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MI vs KKR IPL 2026: रोहित शर्मा-रिकेल्टन की तूफानी साझेदारी से मुंबई इंडियंस की 6 विकेट से जीत

मुंबई इंडियंस ने कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ आईपीएल 2026 के मुकाबले में शानदार जीत दर्ज की। वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस हाई-स्कोरिंग मैच में मुंबई ने 221 रन का विशाल लक्ष्य 6 विकेट खोकर हासिल कर लिया।

इस मुकाबले के हीरो रहे रोहित शर्मा और रयान रिकेल्टन, जिन्होंने पहले विकेट के लिए 148 रन की धमाकेदार साझेदारी की। रोहित ने 38 गेंदों पर 78 रन बनाए, जिसमें 6 चौके और 6 छक्के शामिल थे। वहीं, रिकेल्टन ने 43 गेंदों में 81 रन की तेजतर्रार पारी खेली।

इस जीत के साथ मुंबई इंडियंस ने 13 साल बाद आईपीएल का अपना ओपनिंग मैच जीता और साथ ही लीग इतिहास का अपना सबसे बड़ा रन चेज भी पूरा किया।

इससे पहले, कोलकाता नाइट राइडर्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 220 रन बनाए। टीम की ओर से कप्तान अजिंक्य रहाणे ने 67 रन की अहम पारी खेली, जबकि अंगकृष रघुवंशी ने 51 रन का योगदान दिया। इसके अलावा रिंकू सिंह ने भी उपयोगी 33 रन बनाए।

मुंबई की गेंदबाजी इस मैच में खास प्रभावी नहीं रही। शार्दुल ठाकुर ने जरूर 3 विकेट लेकर टीम को राहत दी, जबकि कप्तान हार्दिक पांड्या ने एक विकेट हासिल किया, लेकिन बाकी गेंदबाज विकेट लेने में नाकाम रहे।

लक्ष्य का पीछा करते हुए मुंबई के बल्लेबाजों ने आक्रामक शुरुआत की और पावरप्ले में ही मैच पर पकड़ बना ली। बाद में कुछ विकेट गिरने के बावजूद टीम ने मैच को अपने नाम कर लिया।

यह मुकाबला दर्शकों के लिए पूरी तरह ‘पैसा वसूल’ साबित हुआ, जिसमें चौकों-छक्कों की बारिश के बीच मुंबई इंडियंस ने दमदार अंदाज में जीत हासिल की।

RCB vs SRH IPL 2026: कोहली-पडिक्कल की तूफानी पारी से RCB की धमाकेदार जीत, 202 रन का लक्ष्य किया चेज

बेंगलुरु: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ आईपीएल 2026 के मुकाबले में शानदार जीत दर्ज की। 202 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम ने 6 विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया और अपने खिताब बचाने के इरादे जाहिर कर दिए।

मैच में देवदत्त पडिक्कल और विराट कोहली की आक्रामक बल्लेबाजी ने जीत की नींव रखी। पडिक्कल ने सिर्फ 26 गेंदों पर 61 रन बनाए, जिसमें 7 चौके और 4 छक्के शामिल थे। वहीं, कोहली ने 38 गेंदों पर नाबाद 69 रन की पारी खेली और अंत तक टीम को जीत दिलाकर लौटे।

कप्तान रजत पाटीदार ने भी तेज 31 रन बनाकर टीम को मजबूती दी। RCB ने यह लक्ष्य महज 15.4 ओवर में हासिल कर लिया।

इससे पहले, सनराइजर्स हैदराबाद ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 9 विकेट खोकर 201 रन बनाए। टीम की ओर से ईशान किशन ने कप्तानी पारी खेलते हुए 80 रन बनाए। उन्होंने हेनरिक क्लासेन के साथ मिलकर अहम साझेदारी की, जिससे टीम मजबूत स्कोर तक पहुंच सकी।

अंतिम ओवरों में अनिकेत वर्मा ने 43 रन की तेज पारी खेलकर स्कोर 200 के पार पहुंचाया।

गेंदबाजी में RCB के लिए जैकब डफी और रोमारियो शेफर्ड ने शानदार प्रदर्शन किया। दोनों ने तीन-तीन विकेट लेकर विपक्षी टीम को बड़ा स्कोर बनाने के बावजूद दबाव में रखा।

इस जीत के साथ RCB ने टूर्नामेंट में शानदार शुरुआत की है और साफ संकेत दिया है कि टीम इस सीजन भी खिताब की प्रबल दावेदार है।

क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता का निधन, ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल में ली अंतिम सांस; कैंसर से जूझ रहे थे

ग्रेटर नोएडा। भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का शुक्रवार सुबह करीब 4.36 बजे निधन हो गया है। उन्हें चौथे स्टेज का लिवर कैंसर था।

बीते मंगलवार को उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें ग्रेटर नोएडा के सेक्टर ओमेगा वन स्थित यथार्थ हास्पिटल में भर्ती करवाया गया था।

वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे पिता खानचंद सिंह

उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। उनकी सेहत लगातार बिगड़ती जा रही थी। पिता की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलते ही रिंकू सिंह मंगलवार को टीम इंडिया का साथ छोड़कर घर लौट आए थे। उस वक्त रिंकू टीम के साथ चेन्नई में थे। उन्हें टी-20 विश्वकप के दौरान टीम का प्रैक्टिस सेशन छोड़ना पड़ा था।

पिता ने हमेशा प्रोत्साहित किया 

गौरतलब है कि रिंकू सिंह ने हाल के वर्षों में भारतीय क्रिकेट में अपनी एक खास पहचान बनाई है। अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और मैच जिताऊ पारियों के लिए जाने जाने वाले रिंकू सिंह का क्रिकेट करियर काफी प्रेरणादायक रहा है।

उनके पिता खानचंद सिंह ने हमेशा उन्हें प्रोत्साहित किया और उनके क्रिकेटिंग सपनों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अलीगढ़ में होगा अंतिम संस्कार

सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार कि स्वजन पार्थिव शरीर को लेकर अपने गृह जनपद अलीगढ़ के लिए रवाना हो गए हैं। रिंकू सिंह की सफलता के पीछे उनके पिता का बड़ा योगदान माना जाता रहा है।

संघर्ष के दिनों में उन्होंने बेटे का हौसला बढ़ाया और हर कदम पर साथ खड़े रहे। इस दुखद क्षण में खेल जगत और प्रशंसक परिवार के प्रति संवेदना जता रहे हैं। वहीं लोग इंटरनेट मीडिया पर भी शोक व्यक्त कर रहे हैं।

67 साल बाद इतिहास: रणजी ट्रॉफी फाइनल में पहली बार पहुंची जम्मू-कश्मीर टीम
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भारतीय घरेलू क्रिकेट में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए जम्मू-कश्मीर क्रिकेट टीम ने नया इतिहास रच दिया है। 67 साल के लंबे इंतजार के बाद टीम ने पहली बार रणजी ट्रॉफी के फाइनल में जगह बनाई है। सेमीफाइनल मुकाबले में बंगाल क्रिकेट टीम को हराकर टीम ने यह बड़ी कामयाबी हासिल की। चौथे दिन सुबह 126 रन का लक्ष्य हासिल करते हुए जम्मू-कश्मीर ने यादगार जीत दर्ज की।

इस जीत के सबसे बड़े हीरो रहे आकिब नबी डार, जिन्होंने मैच में कुल 9 विकेट झटके, जिसमें पहली पारी के 5 विकेट शामिल रहे। गेंदबाजी के साथ-साथ बल्लेबाजी में भी अहम योगदान देखने को मिला। पहली पारी में 82 रन और दूसरी पारी में नाबाद 30 रन बनाकर उन्होंने टीम की जीत में निर्णायक भूमिका निभाई। अब फाइनल में जम्मू-कश्मीर का मुकाबला कर्नाटक क्रिकेट टीम और उत्तराखंड क्रिकेट टीम के बीच खेले जा रहे सेमीफाइनल की विजेता टीम से होगा।


रणजी फाइनल में पहली बार पहुंची टीम

16 फरवरी तक जम्मू-कश्मीर और बंगाल के बीच मुकाबला बेहद रोमांचक बना हुआ था, लेकिन 17 फरवरी को मैच का रुख पूरी तरह बदल गया। जम्मू-कश्मीर के गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विपक्षी टीम पर दबाव बना दिया।

आकिब नबी डार (4/36) और सुनील कुमार (4/27) की घातक गेंदबाजी के सामने बंगाल की दूसरी पारी सिर्फ 99 रन पर सिमट गई। इसी के साथ जम्मू-कश्मीर ने पहली बार रणजी ट्रॉफी फाइनल का टिकट पक्का कर लिया।


126 रन का लक्ष्य किया हासिल

जम्मू-कश्मीर को जीत के लिए 126 रन का लक्ष्य मिला था। तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक टीम ने 2 विकेट पर 43 रन बना लिए थे और चौथे दिन 83 रन की दरकार थी। वंशज शर्मा की नाबाद 43 रन की पारी और अब्दुल समद के नाबाद 30 रन की बदौलत टीम ने लक्ष्य हासिल कर ऐतिहासिक जीत दर्ज की।


शमी की घातक गेंदबाजी बेअसर

मैच में जम्मू-कश्मीर की पहली पारी 302 रन पर समाप्त हुई। मोहम्मद शमी ने शानदार गेंदबाजी करते हुए पहली पारी में 90 रन देकर 8 विकेट झटके, जबकि दूसरी पारी में भी 1 सफलता हासिल की। हालांकि उनका यह प्रदर्शन बंगाल को फाइनल में नहीं पहुंचा सका, लेकिन उन्होंने राष्ट्रीय टीम में वापसी के लिए मजबूत दावा जरूर पेश किया।


रचा ऐतिहासिक रिकॉर्ड

बंगाल पर जीत के साथ ही जम्मू-कश्मीर हिमालयी क्षेत्र की पहली टीम बन गई है, जिसने भारत की सबसे प्रतिष्ठित प्रथम श्रेणी क्रिकेट प्रतियोगिता के फाइनल में प्रवेश किया है। यह उपलब्धि राज्य के क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा अध्याय मानी जा रही है।