सत्युग दर्शन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में श्रद्धा और भक्ति के साथ विश्वकर्मा पूजा का आयोजन
सत्युग दर्शन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में 17 सितंबर 2026 को केंद्रीय कार्यशाला प्रयोगशाला में विश्वकर्मा पूजा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शिक्षकगण और कर्मचारीगण श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक सौहार्द के वातावरण में एकत्रित हुए।
यह पावन अवसर दिव्य वास्तुकार एवं शिल्पकार के रूप में पूजनीय भगवान विश्वकर्मा को समर्पित था। पारंपरिक विधि-विधान से पूजा संपन्न की गई तथा तकनीकी एवं व्यावसायिक कार्यों में प्रगति, समृद्धि, सुरक्षा और उत्कृष्टता के लिए ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त किया गया।
समारोह में समाज की उन्नति और विकास में इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी, उपकरणों, तकनीकी कौशल, नवाचार और शिल्पकला के महत्व को रेखांकित किया गया। यह अवसर समर्पण, सटीकता, रचनात्मकता तथा ज्ञान और प्रौद्योगिकी के जिम्मेदार उपयोग जैसे मूल्यों की याद दिलाने वाला भी रहा।शिक्षकगण और कर्मचारीगण ने श्रद्धापूर्वक पूजा में भाग लिया तथा संस्थान और उसकी शैक्षणिक एवं तकनीकी गतिविधियों की निरंतर प्रगति और सफलता के लिए प्रार्थना की।
प्रधानाचार्य, डॉ शैलेंद्र त्यागी जी ने कहा कि तकनीकी ज्ञान का जिम्मेदार उपयोग, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक जागरूकता के साथ मिलकर, एक प्रगतिशील और सौहार्दपूर्ण समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
समारोह का समापन प्रसाद वितरण के साथ हुआ, जिसने शिक्षकगण और कर्मचारीगण के बीच साझा भक्ति, एकजुटता और सामुदायिक भावना का आनंदमय वातावरण निर्मित किया। इसके साथ ही प्रधानाचार्य ने सभी शिक्षकगण और कर्मचारीगण को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं तथा सभी को समर्पण और टीम भावना के साथ संस्थान की प्रगति में निरंतर योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
यह आयोजन संस्थान की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके अंतर्गत ज्ञान, कौशल, शिल्पकला, प्रौद्योगिकी और आध्यात्मिक सौहार्द को महत्व देने वाली संस्कृति का विकास किया जा रहा है तथा प्रगतिशील समाज के निर्माण में इन तत्वों के योगदान को स्वीकार किया जा रहा है।
