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गांधी जयंती एवं लाल बहादुर शास्त्री जयंती के अवसर पर Women’s Power NGO ने आयोजित की “सपनों का भारत” चित्रकला प्रतियोगिता

फरीदाबाद, 2 अक्टूबर 2026:
गांधी जयंती एवं भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती के अवसर पर Women’s Power NGO द्वारा बच्चों के लिए “सपनों का भारत” विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

इस प्रतियोगिता में सेक्टर-23 एवं संजय कॉलोनी के बड़ी संख्या में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों ने अपनी कल्पनाओं और चित्रों के माध्यम से अपने सपनों के भारत की सुंदर तस्वीर प्रस्तुत की। प्रतियोगिता का उद्देश्य बच्चों में रचनात्मकता, देशप्रेम और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को प्रोत्साहित करना रहा।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. हेमंत अत्री जी एवं रेलवे पुलिस DCP श्री राजेश चेची जी उपस्थित रहे। दोनों अतिथियों ने बच्चों से मुलाकात कर उनका उत्साह बढ़ाया और उनकी प्रतिभा की सराहना की। उन्होंने बच्चों को आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में सभी प्रतिभागी बच्चों के लिए रिफ्रेशमेंट की व्यवस्था की गई। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता बच्चों को पुरस्कार एवं सम्मान देकर प्रोत्साहित किया गया।

इस अवसर पर Women’s Power NGO की Founder & President चांदनी आजाद अली, Vice President डोली कपूर तथा टीम सदस्य रिदम, निशा, नाहिद, अली जैन एवं नगमा उपस्थित रहे और कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

Women’s Power NGO का प्रयास है कि बच्चों को शिक्षा, रचनात्मक गतिविधियों और सामाजिक आयोजनों के माध्यम से आगे बढ़ने के अवसर मिलें तथा उनमें देश और समाज के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हो।

Alumni talk, कॉलेज से कॉरपोरेट तक: पूर्व छात्रा ने साझा किए सफलता और करियर के अनुभव

सत्युग दर्शन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (SDIET), फरीदाबाद के डिपार्टमेंट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के टेक्निकल क्लब द्वारा 24 सितंबर 2026 को एलुमनाई सेल के सहयोग से बीबीए बैंकिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज (IIFSB) एवं बीबीए (जनरल) द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक पूर्व छात्र संवाद सत्र का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर संस्थान की पूर्व छात्रा एवं Ernst & Young (EY) में ह्यूमन रिसोर्स एग्जीक्यूटिव सुश्री सृष्टि मलिक ने विद्यार्थियों के साथ अपने शैक्षणिक एवं व्यावसायिक अनुभव साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों को कॉलेज जीवन से कॉरपोरेट जगत में प्रवेश के दौरान आने वाली चुनौतियों, अवसरों और अपेक्षाओं के बारे में व्यावहारिक जानकारी प्रदान की।

सुश्री सृष्टि मलिक ने कॉरपोरेट अपेक्षाओं, प्रभावी संचार, व्यावसायिक शिष्टाचार, रोजगारपरक कौशल, अनुकूलन क्षमता, टीमवर्क तथा करियर के प्रारंभिक चरण की वास्तविकताओं जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने अपने अनुभवों के माध्यम से विद्यार्थियों को बताया कि शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक एवं प्रोफेशनल स्किल्स का विकास भी सफल करियर के लिए अत्यंत आवश्यक है।

कार्यक्रम में SDIET के प्रधानाचार्य डॉ. शैलेंद्र कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने सुश्री सृष्टि मलिक का स्वागत करते हुए विद्यार्थियों को संबोधित किया तथा ऐसे संवादात्मक एवं अनुभव-आधारित कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पूर्व छात्रों के अनुभव विद्यार्थियों के लिए मार्गदर्शन का महत्वपूर्ण माध्यम हैं और इस प्रकार के सत्र उन्हें वास्तविक कार्यक्षेत्र की आवश्यकताओं को समझने में सहायता प्रदान करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने ज्ञान एवं कौशल को निरंतर विकसित करने तथा उपलब्ध अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।

सत्र के दौरान विद्यार्थियों को अपनी पूर्व छात्रा से सीधे संवाद करने, कॉरपोरेट जगत की कार्यप्रणाली को समझने तथा उद्योग की अपेक्षाओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करने का महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त हुआ। संवाद ने शैक्षणिक ज्ञान और कॉरपोरेट अपेक्षाओं के बीच की दूरी को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह सत्र विद्यार्थियों के लिए एक समृद्ध एवं प्रेरणादायक सीखने का अनुभव रहा, जिसने उन्हें अपने व्यावसायिक भविष्य के प्रति अधिक जागरूक और आत्मविश्वासी बनने के लिए प्रेरित किया।

SDIET का निरंतर प्रयास है कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ उद्योग जगत से जुड़ा व्यावहारिक अनुभव, पेशेवर कौशल और आवश्यक दृष्टिकोण प्रदान किया जाए, ताकि वे बदलते कॉरपोरेट परिवेश की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार कर एक सफल व्यावसायिक भविष्य की दिशा में आगे बढ़ सकें।

विचारों से प्रभावशाली पहल तक : विद्यार्थियों में उद्यमिता कौशल विकास पर विशेष सत्र आयोजित

सत्युग दर्शन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (SDIET), फरीदाबाद की ओर से DICE पहल के अंतर्गत स्कूल इनोवेशन काउंसिल (SIC) की गतिविधि–1 के तहत विद्यार्थियों में उद्यमशीलता की भावना विकसित करने के उद्देश्य से “उद्यमिता कौशल का विकास” विषय पर एक ज्ञानवर्धक एवं संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र का संचालन SDIET के प्रबंधन अध्ययन विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रिचा खुगशाल द्वारा किया गया।

यह सत्र 21 एवं 22 सितंबर 2026 को फरीदाबाद स्थित चार शैक्षणिक संस्थानों—केंद्रीय विद्यालय NIT नंबर 1, केंद्रीय विद्यालय NIT नंबर 2, केंद्रीय विद्यालय NIT नंबर 3 तथा राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, तिगांव—में आयोजित किया गया।

सत्र के दौरान विद्यार्थियों को उद्यमिता की मूल अवधारणाओं तथा एक विचार को सार्थक और प्रभावशाली उद्यम में परिवर्तित करने के लिए आवश्यक कौशलों से परिचित कराया गया। संवादात्मक एवं व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने रचनात्मकता एवं नवाचार, प्रभावी संचार, नेतृत्व, टीमवर्क, समस्या-समाधान, निर्णय लेने की क्षमता, वित्तीय एवं व्यवसाय प्रबंधन, विपणन, डिजिटल कौशल, जोखिम लेने की क्षमता, दृढ़ता तथा बदलती परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को ढालने जैसे महत्वपूर्ण कौशलों के बारे में जानकारी प्राप्त की।

सत्र का प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों को उपलब्ध अवसरों की पहचान करने, रचनात्मक ढंग से सोचने तथा उद्यमशील मानसिकता विकसित करने के लिए प्रेरित करना रहा। विद्यार्थियों को यह समझाया गया कि ज्ञान, कौशल और सकारात्मक दृष्टिकोण का उचित समन्वय नवीन विचारों को व्यावहारिक एवं प्रभावशाली समाधानों में परिवर्तित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है
इस अवसर पर संस्थान के प्राचार्य ने कहा कि आज के बदलते तकनीकी एवं व्यावसायिक परिवेश में विद्यार्थियों के लिए केवल विषयगत ज्ञान तक सीमित रहना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनमें रचनात्मक सोच, नवाचार, नेतृत्व, समस्या-समाधान और उद्यमशीलता जैसे कौशलों का विकास भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विद्यालय स्तर से ही विद्यार्थियों को अपने विचारों को पहचानने, उन्हें नए दृष्टिकोण से देखने और समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान के रूप में विकसित करने के अवसर प्रदान किए जाने चाहिए। उन्होंने इस प्रकार की पहलों को विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और नवाचार की संस्कृति विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया तथा विद्यार्थियों को सीखने के साथ-साथ अपने विचारों को व्यवहारिक रूप देने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का संदेश दिया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा उद्यमिता से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए अपने विचार साझा किए। यह पहल विद्यार्थियों में नवाचार, आत्मनिर्भरता और समस्या-समाधान की क्षमता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास रही।

सिद्धांत को तकनीक से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल: SDIET में वर्चुअल लैब का उद्घाटन

सत्युग दर्शन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (SDIET), फरीदाबाद में आईआईटी दिल्ली के सहयोग से वर्चुअल लैब का उद्घाटन किया गया। यह पहल संस्थान में तकनीक-सक्षम, अनुभवात्मक एवं व्यावहारिक शिक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कार्यक्रम में आईआईटी दिल्ली के वर्चुअल लैब्स के वरिष्ठ कार्यकारी प्रशिक्षक श्री उबैद मुश्ताक नजर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने प्रतिभागियों के लिए वर्चुअल लैब से संबंधित एक विस्तृत एवं रोचक ओरिएंटेशन और प्रदर्शन सत्र आयोजित किया। इस दौरान प्रतिभागियों को वर्चुअल लैब की अवधारणा, प्रमुख विशेषताओं एवं शैक्षणिक महत्व से अवगत कराया गया। उन्होंने बताया कि वर्चुअल लैब के माध्यम से विद्यार्थी इंटरैक्टिव एवं डिजिटल माध्यम से प्रयोगों को समझ और संचालित कर सकते हैं, जिससे उनकी व्यावहारिक समझ को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान संस्थान के प्राचार्य डॉ. शैलेंद्र कुमार ने स्वागत संबोधन प्रस्तुत किया। उन्होंने शिक्षा में नवीन डिजिटल संसाधनों के समावेश की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग विद्यार्थियों के व्यावहारिक ज्ञान को समृद्ध करने के साथ-साथ उन्हें नवीन शैक्षणिक संसाधनों तक व्यापक पहुंच प्रदान करता है।

प्रदर्शन सत्र के दौरान वर्चुअल लैब की कार्यप्रणाली एवं विभिन्न प्रयोगों में इसके उपयोग को प्रदर्शित किया गया। प्रतिभागियों ने जाना कि वर्चुअल लैब के माध्यम से प्रयोगों को सुरक्षित, इंटरैक्टिव, सुविधाजनक एवं सुलभ डिजिटल वातावरण में किया जा सकता है।

वर्चुअल लैब की यह पहल SDIET में व्यावहारिक शिक्षा को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ने तथा विद्यार्थियों में तकनीक-आधारित एवं अनुभवात्मक अधिगम की संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है। संस्थान का यह कदम विद्यार्थियों को बदलती तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने और उन्हें आधुनिक शिक्षण संसाधनों से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

SDIET में आंतरिक हैकाथॉन 2026: नवाचार, रचनात्मकता और समस्या-समाधान को बढ़ावा

सत्युग दर्शन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (SDIET), फरीदाबाद में स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन (SIH) 2026 के अंतर्गत आयोजित आंतरिक हैकाथॉन 2026 का 16 एवं 17 सितंबर 2026 को सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। दो दिवसीय इस आयोजन में 43 टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिनमें बी.टेक, बीसीए और बीबीए कार्यक्रमों के विद्यार्थी शामिल रहे। हैकाथॉन ने विभिन्न शैक्षणिक पृष्ठभूमियों से आए विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन की चुनौतियों के समाधान विकसित करते हुए अपनी नवाचार क्षमता, रचनात्मकता, तकनीकी दक्षता, टीमवर्क और समस्या-समाधान कौशल प्रदर्शित करने के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान किया।

इस आयोजन ने विद्यार्थियों को पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर सोचने तथा अपने विचारों को व्यावहारिक और अभिनव समाधानों में परिवर्तित करने के लिए प्रेरित किया। प्रतिभागियों ने टीम भावना के साथ विभिन्न समस्या विवरणों पर कार्य करते हुए तकनीकी एवं रचनात्मक समाधानों को विकसित करने का प्रयास किया। साथ ही, कार्यक्रम ने अंतर्विषयक सहयोग को प्रोत्साहित किया और विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर के हैकाथॉन में अपनाई जाने वाली समस्या-समाधान प्रक्रिया का व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया।
प्रतिभागी टीमों के मूल्यांकन के पश्चात AROMA ROBOTICS ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। टीम में मनीष खंडेलवाल, रेहान अफजल, आयुष बैसला, अर्नेश भाट, गुंजन कौशिक और रोहित शामिल रहे। Innov8 Labs ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जिसमें केशवी सिंह, प्रिया पवार, पूनम, राधिका, उमा यादव और प्रांजल वर्मा शामिल रहे। वहीं Tech With Us ने तृतीय स्थान प्राप्त किया, जिसकी टीम में पीयूष राय, चंदा, अनुष्का पांडे, जिया, गुरनूर कौर और सना भाटी शामिल रहे।

SDIET PURECSS Consultancy के एर. पंकज कुमार त्रेहन के महत्वपूर्ण योगदान के लिए उनका हार्दिक आभार व्यक्त करता है, जिन्होंने आंतरिक हैकाथॉन में बाह्य निर्णायक के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके विशेषज्ञतापूर्ण मूल्यांकन, महत्वपूर्ण सुझावों और रचनात्मक प्रतिक्रिया ने प्रतिभागी टीमों को अपने विचारों एवं समाधानों को बेहतर ढंग से प्रस्तुत करने में मार्गदर्शन प्रदान किया तथा विद्यार्थियों के सीखने के अनुभव को और समृद्ध बनाया।

आंतरिक हैकाथॉन ने विद्यार्थियों को अभिनव विचारों का अन्वेषण करने, सहयोगात्मक रूप से कार्य करने, वास्तविक जीवन की समस्याओं को समझने और प्रौद्योगिकी-आधारित समाधान विकसित करने का अवसर प्रदान किया। बी.टेक, बीसीए और बीबीए कार्यक्रमों के विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने समकालीन चुनौतियों के समाधान में अंतर्विषयक सहयोग और सामूहिक प्रयास के महत्व को भी रेखांकित किया।
SDIET सभी 43 प्रतिभागी टीमों को उनके उत्साह, रचनात्मकता, तकनीकी कौशल और प्रतिबद्धता के लिए बधाई देता है। प्रत्येक टीम की सक्रिय सहभागिता और समर्पण ने आंतरिक हैकाथॉन को नवाचार, सहयोग और सामूहिक समस्या-समाधान का एक सार्थक एवं ज्ञानवर्धक मंच बनाया।

इस आयोजन का सफल समापन SDIET की अपने विद्यार्थियों में नवाचार-प्रेरित, उद्यमशील और समस्या-समाधान की सोच विकसित करने तथा उन्हें राष्ट्र के तकनीकी एवं सामाजिक विकास में सार्थक योगदान देने के लिए तैयार करने की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

सत्युग दर्शन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में श्रद्धा और भक्ति के साथ विश्वकर्मा पूजा का आयोजन

सत्युग दर्शन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में 17 सितंबर 2026 को केंद्रीय कार्यशाला प्रयोगशाला में विश्वकर्मा पूजा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शिक्षकगण और कर्मचारीगण श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक सौहार्द के वातावरण में एकत्रित हुए।

यह पावन अवसर दिव्य वास्तुकार एवं शिल्पकार के रूप में पूजनीय भगवान विश्वकर्मा को समर्पित था। पारंपरिक विधि-विधान से पूजा संपन्न की गई तथा तकनीकी एवं व्यावसायिक कार्यों में प्रगति, समृद्धि, सुरक्षा और उत्कृष्टता के लिए ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त किया गया।

समारोह में समाज की उन्नति और विकास में इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी, उपकरणों, तकनीकी कौशल, नवाचार और शिल्पकला के महत्व को रेखांकित किया गया। यह अवसर समर्पण, सटीकता, रचनात्मकता तथा ज्ञान और प्रौद्योगिकी के जिम्मेदार उपयोग जैसे मूल्यों की याद दिलाने वाला भी रहा।शिक्षकगण और कर्मचारीगण ने श्रद्धापूर्वक पूजा में भाग लिया तथा संस्थान और उसकी शैक्षणिक एवं तकनीकी गतिविधियों की निरंतर प्रगति और सफलता के लिए प्रार्थना की।

प्रधानाचार्य, डॉ शैलेंद्र त्यागी जी ने कहा कि तकनीकी ज्ञान का जिम्मेदार उपयोग, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक जागरूकता के साथ मिलकर, एक प्रगतिशील और सौहार्दपूर्ण समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

समारोह का समापन प्रसाद वितरण के साथ हुआ, जिसने शिक्षकगण और कर्मचारीगण के बीच साझा भक्ति, एकजुटता और सामुदायिक भावना का आनंदमय वातावरण निर्मित किया। इसके साथ ही प्रधानाचार्य ने सभी शिक्षकगण और कर्मचारीगण को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं तथा सभी को समर्पण और टीम भावना के साथ संस्थान की प्रगति में निरंतर योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

यह आयोजन संस्थान की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके अंतर्गत ज्ञान, कौशल, शिल्पकला, प्रौद्योगिकी और आध्यात्मिक सौहार्द को महत्व देने वाली संस्कृति का विकास किया जा रहा है तथा प्रगतिशील समाज के निर्माण में इन तत्वों के योगदान को स्वीकार किया जा रहा है।

बल्लभगढ़ में ‘जनता परिवार’ ने मनाया 80वां स्वतंत्रता दिवस, आर्थिक आजादी का लिया संकल्प

बल्लभगढ़, फरीदाबाद। जनता परिवार सामाजिक संस्था की ओर से 15 अगस्त को 80वां स्वतंत्रता दिवस ‘आर्थिक आजादी दिवस’ के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत शहीदों की स्मृति में दीप प्रज्ज्वलन और माल्यार्पण से हुई। संस्था के संस्थापक सदस्य नरेंद्र चौधरी ने कहा कि जनता परिवार का लक्ष्य आने वाले 10 वर्षों में भारत को विश्वगुरु, ‘सोने की चिड़िया’ और विश्व की महाशक्ति बनाने में योगदान देना है। उन्होंने बताया कि संस्था अपने अभियान में पब्लिक, पुलिस, पॉलिटिशियन, प्रशासन और प्रेस यानी पांच ‘पी’ को साथ जोड़कर काम करेगी। साथ ही मानवता और मदद की ऐसी श्रृंखला बनाने का प्रयास किया जाएगा, जिसमें जरूरतमंदों और मदद करने वालों को एक मंच पर जोड़ा जा सके।

कार्यक्रम में भारत को विश्वगुरु बनाने, आर्थिक आजादी और कर्ज मुक्ति अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया। संस्था ने देशभर के लोगों को जोड़ने के लिए हेल्पलाइन नंबर 8588834557 भी जारी किया। संस्थापक सदस्य कैप्टन परशुराम सौरोत ने कहा कि जनता परिवार को दुनिया का सबसे बड़ा इंसानियत का परिवार बनाने और भारत को विश्व नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए सभी को जाति-धर्म के भेदभाव से ऊपर उठकर एकजुट होना होगा। इस दौरान ‘मिशन हो गया है शुरू, भारत बनेगा विश्वगुरु’ नारे की शुरुआत की गई। कार्यक्रम में विनोद गौर, सावित्री तंवर, सुमन भारद्वाज, सतीश शर्मा, राजेंद्र मलिक, मोहनलाल तिकिया, उदय साहू, अमृत कौर, राजेंद्र कुमावत और भगत सिंह सहित कई संस्थापक सदस्य मौजूद रहे। वकील दुर्गेश भारती, हरियाणा पुलिस की सुमन और समाजसेविका जगजीत कौर सहित अन्य सामाजिक वक्ताओं ने भी विचार रखे और संस्था को सहयोग देने की बात कही।

एसडीआईईटी में बी.टेक इंडक्शन प्रोग्राम 2026 का उत्साहपूर्ण शुभारंभ

सत्युग दर्शन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (SDIET) के विभागीय अभियांत्रिकी विभाग द्वारा 10 अगस्त 2026 को बी.टेक शैक्षणिक सत्र 2026–27 के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए इंडक्शन प्रोग्राम का उत्साह एवं उमंग के साथ शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, कंप्यूटर इंजीनियरिंग एवं मैकेनिकल इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के महाविद्यालयीन जीवन की एक नई एवं महत्वपूर्ण यात्रा की शुरुआत का प्रतीक रहा।

इंडक्शन प्रोग्राम का उद्देश्य नवप्रवेशित विद्यार्थियों को संस्थान के शैक्षणिक वातावरण, विभागीय गतिविधियों, संस्थागत संस्कृति, उद्योग की अपेक्षाओं तथा उपलब्ध विभिन्न अवसरों से परिचित कराना रहा। प्रथम दिवस पर विद्यार्थियों के लिए जागरूकता सत्रों, उद्योग विशेषज्ञों के साथ संवाद, टीमवर्क, इंटरैक्टिव गतिविधियों एवं मनोरंजक कार्यक्रमों का सार्थक संयोजन किया गया।

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण श्री राहुल कुमार, सत्युग दर्शन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के पूर्व विद्यार्थी, का प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक सत्र रहा। श्री राहुल कुमार एक सीरियल एंटरप्रेन्योर एवं ग्रोथ मार्केटिंग लीडर हैं तथा उन्होंने विभिन्न व्यवसायों एवं उपक्रमों को स्थापित करने और उन्हें सफलतापूर्वक आगे बढ़ाने का व्यापक अनुभव प्राप्त किया है। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए उन्हें नवाचार, उद्यमिता, व्यावहारिक सोच एवं उद्योग की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने ट्रेजर हंट सहित विभिन्न इंटरैक्टिव गेम्स एवं गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को आपसी परिचय बढ़ाने, नए मित्र बनाने, टीम भावना विकसित करने तथा संचार एवं नेतृत्व कौशल को मजबूत करने का अवसर मिला।
प्रधानाचार्य की ओर से संदेश
इस अवसर पर डॉ. शैलेंद्र कुमार, प्रधानाचार्य, SDIET ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का हार्दिक स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि कॉलेज जीवन केवल पाठ्यक्रम और परीक्षाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, सोच, कौशल एवं मूल्यों के समग्र विकास का महत्वपूर्ण चरण है।

उन्होंने विद्यार्थियों को जिज्ञासा, अनुशासन, सकारात्मक सोच एवं निरंतर सीखने की भावना के साथ अपनी शैक्षणिक यात्रा आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ नवाचार, अनुसंधान, टीमवर्क, उद्योग संवाद, खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों एवं सामाजिक पहलों में भी सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए।

प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों से संस्थान द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने तथा स्वयं को कुशल पेशेवर, जिम्मेदार नागरिक एवं आत्मविश्वासी व्यक्तित्व के रूप में विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने, निरंतर प्रयास करने और प्रत्येक अनुभव से सीखने के लिए प्रेरित करते हुए ईमानदारी, उत्कृष्टता, अनुशासन एवं मानवीय मूल्यों को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संदेश दिया।

इंडक्शन प्रोग्राम का प्रथम दिवस उद्योग विशेषज्ञों के अनुभव, जागरूकता, संवाद, टीमवर्क एवं मनोरंजक गतिविधियों के शानदार समन्वय के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम ने बी.टेक के नवप्रवेशित विद्यार्थियों में नई ऊर्जा, उत्साह एवं आत्मविश्वास का संचार करते हुए उनके आगामी शैक्षणिक जीवन के लिए एक सकारात्मक एवं प्रेरणादायक आधार तैयार किया।

SDIET में नवप्रवेशित विद्यार्थियों का भव्य स्वागत, ज्ञान और संस्कारों के साथ नई शैक्षणिक यात्रा का शुभारंभ

सत्युग दर्शन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (SDIET) में 8 अगस्त 2026 को नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम का उत्साह, गरिमा एवं आध्यात्मिक वातावरण के साथ सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों का नए शैक्षणिक सत्र में स्वागत करने के साथ-साथ उन्हें संस्थान की शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुशासन, संस्कार, मूल्य-आधारित शिक्षा एवं समग्र व्यक्तित्व विकास से परिचित कराना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ पावन हवन समारोह से हुआ, जिसके पश्चात पारंपरिक दीप प्रज्वलन समारोह आयोजित किया गया। दीप प्रज्वलन ज्ञान के प्रकाश तथा विद्यार्थियों की नई शैक्षणिक यात्रा के मंगलमय शुभारंभ का प्रतीक रहा।
इस अवसर पर सत्युग दर्शन ट्रस्ट के मेंटर माननीय श्री सज्जन जी ने विद्यार्थियों को अपने आशीर्वचन एवं मार्गदर्शक विचारों से प्रेरित किया। वहीं सत्युग दर्शन संगीत कला केंद्र की चेयरपर्सन श्रीमती अनुपमा तलवार जी ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

कार्यक्रम में SDIET के चेयरमैन प्रो. (डॉ.) वीरेश दत्ता, प्राचार्य डॉ. शैलेंद्र कुमार, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स (BoG) की सम्मानित सदस्य डॉ. सरोज मिश्रा, BoG के सम्मानित सदस्य श्री शालीन तनेजा, संगीत कला केंद्र के प्राचार्य श्री दीपेंद्र कांत तथा प्रतिष्ठित उद्योग विशेषज्ञ श्री भूषण अरोड़ा, प्रिंसिपल क्लाउड आर्किटेक्ट, Oracle India एवं क्लाउड सॉल्यूशंस एवं डेटाबेस विशेषज्ञ, जिनके पास 17 वर्षों से अधिक का उद्योग अनुभव है, की गरिमामयी उपस्थिति रही।

नवागंतुक विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए संस्थान के चेयरमैन एवं प्राचार्य ने विद्यार्थियों को संस्थान के विजन, शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुशासन तथा समग्र विकास के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता से अवगत कराया। श्री सज्जन जी ने अपने प्रेरणादायी एवं ज्ञानवर्धक संबोधन में विद्यार्थियों को आंतरिक शांति, अनुशासन, मानवीय मूल्यों तथा उद्देश्यपूर्ण शिक्षा के महत्व को समझाया। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ अपने व्यक्तित्व एवं अंतर्मन के विकास पर भी ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया।

श्री शालीन तनेजा ने विद्यार्थियों के साथ उद्योग जगत से जुड़े महत्वपूर्ण अनुभव एवं उपयोगी विचार साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने, अपने कौशल को विकसित करने तथा आत्म-विकास के लिए सदैव प्रयासरत रहने के लिए प्रेरित किया।
वहीं, श्री भूषण अरोड़ा ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में तेजी से बदलती तकनीकी एवं औद्योगिक आवश्यकताओं पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को अपने शैक्षणिक ज्ञान को उद्योग की बदलती जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने तथा निरंतर नई तकनीकों एवं कौशल को सीखने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में SDIET के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत मनमोहक सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुति ने समारोह में उत्साह एवं जीवंतता का संचार किया। विद्यार्थियों की प्रतिभा, रचनात्मकता एवं ऊर्जा ने उपस्थित सभी अतिथियों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. सरोज मिश्रा द्वारा औपचारिक आभार प्रदर्शन (Vote of Thanks) किया गया। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अतिथियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं आयोजन टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।

ओरिएंटेशन कार्यक्रम के दौरान नवप्रवेशित विद्यार्थियों को ध्यान कक्ष – School of Equanimity and Evensightedness का भ्रमण भी कराया गया। इस भ्रमण के माध्यम से विद्यार्थियों को संस्थान के आध्यात्मिक, शांतिपूर्ण एवं मूल्य-आधारित वातावरण को करीब से अनुभव करने का अवसर मिला।
समग्र रूप से, SDIET का ओरिएंटेशन कार्यक्रम ज्ञान, संस्कृति, संस्कार, मानवीय मूल्यों, उद्योग जगत की जानकारी एवं प्रेरणा का सुंदर संगम रहा। कार्यक्रम ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए उनकी शैक्षणिक यात्रा की एक सार्थक, प्रेरणादायी एवं यादगार शुरुआत सुनिश्चित की।

आशीर्वाद, मार्गदर्शन और प्रेरणा के साथ SDIET के नवप्रवेशित विद्यार्थी अब सीखने, निरंतर विकास करने और सफलता की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने की दिशा में अपनी नई यात्रा शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

एसडीआईईटी में बी बी ए द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन

सत्युग दर्शन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (SDIET) के प्रबंधन अध्ययन विभाग द्वारा द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों के लिए 23 जुलाई 2026 को ओरिएंटेशन कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों का नए शैक्षणिक सत्र में स्वागत करना तथा उन्हें संस्थान की विभिन्न शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों से अवगत कराते हुए उनके सर्वांगीण विकास के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. शैलेंद्र कुमार के प्रेरणादायक स्वागत संबोधन से हुआ। इसके पश्चात विभागाध्यक्ष प्रो. मनप्रीत कौर ने विद्यार्थियों को नए सत्र की शुभकामनाएँ देते हुए उन्हें प्रत्येक अवसर का सकारात्मक उपयोग कर शैक्षणिक उत्कृष्टता एवं व्यक्तित्व विकास की दिशा में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान श्री जितेंद्र सिंह ने विद्यार्थियों को MOOCs (Massive Open Online Courses) के महत्व एवं उपयोगिता की जानकारी दी। वहीं श्री पंकज भारद्वाज ने प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट गतिविधियों तथा करियर के बेहतर अवसरों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

डॉ. ऋचा खुशाल एवं डॉ. संजना कौशिक ने महिला प्रकोष्ठ (Women Cell) की विभिन्न पहलों से विद्यार्थियों को अवगत कराया तथा संस्थान द्वारा सुरक्षित, समावेशी एवं सहयोगात्मक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
इसके बाद डॉ. मयंक वर्मा ने प्रॉक्टोरियल बोर्ड की भूमिका एवं जिम्मेदारियों की जानकारी दी। सुश्री शुभम अग्रवाल ने ERP सिस्टम के प्रभावी उपयोग एवं उसकी विभिन्न सुविधाओं के बारे में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। डॉ. संजना कौशिक ने मेंटर-मेंटी प्रणाली के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह व्यवस्था विद्यार्थियों को शैक्षणिक मार्गदर्शन, व्यक्तिगत विकास तथा निरंतर सहयोग प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

इस अवसर पर संस्थान के प्राचार्य डॉ. शैलेन्द्र त्यागी ने अपने संदेश में कहा कि ओरिएंटेशन कार्यक्रम विद्यार्थियों को केवल संस्थान की कार्यप्रणाली से परिचित कराने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह उन्हें अपने लक्ष्यों के प्रति सजग, अनुशासित और आत्मविश्वासी बनने की प्रेरणा भी देता है।

कार्यक्रम का समापन डॉ. संजना कौशिक द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने सभी वक्ताओं एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी के सहयोग की सराहना की।
एसडीआईईटी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक तकनीकी ज्ञान, नैतिक मूल्यों एवं उद्योगोन्मुखी प्रशिक्षण के माध्यम से सफल भविष्य के लिए तैयार करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।”

यह ओरिएंटेशन कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक रहा ।