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मानेसर में पहली बार माको रोबोटिक नी रिप्लेसमेंट: फोर्टिस मानेसर ने जटिल घुटना रोगों का किया सफल इलाज


मानेसर, 25 फरवरी 2026: घुटनों का पुराना दर्द केवल एक शारीरिक समस्या नहीं, बल्कि यह व्यक्ति की स्वतंत्रता, आत्मविश्वास और जीवन की गुणवत्ता को भी प्रभावित करता है। खासकर बुजुर्ग मरीजों के लिए यह समस्या समय के साथ गंभीर रूप ले लेती है। ऐसे में यदि सर्जरी को टाल दिया जाए, तो वर्षों तक सीमित मोबिलिटी और असहनीय दर्द का सामना करना पड़ता है।

इसी चुनौती के समाधान के रूप में Fortis Hospital Manesar ने क्षेत्र में पहली बार वर्ल्ड-क्लास MAKO रोबोटिक-आर्म असिस्टेड नी रिप्लेसमेंट सर्जरी की सुविधा शुरू की है। यह तकनीक पारंपरिक सर्जरी से कहीं अधिक सटीक, सुरक्षित और व्यक्तिगत (पर्सनलाइज्ड) उपचार प्रदान करती है।

🔬 क्या है MAKO रोबोटिक तकनीक?

MAKO सिस्टम एडवांस 3D CT-आधारित प्री-सर्जिकल प्लानिंग और रोबोटिक-आर्म असिस्टेंस पर आधारित है। इससे सर्जन मरीज की हड्डियों की संरचना के अनुसार सटीक प्लानिंग कर सकते हैं।

इसके प्रमुख लाभ:

  • इंप्लांट की सटीक फिटिंग
  • हेल्दी बोन और सॉफ्ट टिश्यू की सुरक्षा
  • कम दर्द और तेज रिकवरी
  • बेहतर मोबिलिटी और आत्मनिर्भरता

👩‍⚕️ सफल मामलों की झलक

✔ 68 वर्षीय आशा देशवाल

एडवांस ऑस्टियोआर्थराइटिस से पीड़ित आशा देशवाल की बाइलेटरल रोबोटिक टोटल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी की गई। सर्जरी के मात्र 6 घंटे बाद ही वे खड़ी होने और चलने में सक्षम हो गईं। आज वे बिना सहारे चलती हैं और आत्मविश्वास के साथ सीढ़ियां चढ़ती हैं।

✔ 69 वर्षीय नीलम भयाना

15 वर्षों से घुटनों के दर्द से जूझ रहीं नीलम भयाना अब सर्जरी के बाद सामान्य जीवन जी रही हैं और पारिवारिक समारोहों में सक्रिय भागीदारी कर रही हैं।

✔ 69 वर्षीय राधिया देवी

गंभीर दर्द से परेशान राधिया देवी सर्जरी के 24 घंटे के भीतर अपने पैरों पर खड़ी हो गईं और अब आत्मनिर्भर जीवन जी रही हैं।

✔ 74 वर्षीय प्रेम चंद पाहवा

गंभीर बो-लेग डिफॉर्मिटी से पीड़ित प्रेम चंद पाहवा अब MAKO रोबोटिक सर्जरी के बाद सीधे खड़े होकर चल पा रहे हैं। उनका दर्द कम हुआ है और आत्मविश्वास लौटा है।


🗣 विशेषज्ञ की राय

डॉ. रोहित लांबा, डायरेक्टर – ऑर्थोपिडिक्स, Fortis Healthcare से संबद्ध Fortis Hospital Manesar ने कहा कि भारत में ऑस्टियोपोरोसिस और बोन डिजेनरेशन की समस्या तेजी से बढ़ रही है, खासकर महिलाओं में लो बोन मिनरल डेंसिटी आम होती जा रही है। ऐसे में रोबोटिक-असिस्टेड जॉइंट रिप्लेसमेंट भविष्य की सुरक्षित और प्रभावी सर्जरी तकनीक साबित हो रही है।

वहीं, फैसिलिटी डायरेक्टर अभिजीत सिंह के अनुसार, अब बुजुर्ग मरीजों को एडवांस जॉइंट केयर के लिए दिल्ली या अन्य मेट्रो शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। वर्ल्ड-क्लास रोबोटिक ऑर्थोपिडिक इलाज अब मानेसर में ही उपलब्ध है।


मानेसर जैसे तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक और आवासीय क्षेत्र में इस तरह की अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधा का आना न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करता है, बल्कि बुजुर्गों और ऑर्थोपिडिक मरीजों के लिए नई उम्मीद भी जगाता है।

MAKO रोबोटिक सर्जरी केवल एक तकनीकी उन्नति नहीं, बल्कि यह मरीजों को दर्द से मुक्ति, आत्मनिर्भरता और बेहतर जीवन गुणवत्ता की ओर लौटाने का एक सशक्त माध्यम बन रही है।

SATTE 2026 से पहले नई दिल्ली में Tourism Malaysia की प्रेस कॉन्फ्रेंस, भारत के साथ पर्यटन सहयोग को मिली नई गति

नई दिल्ली, 24 फरवरी 2026। Tourism Malaysia ने SATTE 2026 में भागीदारी से पहले नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से भारतीय आउटबाउंड पर्यटन बाजार के प्रति अपनी मजबूत प्रतिबद्धता को दोहराया। इस संवाद का उद्देश्य भारत और मलेशिया के बीच पर्यटन सहयोग को और सुदृढ़ करना था।

प्रेस कॉन्फ्रेंस को टूरिज्म मलेशिया के चेयरमैन वाय.बी.एच.जी. दातुक मनोहरन पेरियासामी और भारत में मलेशिया के उच्चायुक्त दातो’ मुज़ाफ़र शाह मुस्तफ़ा ने संबोधित किया। कार्यक्रम में ट्रैवल ट्रेड पार्टनर्स, एयरलाइंस प्रतिनिधि, पर्यटन उद्योग से जुड़े हितधारक और मीडिया के सदस्य मौजूद रहे।

यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब मलेशिया अपने वैश्विक अभियान Visit Malaysia Year 2026 (VM2026) के तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय प्रचार-प्रसार को तेज कर रहा है।


मजबूत प्रदर्शन, भारत प्रमुख स्रोत बाजार

मलेशिया ने वर्ष 2025 में 4.22 करोड़ अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों का स्वागत किया, जो 2024 की तुलना में 14.6% अधिक है। भारत मलेशिया के लिए तेजी से उभरता और महत्वपूर्ण स्रोत बाजार बना हुआ है। वर्ष 2025 में 16 लाख से अधिक भारतीय पर्यटक मलेशिया पहुंचे, जो इस गंतव्य के प्रति बढ़ते विश्वास और आकर्षण को दर्शाता है।

चेयरमैन दातुक मनोहरन पेरियासामी ने कहा कि भारत मलेशिया की अंतरराष्ट्रीय पर्यटन रणनीति में केंद्रीय भूमिका निभाता है। उन्होंने जोर दिया कि दोनों देशों के मजबूत द्विपक्षीय संबंध और मलेशिया की सुरक्षित, विविधतापूर्ण एवं उच्च-मूल्य गंतव्य की छवि भारतीय पर्यटकों की बढ़ती संख्या का आधार हैं।


भारतीय बाजार पर विशेष फोकस

भारत में मलेशिया के उच्चायुक्त दातो’ मुज़ाफ़र शाह मुस्तफ़ा ने बताया कि भारतीय बाजार ने अवकाश पर्यटन, MICE, डेस्टिनेशन वेडिंग और प्रीमियम ट्रैवल सेगमेंट में उत्साहजनक प्रदर्शन किया है। बेहतर हवाई संपर्क और भारतीय नागरिकों के लिए वीज़ा-फ्री सुविधा जारी रहने से 2026 में और अधिक वृद्धि की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि टियर-I, टियर-II और टियर-III शहरों में व्यापारिक साझेदारी को मजबूत करना प्राथमिकता है, ताकि गुणवत्तापूर्ण और टिकाऊ पर्यटन अनुभव प्रदान किए जा सकें।


बेहतर कनेक्टिविटी से बढ़ेगा सहयोग

भारत और मलेशिया के बीच प्रति सप्ताह 240 से अधिक उड़ानों का संचालन हो रहा है। वीज़ा-फ्री प्रवेश की सुविधा भी भारतीय यात्रियों के लिए यात्रा को और सुगम बना रही है। यह कनेक्टिविटी VM2026 अभियान के तहत पर्यटन वृद्धि को गति देने में सहायक मानी जा रही है।


24 फरवरी को आयोजित प्रमुख कार्यक्रम

SATTE 2026 से पहले नई दिल्ली में टूरिज्म मलेशिया ने तीन प्रमुख रणनीतिक कार्यक्रम आयोजित किए—

  • वेडिंग सेमिनार: मलेशिया को भव्य भारतीय शादियों के लिए आदर्श डेस्टिनेशन के रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसमें लग्ज़री वेन्यू और सांस्कृतिक अनुकूल सेवाओं पर जोर रहा।
  • MICE बी2बी सत्र: मलेशियाई पर्यटन उद्योग और भारतीय कॉर्पोरेट प्लानर्स के बीच सीधा संवाद स्थापित किया गया।
  • मलेशिया नेटवर्किंग डिनर 2026: ट्रैवल ट्रेड पार्टनर्स, एयरलाइंस, वेडिंग प्लानर्स और मीडिया के साथ सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से विशेष आयोजन।

सतत पर्यटन विकास पर जोर

Malaysia Tourism Promotion Board, जो मलेशिया सरकार के पर्यटन, कला और संस्कृति मंत्रालय (MOTAC) के अंतर्गत कार्यरत है, देश को वैश्विक पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने के लिए कार्य कर रहा है।

VM2026 अभियान संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (UNSDGs) के अनुरूप टिकाऊ और समावेशी पर्यटन विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य मलेशिया की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और विविध पर्यटन उत्पादों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करना है।


यह प्रेस कॉन्फ्रेंस भारत और मलेशिया के बीच पर्यटन साझेदारी को नई ऊर्जा देने के साथ-साथ VM2026 के लिए मजबूत आधार तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

जल है तो कल है: 27वें दिन हरियाणा में गूंजा ‘यमुना बचाओ’ संकल्प, बल्लबगढ़ में ऐतिहासिक स्वागत

बल्लबगढ़, 24 फरवरी। अविरल और निर्मल यमुना के संकल्प के साथ निकली जल सहेलियों की ऐतिहासिक यात्रा का 27वां दिन हरियाणा की धरती पर ऊर्जा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। यात्रा की शुरुआत बल्लबगढ़ स्थित बालाजी कॉलेज बल्लबगढ़ से हुई, जहां निदेशक डॉ. जगदीश चौधरी की अध्यक्षता में “जल संवाद: यमुना विशेष” कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के प्रो. प्रवीण झा, तरुण भारत संघ की उपाध्यक्ष इंदिरा खुराना और जल सहेली समिति के संयोजक संजय सिंह ने यमुना की वर्तमान स्थिति, चुनौतियों और संभावित समाधानों पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस दौरान जल सहेलियों ने प्रेरणादायक जल गीत प्रस्तुत किए और बड़ी संख्या में पर्यावरण कार्यकर्ता भी शामिल हुए।

बाजार में भव्य स्वागत, गूंजे जागरूकता के नारे

जैसे ही यात्रा बल्लबगढ़ बाजार पहुंची, स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और विद्यार्थियों ने पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया। “यमुना बचाओ”, “जल है तो कल है” और “नदियां रहेंगी तो सभ्यता बचेगी” जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।

यह यात्रा विशेष इसलिए भी है क्योंकि बुंदेलखंड की महिलाओं द्वारा नदियों के संरक्षण के लिए संगठित रूप में निकाली जा रही यह अपने प्रकार की पहली पहल मानी जा रही है। जो महिलाएं कभी घर की चौखट से बाहर निकलने में संकोच करती थीं, वे आज प्रकृति संरक्षण की अगुवाई कर रही हैं।

जागरूकता और संवाद पर जोर

सभा को संबोधित करते हुए डॉ. संजय सिंह ने कहा कि यह यात्रा किसी के विरोध के लिए नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता और सामूहिक भागीदारी के उद्देश्य से निकाली गई है। उन्होंने बताया कि छात्रों के साथ यमुना विषय पर संवाद अत्यंत सकारात्मक रहा और युवाओं में नदी संरक्षण को लेकर संवेदनशीलता बढ़ी है।

उन्होंने जानकारी दी कि यात्रा का समापन 26 फरवरी को दिल्ली के वासुदेव घाट पर होगा। विभिन्न माध्यमों में इसे महिला-नेतृत्व वाली पहली ऐतिहासिक यमुना संरक्षण यात्रा बताया गया है।

प्रकृति से जुड़ने का आह्वान

डॉ. जगदीश चौधरी ने कहा कि आधुनिक विकास की दौड़ में समाज ने प्रकृति से दूरी बना ली है। पहले तालाब, कुएं और बावड़ियां स्वच्छ जल के स्रोत थे, लेकिन अंधाधुंध विकास ने इन्हें समाप्त कर दिया। आज कई क्षेत्रों में जल संकट गहराता जा रहा है और ऐसे में जल सहेलियों का यह प्रयास समाज की चेतना को जगाने वाला है।

जल सहेली समिति की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि यमुना केवल नदी नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और आस्था की जीवनरेखा है। श्रीकृष्ण की लीलाओं से लेकर उत्तर भारत की सांस्कृतिक विरासत तक यमुना का विशेष स्थान है। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद जल सहेलियां इस अभियान को निरंतर आगे बढ़ा रही हैं।

जल सहेली लक्ष्मी ने कहा कि यदि आज जल स्रोतों को नहीं बचाया गया तो आने वाली पीढ़ियां हमें माफ नहीं करेंगी। वहीं समिति की उपाध्यक्ष रेखा ने स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ी तो जल सत्याग्रह का रास्ता भी अपनाया जाएगा।

वरिष्ठ समाजसेवी इंदिरा खुराना ने इस पहल को नारी शक्ति और सामाजिक परिवर्तन का सशक्त उदाहरण बताया।

यात्रा जाट भवन सेक्टर-3 से किसान भवन सेक्टर-16 होते हुए रात्रि विश्राम के लिए आइडियल पब्लिक स्कूल लकड़पुर पहुंची, जहां अगले चरण की तैयारियां की गईं।

यह अभियान न केवल यमुना संरक्षण का संदेश दे रहा है, बल्कि समाज को जल और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी याद दिलाने का भी प्रयास कर रहा है।

एसडीआईईटी में 26–28 फरवरी को होगा “वेत्रत्व 2K26” का भव्य आयोजन, खेल-सांस्कृतिक व तकनीकी उत्सव एक साथ

(एसडीआईईटी) में 26 से 28 फरवरी 2026 तक बहुप्रतीक्षित वार्षिक महोत्सव “वेत्रत्व 2K26” का आयोजन किया जाएगा। यह तीन दिवसीय कार्यक्रम संस्थान परिसर में आयोजित होगा, जिसमें खेल, संस्कृति और तकनीकी नवाचार का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

तीन दिन, अनेक आयाम

“वेत्रत्व 2K26” के अंतर्गत वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता, सांस्कृतिक उत्सव और तकनीकी फेस्ट का आयोजन किया जाएगा। इस महोत्सव का उद्देश्य विद्यार्थियों को शैक्षणिक गतिविधियों से आगे बढ़कर अपनी बहुमुखी प्रतिभा दिखाने का अवसर देना है।

संस्थान का मानना है कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता, रचनात्मक सोच और नवाचार की भावना को सशक्त बनाते हैं।

खेल, संस्कृति और तकनीक का संगम

खेलकूद प्रतियोगिता में विभिन्न इनडोर और आउटडोर खेलों का आयोजन होगा, जिससे छात्रों में खेल भावना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा।

सांस्कृतिक उत्सव के दौरान नृत्य, संगीत और विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियां परिसर को रंगों और उत्साह से भर देंगी।

वहीं तकनीकी उत्सव में अलग-अलग तकनीकी प्रतियोगिताएं और गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, जो विद्यार्थियों की तार्किक क्षमता, रचनात्मकता और समस्या-समाधान कौशल को निखारने का अवसर देंगी।

प्राचार्य का संदेश

संस्थान के प्राचार्य डॉ. शैलेन्द्र कुमार ने कहा,
“वेत्रत्व 2K26 हमारे संस्थान की समग्र शिक्षा की सोच को प्रतिबिंबित करता है। इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हम शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ ऐसे मंच प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करें। मैं सभी प्रतिभागियों और आयोजन समिति को इस महोत्सव की सफलता के लिए शुभकामनाएं देता हूं।”

उत्सव का आमंत्रण

संस्थान को उम्मीद है कि विद्यार्थी, शिक्षक और कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ इस आयोजन में भाग लेंगे, जिससे परिसर में सीख, नवाचार और उत्सव का सकारात्मक वातावरण बनेगा।

एसडीआईईटी ने सभी विद्यार्थियों और हितधारकों से “वेत्रत्व 2K26” में सहभागिता कर इसे यादगार बनाने की अपील की है।