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया। इनमें सरदार देवेंद्र सिंह और जसविंदर कौर शामिल हैं।
सरदार देवेंद्र सिंह, जो हरियाणा सरकार की स्टेट रोड सेफ्टी काउंसिल, जिला टास्क फोर्स (स्वच्छ भारत मिशन) और भारत सरकार की रोड सेफ्टी कमेटी से जुड़े हैं, लंबे समय से समाज सेवा में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनके निरंतर प्रयासों से समाज में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है।
वहीं, रोड सेफ्टी ओमनी फाउंडेशन ट्रस्ट की चीफ पैटर्न जसविंदर कौर को भी उनके नेतृत्व में सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान भारत विकास परिषद केशव शाखा के प्रधान राजेश शर्मा ने सरदार देवेंद्र सिंह को बैसाखी की शुभकामनाएं देते हुए भविष्य में भी सामाजिक कार्यों में सहयोग जारी रखने का आश्वासन दिया। समारोह में उपस्थित सभी सदस्यों ने दोनों सम्मानित व्यक्तियों के कार्यों की सराहना की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
यह सम्मान समाज में सेवा, समर्पण और सामाजिक जिम्मेदारी के उच्च आदर्शों को दर्शाता है। कार्यक्रम के अंत में परिषद की ओर से मेयर प्रवीण जोशी, जिला समन्वयक संदीप मित्तल, सम्मानित अतिथियों और सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया गया।
सत्युग दर्शन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (SDIET) के प्रबंधन अध्ययन विभाग द्वारा बीबीए प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए 9 अप्रैल 2026 को “Learning from the Best” विषय पर एक प्रेरणादायक एवं इंटरएक्टिव सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र की विशेषता संस्थान के यूनिवर्सिटी रैंक होल्डर्स—रितेश कुमार, एकता शर्मा, कोमल शर्मा, राखी, भावना एवं तनु—की उपस्थिति रही। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ अपनी सफलता की कहानियाँ साझा करते हुए प्रभावी अध्ययन तकनीकों, समय प्रबंधन, निरंतरता एवं एकाग्रता के महत्व पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने स्मार्ट तैयारी के तरीकों, परीक्षा के दौरान तनाव प्रबंधन तथा आत्मविश्वास बनाए रखने के व्यावहारिक उपाय भी बताए। उनके अनुभवों ने विद्यार्थियों को न केवल प्रेरित किया बल्कि उन्हें अपने लक्ष्यों के प्रति और अधिक सजग एवं प्रतिबद्ध बनाया। कार्यक्रम के दौरान आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र ने विद्यार्थियों को सीधे रैंक होल्डर्स से संवाद करने का अवसर प्रदान किया, जिससे सत्र और अधिक रोचक एवं ज्ञानवर्धक बन गया। प्राचार्य डॉ. शैलेन्द्र त्यागी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के सत्र विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाते हैं तथा उन्हें उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर प्रयास करने और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने हेतु समर्पित रहने का संदेश दिया। विभागाध्यक्ष डॉ. मनप्रीत कौर ने अपने संदेश में कहा कि ऐसे सत्र विद्यार्थियों को सही दिशा प्रदान करते हैं तथा उन्हें अपने लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, निरंतर अभ्यास और सकारात्मक सोच को सफलता की कुंजी बताया।
अंत में, कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। यह सत्र विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा, मार्गदर्शन एवं अकादमिक उत्कृष्टता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
अन्नदाता का हक नहीं मार पाएंगे बिचौलिए – राजेश नागर मंडियों में अब तक लगभग 39.65 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई
फरीदाबाद। हरियाणा सरकार के खाद्य आपूर्ति मंत्री राजेश नागर ने कहा है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सूझबूझ के कारण आज बिचौलिए हमारे अन्नदाता का हक नहीं मार पा रहे हैं। हमने सीएम की अगुवाई में मंडियों की खरीद फरोख्त व्यवस्था में आधुनिक तकनीक का प्रयोग कर बिचौलियों की संभावना को खत्म कर दिया है। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा की मंडियों में रबी फसल की सफलतापूर्वक खरीद हो रही है और अब तक मंडियों में करीब 39.65 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है। इसमें करीब 2.44 लाख किसानों के 30.90 लाख मीट्रिक टन गेहूं का बायोमेट्रिक सत्यापन होने के उपरांत 10.92 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद भी हो गई और करीब 188 करोड़ रुपए की राशि किसानों के बैंक खाते में सीधे पहुंच भी गई है। उन्होंने बताया कि राज्य में रबी खरीद सीजन 2026 – 27 के दौरान सरसों की खरीद 28 मार्च 2026 एवं गेहूं की खरीद 1 अप्रैल से आरम्भ हो चुकी है। भारत सरकार द्वारा सरसों एवं गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य क्रमशः 6200 और 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। इसके तहत सरसों की खरीद के लिए 112 मंडियों अथवा खरीद केंद्रों और गेहूं की खरीद के लिए 416 मंडियों अथवा खरीद केंद्रों सहित 264 अतिरिक्त खरीद स्थानों पर भी फसल की खरीद जारी है। मंत्री राजेश नागर ने बताया कि राज्य में सरसों की खरीद हैफेड एवं गेहूं की खरीद खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, हैफेड, हरियाणा वेयर हाउसिंग कारपोरेशन तथा भारतीय खाद्य निगम द्वारा की जा रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा खाद्यान्नों की खरीद प्रक्रिया को ओर अधिक सुदृढ़ एवं पारदर्शिता बढ़ाने हेतु नए प्रावधान किये गए जिसमें किसानों का बायोमेट्रिक सत्यापन, वाहन का रजिस्ट्रशन नंबर, मंडियों/खरीद केंद्रों की जियो फेंसिंग, कैमरे आदि की व्यवस्था की गई। जिससे किसानों के समय की बचत हो रही है वहीं अन्नदाता के हक में सेंध लगाने की हर संभावना को खत्म कर दिया गया है। खाद्य मंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष रबी खरीद सीजन 2025 – 2026 के दौरान 12 अप्रैल 2025 तक राज्य भर की मंडियों में लगभग 20.39 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई थी और लगभग 10.47 लाख मीट्रिक टन की खरीद हुई थी और 174.39 करोड़ राशि का भुगतान किसानों की किया गया था। इस वर्ष सरकार द्वारा राज्य की मंडियों और खरीद केंद्रों में किसानों के बायोमेट्रिक सत्यापन हेतु 1281 मशीनें, 407 आँख की पुतली से पहचान (Iris Scanning devices) मशीनें स्थापित की गई हैं। इसके अलावा ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पर पंजीकृत किसान स्वयं अथवा उस द्वारा मनोनीत प्रतिनिधियों में से कोई भी एक व्यक्ति, मंडी में अपना बायोमेट्रिक सत्यापन करके फसल बेच सकता है। राजेश नागर ने बताया कि खरीद प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए लगभग 2500 और 114 तकनीकी स्टाफ नियुक्त किया गया है। वहीं राज्य की मंडियों में लगभग 932 कैमरे स्थापित किये गए हैं जिससे मंडियों की गतिविधियों की निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार ने खाद्यान्नों की खरीद के लिए पुख्ता प्रबंध किए हैं और राज्य के किसानों को अपनी उपज की बिक्री करने में कोई परेशानी नहीं आने नहीं दी जाएगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर पंजीकृत किसानों से उनका एक – एक दाने की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
गुरुग्राम/फरीदाबाद,12 अप्रैल। सुनील कुमार जांगड़ा, 167 लाभार्थियों की जांच वैसाखी के पावन अवसर पर रोटरी क्लब ऑफ न्यू गुरुग्राम ने सेक्टर 81 स्थित डीएलएफ अल्टीमा के निवासियों के सहयोग से सोसाइटी के सपोर्ट स्टाफ एवं आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए एक मेगा नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया। इस शिविर में उत्साहजनक भागीदारी देखने को मिली, जहां 167 लोगों की नि:शुल्क आंखों की जांच की गई। साथ ही जरूरतमंदों को नि:शुल्क दवाइयों का वितरण और 87 चश्मे प्रदान किए गए। लाभार्थियों में सुरक्षा कर्मी, हाउसकीपिंग एवं मेंटेनेंस स्टाफ, घरेलू सहायिकाएं, मजदूर और आसपास के गांवों के निवासी शामिल रहे।
इस पहल को सफल बनाने में डीएलएफ अल्टीमा के निवासियों और स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी रही, जिनके सहयोग से शिविर का सुचारू संचालन और व्यापक पहुंच सुनिश्चित हुई। यह शिविर रोटरी क्लब ऑफ न्यू गुरुग्राम द्वारा प्रायोजित एवं संचालित किया गया, जो डिस्ट्रिक्ट गवर्नर रोटेरियन रविंदर गुगनानी (डिस्ट्रिक्ट 3011) के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सोसाइटी के वरिष्ठ नागरिक दल द्वारा किया गया। इस अवसर पर रोटरी के सदस्यों में रोटेरियन राहुल अग्रवाल, रोटेरियन डॉ. राम के. यादव, रोटेरियन मिनी अग्रवाल, रोटेरियन प्रीति दीक्षित, रोटेरियन वनीता सखुजा, रोटेरियन प्रीति डोकानिया, रोटेरियन पियूष मित्तल, रोटेरियन लवनी अग्रवाल, रोटेरियन कमल लूथरा एवं रोटेरियन अतुल वर्मा उपस्थित रहे। युवा स्वयंसेवकों धृति अग्रवाल, साईशा सचदेव और रीत ने कतार प्रबंधन और शिविर के सफल संचालन में सराहनीय योगदान दिया। इस अवसर पर रोटरी क्लब ऑफ न्यू गुरुग्राम के अध्यक्ष रोटेरियन राहुल अग्रवाल ने कहा, “सच्ची सेवा वही है जो सबसे जरूरतमंद तक पहुंचे। यह पहल हमारे विस्तारित समुदाय को बेहतर दृष्टि और स्वस्थ जीवन प्रदान करने की दिशा में एक छोटा सा प्रयास है। इतनी बड़ी संख्या में सहभागिता हमें ऐसे सार्थक प्रोजेक्ट्स के माध्यम से निरंतर समाज सेवा के लिए प्रेरित करती है।”
सत्युग दर्शन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (SDIET), फरीदाबाद के विद्यार्थियों ने J.C. Bose University of Science and Technology YMCA द्वारा आयोजित “Shark Tank” प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए द्वितीय स्थान प्राप्त किया। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के लिए 70 से अधिक टीमों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया था, जिनमें से लगभग 24 टीमों को ऑफलाइन प्रस्तुति के लिए चयनित किया गया। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद शीर्ष 3 टीमों को विजेता घोषित किया गया, जिसमें SDIET की छात्र टीम ने द्वितीय स्थान हासिल कर संस्थान का गौरव बढ़ाया। प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने अपने नवाचारपूर्ण बिजनेस आइडियाज, प्रभावशाली प्रेजेंटेशन स्किल्स तथा व्यावसायिक समझ का शानदार प्रदर्शन किया, जिसे निर्णायकों द्वारा सराहा गया।
संस्थान के प्राचार्य डॉ. शैलेन्द्र त्यागी ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार की उपलब्धियां संस्थान की शैक्षणिक उत्कृष्टता और नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मंच विद्यार्थियों को अपने विचारों को व्यावहारिक रूप देने और उद्यमशीलता को विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं। अकादमिक कोऑर्डिनेटर श्री शिरीष गुप्ता ने भी विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि छात्रों की समर्पित तैयारी और मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में भी विद्यार्थी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे।
इस अवसर पर फैकल्टी सदस्यों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिन्होंने विद्यार्थियों का निरंतर मार्गदर्शन किया। संस्थान परिवार ने सभी विजेता विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
9 अप्रैल 2026, फरीदाबाद: मानव रचना ने मानव रचना नेशनल एप्टीट्यूड टेस्ट MRNAT 2026 के फेज़ 2 के लिए आवेदन ले रहा है। यह परीक्षा मानव रचना के दो विश्वविद्यालयों— मानव रचना इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च एंड स्टडीज़ (एमआरआईआईआरएस) और मानव रचना यूनिवर्सिटी (एमआरयू) — में 100 से अधिक अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है। एमआरआईआईआरएस को NAAC A++ ग्रेड मिला है, यह भारत की शीर्ष 100 निजी विश्वविद्यालयों में शामिल है और QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में शामिल होने वाली भारत की सिर्फ 54 यूनिवर्सिटीज़ में से एक है। वहीं एमआरयू को क्यूएस आई-गेज डायमंड रेटिंग मिली है और इसके स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग को प्लेटिनम रेटिंग दी गई है। इन विश्वविद्यालयों में 25 से अधिक डोमेन और 15 स्कूलों के तहत कई प्रोग्राम उपलब्ध हैं, जिनका ध्यान इंडस्ट्री से जुड़े और भविष्य के लिए तैयार शिक्षा पर है।
इस वर्ष MRNAT के माध्यम से कई नए और आधुनिक प्रोग्राम में प्रवेश मिलेगा, जैसे: बी.टेक इन साइबर फिजिकल सिस्टम्स , बीबीए इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एम.एससी. फिजिक्स (क्वांटम कंप्यूटिंग), बी.एससी. फॉरेंसिक साइंस, बीसीए ग्लोबल ड्यूल डिग्री और बी.डिज़ाइन ग्लोबल ड्यूल डिग्री (नाबा, इटली के साथ) MRNAT में प्रवेश प्रक्रिया दो चरणों में होती है। पहला चरण कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (सीबीटी) है और दूसरा वैल्यू एंड विज़न राउंड (वीवीआर)। सीबीटी में छात्रों का सामान्य टेस्ट होता है, जबकि वीवीआर में उनकी सोच, जागरूकता और करियर के लक्ष्यों को समझा जाता है। इससे छात्रों का चयन अधिक व्यापक तरीके से किया जाता है।
इस बारे में मानव रचना एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस की सीनियर डायरेक्टर (एडमिशन, आउटरीच एंड स्टूडेंट फैसिलिटेशन) डॉ. कनुप्रिया शेखर ने कहा, “मानव रचना में हमारा मानना है कि योग्य छात्रों को सही सहयोग मिलना चाहिए। MRNAT सिर्फ अंकों के आधार पर नहीं बल्कि छात्रों की क्षमता को पहचानने के लिए बनाया गया है। यह छात्रों को भविष्य की इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुसार पढ़ाई करने का अच्छा अवसर देता है।”
MRNAT के माध्यम से छात्रों को मेरिट बेस्ड स्कॉलरशिप भी मिलती है। पिछले वर्षों में लगभग 25–30% छात्रों को इस परीक्षा के माध्यम से स्कॉलरशिप मिली। उत्कर्ष और उत्तम जैसी योजनाओं के तहत छात्रों को 100% तक ट्यूशन फीस में छूट मिल सकती है, जो पढ़ाई में अच्छे प्रदर्शन पर जारी रहती है। यह परीक्षा देशभर में 19 राज्यों के 30 से अधिक टेस्ट सेंटर पर आयोजित की जाएगी, जिससे छात्रों को आसानी से परीक्षा देने का मौका मिलेगा। कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट निर्धारित सेंटर पर होगा, जबकि वैल्यू एंड विज़न राउंड ऑनलाइन और कैंपस दोनों तरीकों से आयोजित किया जाएगा।
MRNAT 2026 फेज-2 के लिए आवेदन 21 अप्रैल 2026 (रात 11:55 बजे) तक खुले रहेंगे। परीक्षा 25 से 27 अप्रैल 2026 के बीच आयोजित होगी और 23 अप्रैल 2026 से एडमिट कार्ड डाउनलोड किए जा सकेंगे। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे समय पर आवेदन पूरा करें ताकि एडमिशन और स्कॉलरशिप दोनों के लिए पात्र बन सकें। छात्र ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं: https://apply.manavrachna.edu.in/ किसी भी सहायता के लिए छात्र 0129-4259000 पर संपर्क कर सकते हैं। MRNAT के स्कोर एमआरआईआईआरएस और एमआरयू दोनों में मान्य हैं, जिससे मानव रचना के सभी संस्थानों में पारदर्शी और मेरिट के आधार पर एडमिशन प्रक्रिया सुनिश्चित होती है।
आईएमटी इंडस्ट्री एसोसिएशन (IIAF) द्वारा आज फरीदाबाद के डिप्टी लेबर कमिश्नर श्री अजयपाल डूडी जी के पुनः कार्यभार संभालने पर उनका हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया गया तथा उन्हें उज्ज्वल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दी गईं।इस अवसर पर श्री अजयपाल डूडी जी ने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से संवाद करते हुए आश्वस्त किया कि लेबर डिपार्टमेंट की ओर से उद्योगों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि विभाग पहले की तरह ही उद्योगों के साथ सकारात्मक सोच एवं समन्वय के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करता रहेगा, ताकि औद्योगिक वातावरण को और अधिक सुगम एवं सहयोगात्मक बनाया जा सके।एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भी विश्वास व्यक्त किया कि श्री अजयपाल डूडी जी के मार्गदर्शन में उद्योगों एवं लेबर विभाग के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा, जिससे औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगीइस अवसर पर IIAF के प्रधान श्री प्रमोद राणा की अगुवाई में श्री अजयपाल डूडी जी को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान श्री प्रमोद राणा के साथ श्री H. S. Sekhon, श्री डी.पी. यादव, श्री अजय सोमवंशी जी, श्री मिल्खराज जी, श्री सुभाष नागर जी, श्री राजेश Ghai जी सहित अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।अंत में IIAF ने उनके सफल एवं प्रभावी कार्यकाल की कामना करते हुए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
फरीदाबाद। ग्रेटर फरीदाबाद के तिगांव क्षेत्र में एकॉर्ड अस्पताल के सहयोग पर से स्वस्थ तिगांव की ओर एक कदम अभियान के तहत नि:शुल्क मेगा स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्घाटन करने के बाद मंत्री राजेश नागर ने कहा कि ऐसे शिविर समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने का माध्यम हैं और सरकार भी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने सभी से अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की अपील की। नागर ने कहा कि इस प्रकार के शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं क्योंकि रोग का समय पर पता चलने से उसका इलाज सरल हो जाता है। अजय नागर वाटिका में आयोजित इस शिविर में 200 से अधिक लोगों ने अपनी स्वास्थ्य की जांच कराई और विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लिया। कार्यक्रम में हरियाणा सरकार के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राजेश नागर मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। शिविर के दौरान अस्पताल के आर्थोपेडिक विभाग के चेयरमैन डॉ. युवराज कुमार और इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. उमेश कोहली ने मंत्री का स्वागत किया।
अस्पताल के आर्थोपेडिक डिपार्टमेंट चेयरमैन डॉ. युवराज कुमार के बताया कि बदलती जीवनशैली के कारण हड्डी और जोड़ से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं। संतुलित आहार और व्यायाम से इन समस्याओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट चेयरमैन डॉ. ऋषि गुप्ता ने कहा कि हृदय रोगों के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, समय पर जांच जरूरी है। नियमित जांच और स्वस्थ जीवनशैली से कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। इस अवसर पर कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट की डायरेक्टर डॉ. सिम्मी मनोचा, डॉ. उमेश कोहली, कार्डियो थोरेसिक वैस्कुलर सर्जन डॉ. बिज्जू शिवम पिल्लई, फेफड़े रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील नागर ने भी लोगों को रोगों की जांच के प्रति जागरूकता किया। इस दौरान शिविर में मरीजों को नि:शुल्क शुगर, ब्लड प्रेशर, बीएमडी, ईसीजी और पीएफटी जैसी जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।
इस अवसर पर अमन नागर, ग्रीवेंस सदस्य दयानंद नागर, गजेश अधाना, राजेंद्र बाबूजी, बिल्लू पहलवान, अजय नागर आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
फरीदाबाद, 4 अप्रैल 2026: मानव रचना एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (MREI) ने संस्थापक डॉ. ओ.पी. भल्ला की स्मृति में फाउंडर्स डे मनाया। इसके साथ ही वार्षिक तकनीकी उत्सव इनोस्किल 2026 का 9वां संस्करण भी आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम संस्थान के 30वें वर्ष की शुरुआत को भी दर्शाता है, जिसके तहत पूरे साल कई पहलें आयोजित की जाएंगी।फाउंडर्स डे संस्थान के उस मूल विचार को याद करने का अवसर है, जिसमें शिक्षा को केवल कक्षा तक सीमित न रखकर उसे प्रयोग, नवाचार और वास्तविक जीवन से जोड़ा जाता है।
3 और 4 अप्रैल को आयोजित इनोस्किल 2026 में लगभग 4000 छात्रों ने भाग लिया। इसमें मानव रचना इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च एंड स्टडीज़ (MRIIRS), मानव रचना विश्वविद्यालय (MRU), मानव रचना इंटरनेशनल स्कूल्स (MRIS) और 13 अन्य विश्वविद्यालयों और संस्थानों के छात्र शामिल हुए।कार्यक्रम में प्रतियोगिताएं, प्रदर्शनी और प्रोजेक्ट प्रस्तुति आयोजित की गईं, जिनका उद्देश्य स्वास्थ्य, जल, स्थिरता, कृषि और ग्रामीण तकनीक से जुड़ी वास्तविक समस्याओं के समाधान ढूंढना था।उद्घाटन सत्र में एल एंड टी सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजीज़ के हेड श्री अजेेश कपूर ने उद्योग और शिक्षा संस्थानों के बीच सहयोग की अहमियत पर जोर दिया। वहीं CII हरियाणा के चेयरमैन और बॉनी पॉलिमर्स के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री साकेत भाटिया ने भविष्य के लिए तैयार प्रतिभा बनाने में उद्यमिता और नवाचार की भूमिका पर बात की।इस अवसर पर मानव रचना एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के प्रेसिडेंट डॉ. प्रशांत भल्ला ने कहा,“मानव रचना में हमारा मुख्य उद्देश्य बेहतर इंसान बनाना रहा है। समय के साथ हमने ऐसा परिवेश बनाया है जहाँ जिज्ञासा को प्रोत्साहन मिलता है, सीख को आगे बढ़ाया जाता है और छात्र अपने विचारों को साकार कर पाते हैं । फाउंडर्स डे हमें इसी सोच की याद दिलाता है और यह जिम्मेदारी भी कि हम ऐसे लोगों को बनाए जो क्षमता और अच्छे चरित्र के साथ समाज में योगदान दे सकें।”मानव रचना एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के वाइस प्रेसिडेंट
डॉ. अमित भल्ला ने कहा,“आगे हमारा ध्यान इस पर रहेगा कि छात्र सीखने की प्रक्रिया में अधिक सक्रिय रूप से जुड़ें। इसके लिए विभिन्न विषयों को साथ लाना, उद्योग से जुड़ाव मजबूत करना और व्यावहारिक समस्याओं को हल करने के अधिक अवसर देना जरूरी है। हमारा लक्ष्य है कि छात्र अपने विचारों को लागू कर सकें और तेजी से बदलती दुनिया के लिए उपयोगी समाधान विकसित कर सकें।”कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण तकनीकी प्रदर्शनी और प्रोजेक्ट प्रस्तुति रही, जहां छात्रों ने अपने काम करने वाले मॉडल और प्रोटोटाइप प्रस्तुत किए। इनमें शामिल थे:• पोर्टेबल ECG डिवाइस, जो हृदय की बुनियादी जांच को अधिक सुलभ बनाने के लिए तैयार किया गया है।• एयरमाउस प्रो, एक टचलेस सिस्टम जिससे आवाज और हाथों के इशारों से कंप्यूटर को नियंत्रित किया जा सकता है।• फाइटोप्यूरिफायर, पौधों की बायोमास पर आधारित जल शुद्धिकरण प्रणाली।• हीलकॉर, टिकाऊ निर्माण को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया सीमेंट रहित वॉल प्लास्टर।• एब्रैसिव जेट मशीनिंग सेटअप, जो मैन्युफैक्चरिंग में उपयोग होने वाली तकनीक को दर्शाता है।इस फेस्ट में आठ क्षेत्रों—इंजीनियरिंग, बिजनेस और मैनेजमेंट, हेल्थकेयर, स्थिरता, क्यूलिनरी और हॉस्पिटैलिटी, लॉ, मीडिया और साहित्य, तथा डिजाइन—में कुल 39 प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इससे छात्रों को तकनीकी ज्ञान के साथ रचनात्मकता, आलोचनात्मक सोच और वास्तविक जीवन के अनुभवों को जोड़ने का अवसर मिला।प्रस्तुत कई प्रोजेक्ट्स सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (SDGs) से जुड़े थे, जिनमें स्वच्छ जल और स्वच्छता, अच्छा स्वास्थ्य और कल्याण, सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा तथा जलवायु कार्रवाई शामिल हैं। इन विचारों में से कई को आगे इनक्यूबेशन और अन्य सहयोग के माध्यम से विकसित किया जाएगा।तकनीकी प्रदर्शनी का उद्घाटन UNO मिंडा ग्रुप के चेयरमैन और ASSOCHAM के प्रेसिडेंट श्री निर्मल कुमार मिंडा ने किया। उन्होंने छात्रों को जिज्ञासु बने रहने, मौजूदा प्रणालियों पर सवाल उठाने और सहयोग तथा निरंतर सीखने के माध्यम से वास्तविक जरूरतों पर आधारित समाधान बनाने के लिए प्रेरित किया।इस कार्यक्रम को माइक्रोवर्ल्ड इन्फोसोल, वेदर कम्फर्ट इंजीनियर्स, एनएचपीसी, अपस्किल नेक्सस, थोर नेटवर्क, अनसैडटॉक्स एजुकेशन, डेल टेक्नोलॉजीज़ और UNO मिंडा ने प्रायोजित किया। इन संस्थाओं ने प्रोजेक्ट्स का मूल्यांकन करने और छात्रों के साथ बातचीत में भी भाग लिया।इस अवसर पर “30 Years to Infinity” नाम से एक विशेष लोगो भी लॉन्च किया गया, जो मानव रचना के 30वें वर्ष की शुरुआत का प्रतीक है। यह यात्रा नवाचार, अकादमिक उत्कृष्टता और उद्योग के साथ सहयोग से आगे बढ़ी है, और पूरे वर्ष कई नई पहलें आयोजित की जाएंगी।