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Satyug Darshan Institute of Engineering and Technology में फेस्ट का दूसरा दिन: तकनीकी नवाचार, रणनीति और युवा ऊर्जा का शानदार संगम

सत्युग दर्शन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (SDIET), फरीदाबाद में वार्षिक फेस्ट का दूसरा दिन (27/02/2026) तकनीकी गतिविधियों से भरपूर और अत्यंत ऊर्जावान रहा। पूरे परिसर में चल रही तकनीकी गतिविधियों ने छात्रों में नवाचार, रणनीतिक सोच, डिजिटल कौशल और आपसी सहयोग की भावना को सशक्त किया।

दिन का प्रमुख आकर्षण Ideathon 2026 रहा, जिसमें विभिन्न विभागों के रचनात्मक और नवोन्मेषी छात्रों ने भाग लिया। इस आयोजन ने वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान हेतु विचार-विमर्श, टीमवर्क और नवाचार को एक सशक्त मंच प्रदान किया। छात्रों ने अपने सुव्यवस्थित प्रस्तुतिकरण के माध्यम से आलोचनात्मक सोच, आत्मविश्वास और रचनात्मकता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। प्रस्तुत प्रत्येक विचार ने यह संदेश दिया कि नवाचार की शुरुआत एक सशक्त विचार से होती है।

Ideathon के साथ-साथ परिसर में अन्य तकनीकी गतिविधियाँ निरंतर जारी रहीं, जिससे युवाओं में अनुभवात्मक सीख, समस्या-समाधान क्षमता और उद्योग-उन्मुख सोच को बढ़ावा मिला।

फेस्ट में रोमांच और डिजिटल उत्साह जोड़ते हुए BGMI@2026 एवं Free Fire@2026 गेमिंग प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं में छात्रों ने अत्यंत उत्साह के साथ भाग लिया और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता, रणनीतिक गेमप्ले, समन्वय, अनुकूलनशीलता एवं टीमवर्क का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इन आयोजनों ने स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, डिजिटल कौशल विकास तथा विभिन्न विभागों के छात्रों के बीच आपसी संवाद और टीम बॉन्डिंग को सुदृढ़ किया। दर्शकों ने भी रोमांचक मुकाबलों और रोमक क्षणों का भरपूर आनंद लिया।

इसके अतिरिक्त, आयोजित शतरंज प्रतियोगिता ने रणनीतिक कौशल और खेल भावना को उजागर किया। विभिन्न विभागों के छात्रों ने धैर्य, दूरदर्शिता और सटीक निर्णय क्षमता का परिचय दिया। प्रतियोगिता में आदित्य कुमार (CSE 6-A) ने विजेता बनकर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

डॉ. शैलेन्द्र कुमार, प्रधानाचार्य, SDIET ने छात्रों की उत्साहपूर्ण भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के तकनीकी एवं सह-पाठ्यक्रमीय आयोजन छात्रों में नवाचार, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और समग्र व्यक्तित्व विकास को प्रोत्साहित करते हैं। उन्होंने कहा कि तकनीकी फेस्ट शैक्षणिक ज्ञान, रचनात्मकता और व्यावहारिक अनुभव का उत्कृष्ट समन्वय प्रदान करते हैं, जिससे छात्र भविष्य की चुनौतियों के लिए सक्षम बनते हैं।

कुल मिलाकर, फेस्ट का दूसरा दिन नवाचार, बौद्धिक क्षमता, रणनीति और डिजिटल सहभागिता का एक प्रेरणादायक उदाहरण रहा, जो SDIET की समग्र छात्र विकास और तकनीकी उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

अजमतगढ़ ब्लॉक में 3.90 करोड़ की विकास कार्य योजना पर मुहर, क्षेत्र पंचायत बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित

आजमगढ़ जनपद के सगड़ी क्षेत्र स्थित अजमतगढ़ ब्लॉक सभागार में गुरुवार को क्षेत्र पंचायत की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता ब्लॉक प्रमुख अलका मिश्रा ने की।बैठक में आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 3 करोड़ 90 लाख रुपये की विकास कार्य योजना को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। साथ ही पिछले वर्ष कराए गए विकास कार्यों की कार्यवृत्ति पर भी विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी परिचित खटाना ने जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण, फार्मर रजिस्ट्री, आयुष्मान कार्ड और फैमिली आईडी निर्माण में विशेष सक्रियता बरतने के निर्देश दिए।खंड विकास अधिकारी जितेंद्र कुमार मिश्र ने क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत और ग्राम पंचायत सदस्यों को निर्देशित किया कि सभी अपनी-अपनी कार्य योजनाएं 28 फरवरी तक अनिवार्य रूप से तैयार कर सम्मिलित करें।प्रमुख प्रतिनिधि मनीष कुमार मिश्र ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में अजमतगढ़ ब्लॉक ने विकास कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति की है। जनपद का बड़ा ब्लॉक होने के बावजूद विकास के मामले में पीछे नहीं रहा है।

उन्होंने बताया कि प्रत्येक गांव में शौचालय निर्माण, आरओ सिस्टम, प्रकाश व्यवस्था, सीसी रोड, नाली, खड़ंजा, तटबंध और चकमार्ग जैसे कार्य कराए गए हैं। विकास की नई गाथा लिखी गई है और भविष्य में भी अजमतगढ़ ब्लॉक जनपद ही नहीं, बल्कि प्रदेश में अग्रणी स्थान प्राप्त करेगा।बैठक में जिला पंचायत सदस्य रामबृक्ष गौतम, सूर्यनाथ यादव, अर्जुन कुमार, जनार्दन राम, एडियो पंचायत सुभाष चंद्र शर्मा, सुमेश यादव, मोहम्मद साहेदीन, अरुण श्रीवास्तव, विजय चौहान सहित कई जनप्रतिनिधि और प्रधान प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

सुनेत्रा पवार बनीं NCP की राष्ट्रीय अध्यक्ष, अजित पवार के निधन के बाद सर्वसम्मति से फैसला

सुनेत्रा पवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है। यह निर्णय पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया।

पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल ने इस फैसले की आधिकारिक जानकारी दी। गौरतलब है कि करीब एक महीने पहले पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार का विमान दुर्घटना में निधन हो गया था। 28 जनवरी 2026 को बारामती में हुई इस दुर्घटना ने राज्य की राजनीति को झकझोर दिया था।

पार्टी नेताओं ने जताया भरोसा

महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष सुनिल तटकरे ने सुनेत्रा पवार के नाम का समर्थन करते हुए इसे पार्टी के लिए महत्वपूर्ण निर्णय बताया। राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सभी सदस्यों ने हाथ उठाकर उनके नेतृत्व पर भरोसा जताया।

बैठक के दौरान दिवंगत नेता अजित पवार को श्रद्धांजलि भी दी गई। उनके निधन के बाद पार्टी में उत्पन्न नेतृत्व संकट के बीच सुनेत्रा पवार को पहले एनसीपी विधायक दल का नेता चुना गया था।

उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी

31 जनवरी को उन्हें महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई थी। वह राज्य के इतिहास में इस पद पर पहुंचने वाली पहली महिला बनीं। वर्तमान में वह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री भी हैं।

उनके पास राज्य आबकारी, खेल एवं युवा कल्याण, अल्पसंख्यक विकास और वक्फ जैसे अहम विभाग हैं। 26 फरवरी को उन्होंने आधिकारिक रूप से पार्टी अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया।

सामाजिक कार्य से राष्ट्रीय नेतृत्व तक

सुनेत्रा पवार का राजनीतिक सफर तेजी से आगे बढ़ा है। वह हाल ही में राज्यसभा सदस्य बनी थीं और कुछ ही हफ्तों में पार्टी और सरकार दोनों में शीर्ष जिम्मेदारियां संभाल लीं।

उन्होंने वर्षों तक बारामती क्षेत्र में शैक्षणिक और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई। बारामती में शैक्षणिक संस्थानों के प्रबंधन से लेकर पर्यावरण से जुड़े अभियानों तक, उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है।

साल 2024 में उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा और बारामती लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा। हालांकि उन्हें वहां हार का सामना करना पड़ा, लेकिन बाद में उन्हें राज्यसभा भेजा गया। इसके बाद पार्टी में उनकी भूमिका लगातार मजबूत होती गई और अब वह एनसीपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गई हैं।

अल्मोड़ा में दर्दनाक सड़क हादसा: शादी से लौट रही कार 100 मीटर गहरी खाई में गिरी, 11 माह के मासूम समेत तीन की मौत

होली से पहले अल्मोड़ा जिले में एक हृदयविदारक सड़क हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। ताकुला–अल्मोड़ा मोटर मार्ग पर बसौली के पास गुरुवार को शादी समारोह से लौट रही एक ब्रेजा कार अनियंत्रित होकर लगभग 100 मीटर गहरी खाई में गिर गई। हादसे में 11 माह के मासूम सहित तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

बताया जा रहा है कि सभी लोग झिझाड़ गांव में एक वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होकर दिल्ली लौट रहे थे। बसौली के समीप चालक अर्जुन कुमार (35) वाहन से नियंत्रण खो बैठे और कार सीधे खाई में जा गिरी। देखते ही देखते खुशियों का माहौल मातम में बदल गया।

दुर्घटना में 11 माह के रेहान पुत्र महेश आर्या और मंजू देवी (45) पत्नी गोपाल राम की जान चली गई। इस हादसे में एक पिता ने अपने मासूम बेटे को खो दिया तो एक पति ने अपनी जीवनसंगिनी को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया।

हादसे में महेश आर्या, गोपाल राम, जया देवी, संजय कुमार (18) और चालक अर्जुन कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी का इलाज अल्मोड़ा के बेस अस्पताल में चल रहा है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।

घटना की सूचना मिलते ही ताकुला चौकी पुलिस, स्थानीय ग्रामीणों और अल्मोड़ा से पहुंची फायर सर्विस टीम ने संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाया। घायलों को कड़ी मशक्कत के बाद खाई से बाहर निकाला गया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ताकुला में प्राथमिक उपचार के बाद सभी को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।

फिलहाल पुलिस हादसे के कारणों की जांच में जुटी है। इस दर्दनाक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है और मृतकों के घरों में कोहराम मचा हुआ है।

चारधाम यात्रा 2026: इस बार बस किराया नहीं बढ़ेगा, हरिद्वार से 4450 और ऋषिकेश से 4250 रुपये तय

संवाददाता, ऋषिकेश || चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों के लिए इस बार राहत भरी खबर है। यात्रा के दौरान बसों का संचालन करने वाली संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति ने स्पष्ट किया है कि इस साल बस किराए में किसी भी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। राज्य में पंजीकृत सभी बसें रोटेशन व्यवस्था के तहत यात्रा में शामिल होंगी।

चारधाम यात्रा में दस परिवहन कंपनियां संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति के अंतर्गत बसों का संचालन करती हैं। गुरुवार को सर्वसम्मति से रोटेशन व्यवस्था का विधिवत गठन किया गया। इससे पहले गढ़वाल मोटर आनर्स यूनियन से जुड़े भास्करानंद भारद्वाज को समिति का अध्यक्ष चुना जा चुका है।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि उत्तराखंड में पंजीकृत सभी बसों को रोटेशन व्यवस्था के तहत ही यात्रा में संचालित किया जाएगा। समिति ने इस वर्ष किराए में किसी भी प्रकार की वृद्धि न करने का फैसला लिया है। चारधाम यात्रा का किराया पूर्व की भांति ही रहेगा। हरिद्वार से प्रति सीट 4450 रुपये और ऋषिकेश से 4250 रुपये निर्धारित किए गए हैं। संयुक्त रोटेशन व्यवस्था के तहत बसों को यात्रा में भेजने के लिए लॉटरी प्रणाली अपनाई जाती है।

लॉटरी में निकले नंबर के आधार पर ही वाहनों को यात्रा में भेजा जाता है। बैठक में समिति के अध्यक्ष भास्करानंद भारद्वाज सहित विभिन्न परिवहन संगठनों के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। बैठक का संचालन अजय बधानी द्वारा किया गया।

अप्रैल में शुरू होगी चारधाम यात्रा

इस वर्ष चारधाम यात्रा अप्रैल माह में प्रारंभ होगी। 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के अवसर पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। इसके बाद 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम और 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे।

संयुक्त रोटेशन व्यवस्था में शामिल प्रमुख संस्थाएं

  • हरिद्वार कांट्रेक्टर
  • गढ़वाल मोटर आनर्स यूनियन
  • टिहरी गढ़वाल मोटर आनर्स
  • यातायात
  • गढ़वाल मंडल कांट्रेक्ट कैरेज
  • रूपकुंड पर्यटन विकास समिति
  • सीमांत सहकारी संघ लिमिटेड
  • दून वैली कांट्रेक्ट कैरेज एसोसिएशन
  • गढ़वाल मोटर यूजर्स
  • गढ़वाल मंडल बहुउद्देशीय सहकारी समिति
क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता का निधन, ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल में ली अंतिम सांस; कैंसर से जूझ रहे थे

ग्रेटर नोएडा। भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का शुक्रवार सुबह करीब 4.36 बजे निधन हो गया है। उन्हें चौथे स्टेज का लिवर कैंसर था।

बीते मंगलवार को उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें ग्रेटर नोएडा के सेक्टर ओमेगा वन स्थित यथार्थ हास्पिटल में भर्ती करवाया गया था।

वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे पिता खानचंद सिंह

उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। उनकी सेहत लगातार बिगड़ती जा रही थी। पिता की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलते ही रिंकू सिंह मंगलवार को टीम इंडिया का साथ छोड़कर घर लौट आए थे। उस वक्त रिंकू टीम के साथ चेन्नई में थे। उन्हें टी-20 विश्वकप के दौरान टीम का प्रैक्टिस सेशन छोड़ना पड़ा था।

पिता ने हमेशा प्रोत्साहित किया 

गौरतलब है कि रिंकू सिंह ने हाल के वर्षों में भारतीय क्रिकेट में अपनी एक खास पहचान बनाई है। अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और मैच जिताऊ पारियों के लिए जाने जाने वाले रिंकू सिंह का क्रिकेट करियर काफी प्रेरणादायक रहा है।

उनके पिता खानचंद सिंह ने हमेशा उन्हें प्रोत्साहित किया और उनके क्रिकेटिंग सपनों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अलीगढ़ में होगा अंतिम संस्कार

सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार कि स्वजन पार्थिव शरीर को लेकर अपने गृह जनपद अलीगढ़ के लिए रवाना हो गए हैं। रिंकू सिंह की सफलता के पीछे उनके पिता का बड़ा योगदान माना जाता रहा है।

संघर्ष के दिनों में उन्होंने बेटे का हौसला बढ़ाया और हर कदम पर साथ खड़े रहे। इस दुखद क्षण में खेल जगत और प्रशंसक परिवार के प्रति संवेदना जता रहे हैं। वहीं लोग इंटरनेट मीडिया पर भी शोक व्यक्त कर रहे हैं।