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67 साल बाद इतिहास: रणजी ट्रॉफी फाइनल में पहली बार पहुंची जम्मू-कश्मीर टीम
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भारतीय घरेलू क्रिकेट में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए जम्मू-कश्मीर क्रिकेट टीम ने नया इतिहास रच दिया है। 67 साल के लंबे इंतजार के बाद टीम ने पहली बार रणजी ट्रॉफी के फाइनल में जगह बनाई है। सेमीफाइनल मुकाबले में बंगाल क्रिकेट टीम को हराकर टीम ने यह बड़ी कामयाबी हासिल की। चौथे दिन सुबह 126 रन का लक्ष्य हासिल करते हुए जम्मू-कश्मीर ने यादगार जीत दर्ज की।

इस जीत के सबसे बड़े हीरो रहे आकिब नबी डार, जिन्होंने मैच में कुल 9 विकेट झटके, जिसमें पहली पारी के 5 विकेट शामिल रहे। गेंदबाजी के साथ-साथ बल्लेबाजी में भी अहम योगदान देखने को मिला। पहली पारी में 82 रन और दूसरी पारी में नाबाद 30 रन बनाकर उन्होंने टीम की जीत में निर्णायक भूमिका निभाई। अब फाइनल में जम्मू-कश्मीर का मुकाबला कर्नाटक क्रिकेट टीम और उत्तराखंड क्रिकेट टीम के बीच खेले जा रहे सेमीफाइनल की विजेता टीम से होगा।


रणजी फाइनल में पहली बार पहुंची टीम

16 फरवरी तक जम्मू-कश्मीर और बंगाल के बीच मुकाबला बेहद रोमांचक बना हुआ था, लेकिन 17 फरवरी को मैच का रुख पूरी तरह बदल गया। जम्मू-कश्मीर के गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विपक्षी टीम पर दबाव बना दिया।

आकिब नबी डार (4/36) और सुनील कुमार (4/27) की घातक गेंदबाजी के सामने बंगाल की दूसरी पारी सिर्फ 99 रन पर सिमट गई। इसी के साथ जम्मू-कश्मीर ने पहली बार रणजी ट्रॉफी फाइनल का टिकट पक्का कर लिया।


126 रन का लक्ष्य किया हासिल

जम्मू-कश्मीर को जीत के लिए 126 रन का लक्ष्य मिला था। तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक टीम ने 2 विकेट पर 43 रन बना लिए थे और चौथे दिन 83 रन की दरकार थी। वंशज शर्मा की नाबाद 43 रन की पारी और अब्दुल समद के नाबाद 30 रन की बदौलत टीम ने लक्ष्य हासिल कर ऐतिहासिक जीत दर्ज की।


शमी की घातक गेंदबाजी बेअसर

मैच में जम्मू-कश्मीर की पहली पारी 302 रन पर समाप्त हुई। मोहम्मद शमी ने शानदार गेंदबाजी करते हुए पहली पारी में 90 रन देकर 8 विकेट झटके, जबकि दूसरी पारी में भी 1 सफलता हासिल की। हालांकि उनका यह प्रदर्शन बंगाल को फाइनल में नहीं पहुंचा सका, लेकिन उन्होंने राष्ट्रीय टीम में वापसी के लिए मजबूत दावा जरूर पेश किया।


रचा ऐतिहासिक रिकॉर्ड

बंगाल पर जीत के साथ ही जम्मू-कश्मीर हिमालयी क्षेत्र की पहली टीम बन गई है, जिसने भारत की सबसे प्रतिष्ठित प्रथम श्रेणी क्रिकेट प्रतियोगिता के फाइनल में प्रवेश किया है। यह उपलब्धि राज्य के क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा अध्याय मानी जा रही है।

रश्मिका मंदाना-विजय देवरकोंडा की शादी होगी सुपर प्राइवेट, नो फोन पॉलिसी लागू
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साउथ फिल्म इंडस्ट्री की चर्चित जोड़ी विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की शादी को लेकर लंबे समय से चर्चाएं चल रही हैं। पहले उनकी शादी की तारीख 2 फरवरी बताई जा रही थी, बाद में खबर आई कि दोनों 26 फरवरी को शादी के बंधन में बंधेंगे। हाल ही में सोशल मीडिया पर उनकी शादी का कार्ड भी लीक होने की खबर सामने आई थी।

कब होगा रिसेप्शन?

बताया जा रहा है कि शादी समारोह में सिर्फ परिवार के सदस्य और बेहद करीबी दोस्त ही शामिल होंगे। जहां फैंस इस शादी को लेकर काफी उत्साहित हैं, वहीं इससे जुड़ी नई-नई जानकारियां भी सामने आ रही हैं। शादी राजस्थान के उदयपुर में आयोजित होगी। रिपोर्ट्स के अनुसार, शादी के बाद 4 मार्च को कपल ताज कृष्णा में एक ग्रैंड रिसेप्शन देगा, जिसमें अन्य मेहमानों को आमंत्रित किया जाएगा।

Vijay Deverakonda And Rashmika

शादी के बाद लेंगे ब्रेक

वेडिंग सेरेमनी को पूरी तरह प्राइवेट रखा जाएगा। 24 फरवरी से प्री-वेडिंग फंक्शन शुरू होंगे और 26 फरवरी को दोनों सात फेरे लेंगे। शादी की गोपनीयता बनाए रखने के लिए समारोह में नो फोन पॉलिसी लागू की जाएगी। मेहमानों को मोबाइल फोन इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होगी, ताकि शादी की रस्में निजी और खास बनी रहें। खबर यह भी है कि शादी के बाद कपल करीब एक महीने का ब्रेक ले सकता है।

शादी के लिए खास नियम

रिपोर्ट्स के मुताबिक, शादी में मेहमानों की संख्या बेहद सीमित रखी गई है। यहां तक कि फोटो और वीडियो कवरेज करने वाली टीम से भी गोपनीयता समझौता (एग्रीमेंट) साइन कराया गया है। जानकारी यह भी सामने आई है कि किसी बड़े सेलेब्रिटी गेस्ट को आमंत्रित नहीं किया गया। कपल ने अपने दोस्तों को हाथ से लिखे नोट भेजकर गिफ्ट्स न लाने और केवल आशीर्वाद देने का आग्रह किया है।

विजय और रश्मिका ने साथ में गीता गोविंदम और डियर कोमरेड जैसी फिल्मों में काम किया है। इन्हीं फिल्मों के दौरान दोनों की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री को खूब पसंद किया गया, जिसके बाद से ही उनके रिश्ते की चर्चाएं तेज हो गई थीं।

ऑपरेशन सिंदूर पर बनेगी फिल्म, निर्देशन की कमान संभालेंगे विवेक अग्निहोत्री

सच्ची घटनाओं, राजनीतिक विषयों और सामाजिक रूप से संवेदनशील मुद्दों पर फिल्में बनाने के लिए पहचाने जाने वाले फिल्ममेकर विवेक अग्निहोत्री अब एक और बड़े विषय को पर्दे पर लाने की तैयारी में हैं। उनकी फिल्मों की चर्चा अक्सर उनके कंटेंट और उससे जुड़े विवादों को लेकर होती रही है, लेकिन इस बार वह एक अहम सैन्य ऑपरेशन पर आधारित कहानी को सिनेमाई रूप देने की योजना बना रहे हैं।

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विवेक अग्निहोत्री के साथ आएंगे नजर

टी-सीरीज के प्रमुख भूषण कुमार, ‘बॉर्डर 2’ की सफलता के बाद अब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को बड़े पर्दे पर उतारने की तैयारी कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, पहलगाम में हुए आतंकी नरसंहार और उसके बाद भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों पर की गई जवाबी कार्रवाई पर आधारित इस वॉर ड्रामा के निर्देशन की जिम्मेदारी विवेक अग्निहोत्री संभालेंगे। बताया जा रहा है कि इस प्रोजेक्ट के लिए दोनों ने हाथ मिला लिया है।

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टी-सीरीज करेगा प्रोड्यूस

सूत्रों के मुताबिक, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को टी-सीरीज और आई एम बुद्धा प्रोडक्शन मिलकर प्रोड्यूस करेंगे, जबकि निर्देशन विवेक अग्निहोत्री करेंगे। फिल्म को बड़े पैमाने पर बनाने की तैयारी है और इसे एक हाई-इंटेंस वॉर ड्रामा के रूप में पेश किया जाएगा।

50 से ज्यादा आतंकी मारे गए थे

भारत ने 7 मई 2025 को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लॉन्च किया था, जिसके तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। इस कार्रवाई में 50 से अधिक आतंकियों के मारे जाने और करीब 60 के घायल होने की जानकारी सामने आई थी।

हमलों के दौरान कोटली, अहमदपुर शर्किया, मुज़फ़्फ़राबाद, मुरीदके और फ़ैसलाबाद सहित कई प्रमुख ठिकानों को टारगेट किया गया। भारतीय सेना ने स्पष्ट किया था कि ऑपरेशन बेहद सटीक रणनीति के तहत अंजाम दिया गया, ताकि अनावश्यक तनाव न बढ़े और किसी भी पाकिस्तानी सैन्य ठिकाने को निशाना न बनाया जाए।

हल्की बारिश से सुधरी दिल्ली-एनसीआर की हवा, GRAP-2 के प्रतिबंध हटाए गए
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दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में बुधवार को हल्की बारिश दर्ज की गई, जिससे वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला। बेहतर मौसम परिस्थितियों और घटते प्रदूषण स्तर को देखते हुए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत लागू स्टेज-2 एंटी-पॉल्यूशन प्रतिबंध हटा दिए गए हैं।

दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के बिगड़ते स्तर को देखते हुए 19 अक्टूबर 2025 को GRAP स्टेज-II लागू किया गया था, जिसे अब 18 फरवरी 2026 को हटा लिया गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार राजधानी का दिन का औसत AQI 214 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में होने के बावजूद सुधार की स्पष्ट प्रवृत्ति दर्शाता है।

सुबह कई इलाकों में हुई बूंदाबांदी

पिछले कुछ दिनों से बढ़ते तापमान के बीच बुधवार सुबह अक्षरधाम, मोती बाग, कर्तव्य पथ, सफदरजंग और पालम समेत राजधानी के कई हिस्सों में हल्की बारिश और बूंदाबांदी हुई। आसमान में बादल छाए रहे। एनसीआर के अन्य शहरों में भी इसी तरह का मौसम दर्ज किया गया। मौसम में बदलाव के बावजूद न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो मंगलवार की तुलना में 5.7 डिग्री अधिक है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राजधानी के मौसम में बदलाव आया है, जिसे लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया। विभाग ने बताया कि सुबह से कई स्थानों पर हल्की वर्षा हुई, जबकि दोपहर में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। साथ ही 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

मौसम विभाग का अनुमान है कि इस हल्की बारिश से तापमान में लंबे समय तक या बड़ी गिरावट आने की संभावना नहीं है। बुधवार की वर्षा से भले ही प्रदूषण और गर्मी से अस्थायी राहत मिली हो, लेकिन आने वाले दिनों में तापमान फिर सामान्य से अधिक बना रह सकता है।

30 मीटर हवा में उड़कर घर में घुसा ट्रक: अमेरिका में तेज रफ्तार का खौफनाक हादसा

अमेरिका से एक हैरान कर देने वाला सड़क हादसा सामने आया है, जहां तेज रफ्तार से दौड़ता एक ट्रक मिट्टी के टीले से उछलकर हवा में लगभग 30 मीटर तक उड़ता हुआ एक घर के भीतर जा घुसा। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें ट्रक को हवा में उछलते हुए साफ देखा जा सकता है।

यह दुर्घटना पिछले शुक्रवार तड़के करीब 3 बजे टाइगार्ड में हुई। स्थानीय पुलिस के अनुसार ट्रक पश्चिम दिशा में साउथवेस्ट स्कोल्स फेरी रोड पर जा रहा था। बताया गया कि चालक तेज गति और लापरवाही से वाहन चला रहा था। घर के दरवाजे पर लगे कैमरे की फुटेज में दिखा कि ट्रक पहले मिट्टी के टीले से उछला, फिर एक रिटेनिंग वॉल को पार करता हुआ सीधे मकान की दीवार से जा टकराया।

घर के बाथरूम में जा घुसा ट्रक

ट्रक डेविड ब्रुडनोक नामक व्यक्ति के घर के ग्राउंड फ्लोर स्थित बाथरूम में जा घुसा। ब्रुडनोक ने स्थानीय मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि कोई ट्रक उड़ते हुए घर में आ सकता है। अचानक तेज धमाका हुआ और पूरा घर हिल गया। नीचे जाकर देखा तो मकान का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था।

हादसे के समय ब्रुडनोक, उनकी पत्नी और तीनों छोटे बच्चे घर की ऊपरी मंजिल पर मौजूद थे। राहत की बात यह रही कि परिवार का कोई सदस्य घायल नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि वह ईश्वर के आभारी हैं कि घटना के वक्त पूरा परिवार ऊपर था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।

ड्राइवर पर केस दर्ज

दुर्घटना के बाद चालक खुद वाहन से बाहर निकल आया, जबकि दमकल विभाग की टीम ने मलबे में फंसे एक यात्री को सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस के अनुसार ड्राइवर और यात्री दोनों को मामूली चोटें आई हैं।

पुलिस ने 33 वर्षीय चालक जैकब हैंकिंस के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और अन्य लोगों की जान खतरे में डालने के आरोप में मामला दर्ज किया है। जांच अधिकारी फिलहाल दुर्घटना की पूरी परिस्थितियों की जांच कर रहे हैं, जिसमें ट्रक की रफ्तार और टक्कर से पहले की ड्राइविंग स्थिति का विश्लेषण शामिल है।

भारत वापसी पर अनिश्चितता: विजय माल्या ने बॉम्बे हाई कोर्ट में जताई कानूनी मजबूरी

भगोड़े कारोबारी विजय माल्या ने बुधवार को बॉम्बे हाई कोर्ट को बताया कि वह फिलहाल यह बताने की स्थिति में नहीं हैं कि वह कब भारत लौट पाएंगे। उन्होंने यूनाइटेड किंगडम में चल रही कानूनी कार्रवाइयों से उत्पन्न बाधाओं का हवाला दिया।

अपने वकील के माध्यम से उन्होंने अदालत को अवगत कराया कि यूनाइटेड किंगडम की अदालतों द्वारा जारी आदेश उन्हें इंग्लैंड और वेल्स छोड़ने, विदेश यात्रा की कोशिश करने, अंतरराष्ट्रीय यात्रा दस्तावेज़ के लिए आवेदन करने या उसे रखने से भी रोकते हैं। इन प्रतिबंधों के कारण वह भारत वापसी की कोई निश्चित समयसीमा बताने में असमर्थ हैं।

माल्या की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अमित देसाई ने अदालत से आग्रह किया कि उनकी दोनों याचिकाओं पर अलग-अलग सुनवाई की जाए, भले ही उनका मुवक्किल शारीरिक रूप से भारत में उपस्थित न हो सके। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के कुछ फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि कई मामलों में याचिकाकर्ता की अनुपस्थिति के बावजूद संवैधानिक अदालतों ने रिट याचिकाओं पर निर्णय दिए हैं।

यह घटनाक्रम अदालत के उस सख्त रुख के कुछ दिन बाद सामने आया है, जिसमें उसने कहा था कि वह फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर्स एक्ट के प्रावधानों को चुनौती देने वाली माल्या की अर्जी पर तब तक सुनवाई नहीं करेगा, जब तक वह स्वयं वापस आकर उसके अधिकार क्षेत्र में उपस्थित नहीं होते। अदालत ने यह भी स्पष्ट करने को कहा था कि यदि वह राहत चाहते हैं तो क्या उनकी भारत लौटने की मंशा है।

माल्या के वकील ने दलील दी कि इंग्लैंड की अदालतों के आदेश उनके देश छोड़ने की क्षमता पर रोक लगाते हैं, जिसके चलते वह भारत यात्रा की कोई समयसीमा तय नहीं कर पा रहे।

हालांकि, पीठ ने इस रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल इंग्लैंड की अदालतों के आदेशों का हवाला देना पर्याप्त नहीं है, जब तक यह स्पष्ट न हो कि उन आदेशों को चुनौती दी गई है या यात्रा की अनुमति मांगी गई है।

पीठ ने देसाई को निर्देश दिया कि एक विस्तृत हलफनामा दाखिल किया जाए, जिसमें यूके की अदालतों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों की प्रकृति, उन्हें चुनौती देने की स्थिति और भारत वापसी पर माल्या का स्पष्ट रुख दर्ज हो। अदालत ने हलफनामा दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय देते हुए मामले की अगली सुनवाई 11 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी।

अदालत ने दोहराया कि भगोड़ा घोषित कोई भी व्यक्ति भारतीय कानून के दायरे से बाहर रहकर अदालत से राहत की मांग नहीं कर सकता। कोर्ट ने यह भी कहा कि अपने खिलाफ चल रही कार्रवाई को चुनौती देते हुए माल्या न्यायिक प्रक्रिया से बच नहीं सकते।

इसी के मद्देनज़र, पीठ ने 2018 के कानून के खिलाफ उनकी याचिका पर सुनवाई के लिए उनकी शारीरिक वापसी या कम से कम ऐसा करने के स्पष्ट आश्वासन को अनिवार्य शर्त माना है।

बॉम्बे हाई कोर्ट में दायर मौजूदा याचिका में फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर्स एक्ट के प्रावधानों की संवैधानिक वैधता और उन्हें भगोड़ा घोषित किए जाने की कार्रवाई को चुनौती दी गई है।

लूनर न्यू ईयर के जश्न में मातम: चीन में पटाखा दुकान विस्फोट से 12 की मौत
चीन के हुबेई में पटाखों की दुकान में धमाका 12 लोगों की मौत (फाइल फोटो)

चीन में लूनर न्यू ईयर के जश्न के बीच एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। चीन के शियांगयांग शहर में पटाखों की एक दुकान में भीषण विस्फोट होने से 12 लोगों की मौत हो गई। धमाके के तुरंत बाद दुकान में आग लग गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

यह घटना बुधवार दोपहर लगभग 2 बजे झेंगजी टाउन में हुई, जो हुबेई प्रांत के अंतर्गत आता है। विस्फोट इतना तेज था कि करीब 50 वर्ग मीटर का क्षेत्र आग की चपेट में आ गया। राहत और बचाव दल ने करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

एक हफ्ते में दूसरा बड़ा हादसा

इसी सप्ताह का यह दूसरा बड़ा मामला है। रविवार को पूर्वी जियांग्सू प्रांत में पटाखों की दुकान में आग लगने से 8 लोगों की जान चली गई थी, जबकि दो अन्य घायल हुए थे। लगातार हो रही घटनाओं को देखते हुए चीनी सरकार ने मंगलवार को चेतावनी जारी की थी। सरकार ने कहा कि स्प्रिंग फेस्टिवल के दौरान पटाखे सबसे बड़े जोखिम के रूप में सामने आते हैं।

चीन में त्योहारों, विशेष रूप से लूनर न्यू ईयर के मौके पर पटाखों का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है। हालांकि सुरक्षा और वायु प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए कुछ शहरों में पटाखों पर प्रतिबंध भी लगाया गया है, लेकिन यह फैसला अक्सर बहस का विषय बना रहता है।

पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे

पटाखों से जुड़े हादसे चीन में पहले भी सामने आते रहे हैं। पिछले वर्ष जून में हूनान प्रांत स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट हुआ था, जिसमें 9 लोगों की मौत हुई थी और 26 लोग घायल हुए थे।

तिहाड़ से रिहा होने के बाद बदले राजपाल यादव के सुर, बोले—कानून सबके लिए बराबर, जेल सुधार जरूरी
तिहाड़ से रिहा होने के बाद बदले राजपाल यादव के सुर, बोले—कानून सबके लिए बराबर, जेल सुधार जरूरी

शाहजहांपुर। फिल्म अभिनेता राजपाल यादव ने कहा कि कानून की नजर में सभी बराबर होते हैं और यहां कोई छोटा-बड़ा नहीं होता। उन्होंने जेल व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता पर जोर देते हुए अच्छे आचरण वाले बंदियों को दोबारा मुख्यधारा में लौटने का अवसर देने की बात कही। चेक बाउंस मामले में तिहाड़ जेल से रिहा होने के बाद वह बुधवार को अपने पैतृक गांव कुंडरा पहुंचे।

मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि उनके कठिन समय में जिन लोगों ने प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से सहयोग किया, प्रार्थना की और उनका साथ दिया, वह उन सभी के आभारी हैं। उन्होंने सभी का धन्यवाद व्यक्त किया। राजपाल यादव ने खुद को भारतीय सिनेमा का जिम्मेदार अभिनेता बताते हुए कहा कि उन्होंने हास्य से लेकर गंभीर तक हर तरह की भूमिकाएं निभाई हैं।

उन्होंने कहा कि कला उनके लिए एक विज्ञान की तरह है और वह स्वयं को उसका विद्यार्थी मानते हैं। अभिनय उनका जुनून है, इसलिए उन्हें कभी काम तलाशने की जरूरत महसूस नहीं हुई। जेल में बिताए समय को याद करते हुए उन्होंने कहा कि जब हर क्षेत्र में आधुनिकीकरण हो रहा है, तो जेलों में भी सुधार और अपडेट की जरूरत है।

उन्होंने सुझाव दिया कि जिन बंदियों का आचरण और व्यवहार अच्छा है, जो अदालती प्रक्रियाओं में सक्रिय रूप से शामिल नहीं हो पा रहे या सजायाफ्ता हैं, ऐसे लगभग दस प्रतिशत बंदियों पर विचार कर उन्हें समाज की मुख्यधारा में लौटने का अवसर दिया जा सकता है। उनका मानना है कि घृणा पाप से होनी चाहिए, पापी से नहीं।

नौ करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें 30 दिन की अंतरिम जमानत दी थी। पांच फरवरी को सरेंडर करने के बाद उन्हें तिहाड़ जेल भेजा गया था। गुरुवार को उनकी भतीजी की शादी है, जिसमें शामिल होने के लिए वह अपने गृह जनपद शाहजहांपुर के कुंडरा गांव पहुंचे हैं।

अप्रैल से दिल्ली से जयपुर का सफर 4 घंटे में: NH-48 पर 6 नए फ्लाईओवर से बढ़ेगी रफ्तार
दिल्ली से जयपुर अब 4 घंटे में पूरा होगा सफर। (फाइल)
दिल्ली से जयपुर अब 4 घंटे में पूरा होगा सफर। (फाइल)

नई दिल्ली। अप्रैल से दिल्ली से जयपुर का सफर और भी तेज व सुगम होने जा रहा है। दिल्ली से जयपुर तक NH-48 के रास्ते यात्रा अब बिना रुकावट के पूरी की जा सकेगी। इसके लिए कई नए पुल और फ्लाईओवर तैयार किए जा रहे हैं, जिससे मार्ग अधिक स्मूथ, तेज और जाम-मुक्त होगा।

नए स्ट्रक्चर चालू होने के बाद दिल्ली से जयपुर पहुंचने में लगभग 4 से 4.5 घंटे का समय लगेगा। पहले जहां रास्ते में बार-बार रुकावटें आती थीं, वहीं अब पुराना हाईवे रूट बांदीकुई लिंक रोड के जरिए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के समान कनेक्टिविटी देने लगेगा।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) का लक्ष्य 31 मार्च तक निर्माणाधीन छह पुलों और फ्लाईओवर को शुरू करने का है। अधिकारियों के अनुसार, इन परियोजनाओं से लंबे समय से बनी ट्रैफिक बाधाएं खत्म होंगी, कैरिजवे की निरंतरता बेहतर होगी और गुड़गांव-कोटपुतली-जयपुर कॉरिडोर पर यातायात और अधिक सुरक्षित बनेगा।

पीक आवर ट्रैफिक से मिलेगी राहत

ट्रैफिक सिग्नल और एट-ग्रेड क्रॉसिंग की जगह ग्रेड सेपरेटर बनने से रोजाना यात्रा करने वाले लोगों और लंबी दूरी के ड्राइवरों को बड़ी राहत मिलेगी। खासतौर पर दिल्ली बॉर्डर के आसपास पीक आवर में जाम कम होगा, सुरक्षित मर्जिंग संभव होगी और वाहनों की रफ्तार एक समान बनी रहेगी।

कोटपुतली, बहरोड़ और दहमी में फ्लाईओवर पहले ही तैयार हो चुके हैं, जबकि खातोलाई में एक पुल को यातायात के लिए खोल दिया गया है। इनका उद्देश्य व्यस्त जंक्शनों पर भीड़ कम करना और पहले से दुर्घटना-प्रवण व सिग्नल-भारी चौराहों पर ट्रैफिक व्यवस्था सुधारना है।

शाहपुरा और बावल में अंतिम चरण का काम

शाहपुरा और बावल में दो अन्य फ्लाईओवरों का निर्माण जारी है। इसके साथ सोतानाला, नीलका और नीझर में बन रहे पुल भी अंतिम चरण में हैं। इनके शुरू होने के बाद ब्लैक स्पॉट खत्म होने और स्थानीय चौराहों पर लगने वाले स्टॉपेज टाइम में भारी कमी आने की उम्मीद है।