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EU को-फंडेड इरास्मस+ NSIS प्रोजेक्ट भारत, श्रीलंका और नेपाल की यूनिवर्सिटीज़ के लिए 10-मॉड्यूल डिजिटल रिसर्च और एंटरप्रेन्योरशिप ट्रेनिंग शुरू करेगा

फरीदाबाद, 11 मार्च, 2026: इरास्मस+ प्रोग्राम से सपोर्टेड NSIS (बिज़नेस, इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप के लिए इन्फॉर्मेशन, रिसर्च और डिजिटल स्किल्स डेवलप करना) प्रोजेक्ट, जो यूरोपियन यूनियन को-फंडेड है, भारत, श्रीलंका और नेपाल की यूनिवर्सिटीज़ के लिए डिजिटल रिसर्च, डेटा स्किल्स, रिसर्च कमर्शियलाइज़ेशन और एंटरप्रेन्योरशिप पर 10-मॉड्यूल ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू करेगा। इस पहल और इसके खास नतीजों पर आज नेशनल अवेयरनेस डे 2026 के दौरान रोशनी डाली गई, जिसे NSIS प्रोजेक्ट के तहत ऑर्गनाइज़ किया गया था और मानव रचना इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ रिसर्च एंड स्टडीज़ (MRIIRS) में होस्ट किया गया था, साथ ही इसके सहयोग में MIT वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी, पुणे और सत्यभामा इंस्टीट्यूट ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, चेन्नई भी इसमें शामिल थे।

इस इवेंट में साउथ एशिया और यूरोप के इंटरनेशनल एकेडमिक लीडर्स, रिसर्चर्स और पॉलिसी स्टेकहोल्डर्स एक साथ आए और इस पूरे क्षेत्र में डिजिटल रिसर्च कैपेबिलिटीज़, इनोवेशन सपोर्ट सिस्टम्स और यूनिवर्सिटी-लेड एंटरप्रेन्योरशिप को मज़बूत करने की स्ट्रेटेजी पर चर्चा की गई। चर्चाओं में यूनिवर्सिटीज़ के अंदर मज़बूत रिसर्च इकोसिस्टम बनाने और हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन्स को इनोवेशन-ड्रिवन इकोनॉमिक ग्रोथ और रिसर्च को सपोर्ट करने के लिए ज़रूरी डिजिटल और इन्फॉर्मेशन स्किल्स से लैस करने पर फोकस किया गया।
यूरोपियन और साउथ एशियन पार्टनर इंस्टीट्यूशन्स के बीच कोलेबोरेशन के ज़रिए, यह इनिशिएटिव नॉलेज एक्सचेंज, जॉइंट रिसर्च इनिशिएटिव्स और इनोवेशन मैनेजमेंट और रिसर्च-ड्रिवन एंटरप्रेन्योरशिप में ग्लोबल बेस्ट प्रैक्टिसेज़ को अपनाने को बढ़ावा देता है।
NSIS के प्रोजेक्ट लीड और इरास्मस+ कोऑर्डिनेटर डॉ. पैड्रेग किर्बी ने कहा, “NSIS प्रोजेक्ट का मकसद जानकारी, रिसर्च और डिजिटल स्किल्स को डेवलप करना है, जिसमें खास तौर पर लाइब्रेरी और रिसर्च की भूमिका को मजबूत करने और रिसर्च, बिज़नेस और एंटरप्रेन्योरशिप के लिए लाइब्रेरियन द्वारा दी जाने वाली सर्विस और सपोर्ट को बेहतर बनाने पर फोकस किया जाएगा। प्रोजेक्ट के खास नतीजों में से एक 10-मॉड्यूल का करिकुलम डेवलप करना होगा, जिसमें डिजिटल लिटरेसी, डेटा स्किल्स, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स (IPR), ऑनलाइन रिसर्च पब्लिकेशन, एकेडमिक राइटिंग, और बिज़नेस और मैनेजमेंट जैसे एरिया शामिल होंगे। ये मॉड्यूल भारत, श्रीलंका और नेपाल की यूनिवर्सिटीज़ के लिए ट्रेनिंग के मौकों के तौर पर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिन्हें एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से सपोर्ट मिलेगा जो पार्टिसिपेंट्स को कोर्स और रिसोर्स एक्सेस करने देगा।”
मानव रचना इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ रिसर्च एंड स्टडीज़ में इरास्मस प्रोजेक्ट लीड और डीन रिसर्च, डॉ. सरिता सचदेवा ने कहा, “हम एक ऐसे दौर में जी रहे हैं जहाँ तेज़ी से टेक्नोलॉजी में तरक्की, डिजिटल बदलाव और नॉलेज पर आधारित अर्थव्यवस्थाएँ हैं, जहाँ जानकारी तक पहुँच, रिसर्च की क्षमताएँ और डिजिटल स्किल्स इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप के बुनियादी ड्राइवर बन गए हैं। इरास्मस+ NSIS प्रोजेक्ट के ज़रिए, हमारा मकसद भारत, श्रीलंका और नेपाल में पार्टनर संस्थानों के बीच रिसर्च और एकेडमिक सहयोग को मज़बूत करना, मॉडर्न रिसर्च माहौल के लिए ज़रूरी डिजिटल और इन्फॉर्मेशन स्किल्स को बढ़ाना, और पूरे इलाके में इनोवेशन, एंटरप्रेन्योरशिप और नॉलेज पर आधारित आर्थिक विकास को सपोर्ट करना है।”
मानव रचना इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ रिसर्च एंड स्टडीज़ के प्रो वाइस-चांसलर डॉ. नरेश ग्रोवर ने डिजिटली कनेक्टेड रिसर्च इकोसिस्टम को इनेबल करने में यूनिवर्सिटीज़ की बदलती भूमिका पर ज़ोर देते हुए कहा, “हायर एजुकेशन में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन सिर्फ़ नई टेक्नोलॉजी लाने के बारे में नहीं है; यह यूनिवर्सिटीज़ के अंदर सीखने, रिसर्च और कोलेबोरेशन के तरीके को पूरी तरह से रीडिज़ाइन करने के बारे में है। टेक्नोलॉजी-इनेबल्ड और ग्लोबली कनेक्टेड लर्निंग एनवायरनमेंट की ओर बदलाव इंस्टीट्यूशन्स को रिसर्च को मज़बूत करने, इनोवेशन को बढ़ावा देने और एकेडमिक काम को असल दुनिया की चुनौतियों से जोड़ने में मदद कर रहा है। नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 और डिजिटल इंडिया मिशन जैसे इनिशिएटिव्स के सपोर्ट से, यूनिवर्सिटीज़ रिसर्च कैपेबिलिटीज़ को बेहतर बनाने और इंस्टीट्यूशनल डिसीजन-मेकिंग को ज़्यादा डेटा-ड्रिवन बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म का तेज़ी से इस्तेमाल कर रही हैं।”
“साउथ एशिया में बिज़नेस, इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप के लिए इन्फॉर्मेशन और रिसर्च डेवलप करने के लिए AI और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन” पर एक पैनल डिस्कशन को मानव रचना एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO राजीव कपूर ने मॉडरेट किया। “साउथ एशिया में एंटरप्रेन्योरशिप के लिए एजुकेशन, रिसर्च और लाइब्रेरी में डिजिटल स्किल्स डेवलप करना” पर एक और पैनल को मानव रचना इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च एंड स्टडीज की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और डीन एकेडमिक्स डॉ. मोनिका गोयल ने मॉडरेट किया।
चर्चा में रिसर्च संस्थानों के अंदर डिजिटल काबिलियत को मज़बूत करने की स्ट्रेटेजी पर बात हुई और इनोवेशन से चलने वाली एंटरप्रेन्योरशिप और इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च को सपोर्ट करने में यूनिवर्सिटी की भूमिका पर ज़ोर दिया गया। MRIIRS में, इरास्मस+ सपोर्ट ने उभरते टेक्नोलॉजी एरिया में रिसर्च कोलेबोरेशन, लाइब्रेरी स्टाफ़ समेत प्रोफेशनल्स के लिए कैपेसिटी-बिल्डिंग प्रोग्राम, और स्टूडेंट्स और रिसर्चर्स के बीच इनोवेशन को बढ़ावा देने के मकसद से एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट इनिशिएटिव में योगदान दिया है।

लंबे समय में, इस इनिशिएटिव से रीजनल इनोवेशन इकोसिस्टम को मज़बूत करने, यूनिवर्सिटीज़ के अंदर स्टार्टअप कल्चर को बढ़ावा देने, एकेडेमिया और इंडस्ट्री के बीच कोलेबोरेशन को बढ़ाने, और इनोवेशन से चलने वाली एंटरप्रेन्योरशिप और टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट के लिए सस्टेनेबल फ्रेमवर्क बनाने की उम्मीद है।

सत्युग दर्शन संस्थान के विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के जरिए दिया ‘नारी शक्ति’ का संदेश

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में सत्युग दर्शन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (SDIET) के छात्र-छात्राओं द्वारा भव्य नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। “नारी शक्ति, पहचान अपनी” विषय पर आधारित इस नाटक के माध्यम से युवाओं ने समाज में महिलाओं के अस्तित्व और उनकी अद्वितीय पहचान को सशक्त रूप से प्रस्तुत किया।

शहर के सार्वजनिक स्थल पर आयोजित इस कार्यक्रम में भारी संख्या में स्थानीय लोग और छात्र मौजूद रहे। नाटक के कलाकारों ने ढोलक की थाप और जोशीले संवादों के जरिए समाज में व्याप्त रूढ़िवादी सोच पर कड़ा प्रहार किया। प्रस्तुति में दिखाया गया कि कैसे एक महिला अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ अपनी व्यक्तिगत पहचान और सपनों को नई उड़ान दे सकती है।

संस्थान के प्रबंधन और शिक्षकों ने छात्रों के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक मुद्दों के प्रति संवेदनशीलता आज के समय की मांग है। नाटक का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और अपनी छिपी हुई प्रतिभा को पहचानने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम का समापन उपस्थित जनसमूह द्वारा नारी सम्मान और समानता की शपथ के साथ हुआ।

प्राचार्य डॉ. शैलेन्द्र कुमार ने अपने संदेश में कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल एक विचार नहीं, बल्कि समाज के समग्र विकास की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि जब शिक्षित और जागरूक युवा समाज में सकारात्मक संदेश देने के लिए आगे आते हैं, तो परिवर्तन की एक मजबूत नींव तैयार होती है। उन्होंने छात्रों की इस रचनात्मक पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी और संवेदनशीलता की भावना को और मजबूत करते हैं।

इजरायल-ईरान युद्ध: एयरस्ट्राइक में 7 ईरानी सैन्य अधिकारी ढेर, तेहरान का पलटवार

पश्चिम एशिया में हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं। इजरायल और अमेरिका के संयुक्त सैन्य अभियान के बीच इजरायली वायु सेना ने ईरान के विभिन्न सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं।

इजरायली सेना ने दावा किया है कि इन हमलों में ईरानी रक्षा नेतृत्व के सात वरिष्ठ अधिकारी मारे गए हैं। मारे गए बताए जा रहे अधिकारियों में शामिल हैं:

  • अली शमखानी – ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के पूर्व सचिव और सुप्रीम लीडर के करीबी सलाहकार।
  • मोहम्मद पाकपुर – इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडर-इन-चीफ।
  • अज़ीज़ नासिरज़ादेह – ईरान के रक्षा मंत्री।
  • सालेह असादी, मोहम्मद शिराजी, हुसैन जबल अमेलियन और रजा मुजाफ्फरी-निया – IRGC और सैन्य खुफिया से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी।

इजरायली वायु सेना ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर कहा कि लड़ाकू विमानों ने सटीक हमले करते हुए ईरान के 500 से अधिक सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। रिपोर्ट्स के अनुसार, करीब 200 लड़ाकू विमानों ने मिसाइल लॉन्च साइट्स, एयर डिफेंस सिस्टम और बैलिस्टिक मिसाइल ठिकानों पर हमला किया।

यह अभियान 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ, जिसे इजरायल ने ऑपरेशन रोअरिंग लायन और अमेरिका ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी नाम दिया है। इसे इजरायली वायु सेना के इतिहास का सबसे बड़ा अभियान बताया जा रहा है।

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई भी हमलों में मारे गए हैं। हालांकि ईरान ने इस दावे का खंडन करते हुए कहा है कि उनके सर्वोच्च नेता सुरक्षित हैं।

ईरान ने जवाबी कार्रवाई में इजरायल और क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल व ड्रोन हमले किए हैं। इससे पूरे मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है।


अबू धाबी एयरपोर्ट पर एक की मौत

अबू धाबी स्थित जायद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा प्रशासन के अनुसार, हमलों के बीच हवाई अड्डे पर एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि सात अन्य घायल हुए हैं।

संयुक्त अरब अमीरात का दावा है कि उसने ईरान से दागे गए लगभग सभी ड्रोन और मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर लिया। अधिकारियों के मुताबिक एक हमलावर ड्रोन को मार गिराने के बाद उसका मलबा गिरने से एक एशियाई नागरिक की जान चली गई।

क्षेत्र में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय स्थिति पर नजर रखे हुए है।

30 मीटर हवा में उड़कर घर में घुसा ट्रक: अमेरिका में तेज रफ्तार का खौफनाक हादसा

अमेरिका से एक हैरान कर देने वाला सड़क हादसा सामने आया है, जहां तेज रफ्तार से दौड़ता एक ट्रक मिट्टी के टीले से उछलकर हवा में लगभग 30 मीटर तक उड़ता हुआ एक घर के भीतर जा घुसा। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें ट्रक को हवा में उछलते हुए साफ देखा जा सकता है।

यह दुर्घटना पिछले शुक्रवार तड़के करीब 3 बजे टाइगार्ड में हुई। स्थानीय पुलिस के अनुसार ट्रक पश्चिम दिशा में साउथवेस्ट स्कोल्स फेरी रोड पर जा रहा था। बताया गया कि चालक तेज गति और लापरवाही से वाहन चला रहा था। घर के दरवाजे पर लगे कैमरे की फुटेज में दिखा कि ट्रक पहले मिट्टी के टीले से उछला, फिर एक रिटेनिंग वॉल को पार करता हुआ सीधे मकान की दीवार से जा टकराया।

घर के बाथरूम में जा घुसा ट्रक

ट्रक डेविड ब्रुडनोक नामक व्यक्ति के घर के ग्राउंड फ्लोर स्थित बाथरूम में जा घुसा। ब्रुडनोक ने स्थानीय मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि कोई ट्रक उड़ते हुए घर में आ सकता है। अचानक तेज धमाका हुआ और पूरा घर हिल गया। नीचे जाकर देखा तो मकान का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था।

हादसे के समय ब्रुडनोक, उनकी पत्नी और तीनों छोटे बच्चे घर की ऊपरी मंजिल पर मौजूद थे। राहत की बात यह रही कि परिवार का कोई सदस्य घायल नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि वह ईश्वर के आभारी हैं कि घटना के वक्त पूरा परिवार ऊपर था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।

ड्राइवर पर केस दर्ज

दुर्घटना के बाद चालक खुद वाहन से बाहर निकल आया, जबकि दमकल विभाग की टीम ने मलबे में फंसे एक यात्री को सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस के अनुसार ड्राइवर और यात्री दोनों को मामूली चोटें आई हैं।

पुलिस ने 33 वर्षीय चालक जैकब हैंकिंस के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और अन्य लोगों की जान खतरे में डालने के आरोप में मामला दर्ज किया है। जांच अधिकारी फिलहाल दुर्घटना की पूरी परिस्थितियों की जांच कर रहे हैं, जिसमें ट्रक की रफ्तार और टक्कर से पहले की ड्राइविंग स्थिति का विश्लेषण शामिल है।

लूनर न्यू ईयर के जश्न में मातम: चीन में पटाखा दुकान विस्फोट से 12 की मौत
चीन के हुबेई में पटाखों की दुकान में धमाका 12 लोगों की मौत (फाइल फोटो)

चीन में लूनर न्यू ईयर के जश्न के बीच एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। चीन के शियांगयांग शहर में पटाखों की एक दुकान में भीषण विस्फोट होने से 12 लोगों की मौत हो गई। धमाके के तुरंत बाद दुकान में आग लग गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

यह घटना बुधवार दोपहर लगभग 2 बजे झेंगजी टाउन में हुई, जो हुबेई प्रांत के अंतर्गत आता है। विस्फोट इतना तेज था कि करीब 50 वर्ग मीटर का क्षेत्र आग की चपेट में आ गया। राहत और बचाव दल ने करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

एक हफ्ते में दूसरा बड़ा हादसा

इसी सप्ताह का यह दूसरा बड़ा मामला है। रविवार को पूर्वी जियांग्सू प्रांत में पटाखों की दुकान में आग लगने से 8 लोगों की जान चली गई थी, जबकि दो अन्य घायल हुए थे। लगातार हो रही घटनाओं को देखते हुए चीनी सरकार ने मंगलवार को चेतावनी जारी की थी। सरकार ने कहा कि स्प्रिंग फेस्टिवल के दौरान पटाखे सबसे बड़े जोखिम के रूप में सामने आते हैं।

चीन में त्योहारों, विशेष रूप से लूनर न्यू ईयर के मौके पर पटाखों का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है। हालांकि सुरक्षा और वायु प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए कुछ शहरों में पटाखों पर प्रतिबंध भी लगाया गया है, लेकिन यह फैसला अक्सर बहस का विषय बना रहता है।

पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे

पटाखों से जुड़े हादसे चीन में पहले भी सामने आते रहे हैं। पिछले वर्ष जून में हूनान प्रांत स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट हुआ था, जिसमें 9 लोगों की मौत हुई थी और 26 लोग घायल हुए थे।

स्पेन की बहुमंजिला इमारत में लगी भीषण आग, पांच लोगों की मौत
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स्पेन में आग में जलकर पांच लोगों की मौत (AI जनरेटेड फोटो)

उत्तर-पूर्वी स्पेन में एक अपार्टमेंट में आग लग गई। रीजनल इमरजेंसी सर्विसेज से मिली जानकारी के मुताबिक, इस आग में झुलसकर पांच लोगों की मौत हो गई और पांच लोग घायल हुए।

अधिकारियों ने सोमवार, 16 फरवरी की देर रात इस घटना के बारे में जानकारी दी। कैटालोनिया पुलिस ने कहा कि मरने वाले पांचों लोग जवान थे और वे बिल्डिंग में नहीं रहते थे।

स्पेन में आग में जलकर पांच लोगों की मौत

कैटालोनिया के रीजनल अधिकारियों ने एक बयान में बताया, बार्सिलोना के उत्तर में 21,000 की आबादी वाले शहर मान्लेउ में पांच मंजिला अपार्टमेंट ब्लॉक के स्टोरेज रूम में आग लगी।

अधिकारियों का कहना है कि आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चला है। लोग स्टोरेज रू से बाहर क्यों नहीं निकल पाए, इस बात का भी पता नहीं चला है। इस घटना में लोगों के शव इतनी बुरी तरह जल गए कि अभी तक उनकी पहचान भी नहीं हो पाई है।

कैटालोनिया के रीजनल लीडर, साल्वाडोर इल्ला ने X पर मृतकों और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए पांच लोगों की मौत पर दुख जताया।

इमरजेंसी सर्विस ने आज मंगलवार को जानकारी दी कि घायलों में से चार को बाद में हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी गई। वहीं एक व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ी। कैटलन पुलिस ने आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है।