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किराड़ी-बवाना समेत पांच इलाकों में 214 करोड़ के 53 विकास कार्यों का शिलान्या

संवाददाता प्रमोद कुमार जायसवाल दिल्ली द्वारका‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किराड़ी, बवाना, मुंडका, नरेला और नांगलोई जाट की अनधिकृत कॉलोनियों में 214.12 करोड़ रुपये की लागत से 53 विकास कार्यों का शिलान्यास किया। इन विकास कार्यों से सड़क, नाली, सीवेज और ड्रेनेज से जुड़ी वर्षों पुरानी समस्याओं के समाधान का रास्ता साफ होगा। खासतौर पर किराड़ी में लंबे समय से चली आ रही जलभराव की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली का कोई भी क्षेत्र विकास से पीछे नहीं रहना चाहिए, यही सरकार का संकल्प है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित दिल्ली’ के विजन को साकार करते हुए सरकार हर गली और हर कॉलोनी तक विकास पहुंचाने का काम कर रही है।

कार्यक्रम में सांसद योगेंद्र चांदोलिया, कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, आशीष सूद, रविन्द्र इंद्राज सिंह, विधायक राज करण, मनोज शौकीन और गजेंद्र दराल समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन विकास कार्यों के जरिए स्थानीय लोगों को बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं से राहत देने का प्रयास किया जा रहा है

Alumni talk, कॉलेज से कॉरपोरेट तक: पूर्व छात्रा ने साझा किए सफलता और करियर के अनुभव

सत्युग दर्शन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (SDIET), फरीदाबाद के डिपार्टमेंट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के टेक्निकल क्लब द्वारा 24 सितंबर 2026 को एलुमनाई सेल के सहयोग से बीबीए बैंकिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज (IIFSB) एवं बीबीए (जनरल) द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक पूर्व छात्र संवाद सत्र का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर संस्थान की पूर्व छात्रा एवं Ernst & Young (EY) में ह्यूमन रिसोर्स एग्जीक्यूटिव सुश्री सृष्टि मलिक ने विद्यार्थियों के साथ अपने शैक्षणिक एवं व्यावसायिक अनुभव साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों को कॉलेज जीवन से कॉरपोरेट जगत में प्रवेश के दौरान आने वाली चुनौतियों, अवसरों और अपेक्षाओं के बारे में व्यावहारिक जानकारी प्रदान की।

सुश्री सृष्टि मलिक ने कॉरपोरेट अपेक्षाओं, प्रभावी संचार, व्यावसायिक शिष्टाचार, रोजगारपरक कौशल, अनुकूलन क्षमता, टीमवर्क तथा करियर के प्रारंभिक चरण की वास्तविकताओं जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने अपने अनुभवों के माध्यम से विद्यार्थियों को बताया कि शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक एवं प्रोफेशनल स्किल्स का विकास भी सफल करियर के लिए अत्यंत आवश्यक है।

कार्यक्रम में SDIET के प्रधानाचार्य डॉ. शैलेंद्र कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने सुश्री सृष्टि मलिक का स्वागत करते हुए विद्यार्थियों को संबोधित किया तथा ऐसे संवादात्मक एवं अनुभव-आधारित कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पूर्व छात्रों के अनुभव विद्यार्थियों के लिए मार्गदर्शन का महत्वपूर्ण माध्यम हैं और इस प्रकार के सत्र उन्हें वास्तविक कार्यक्षेत्र की आवश्यकताओं को समझने में सहायता प्रदान करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने ज्ञान एवं कौशल को निरंतर विकसित करने तथा उपलब्ध अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।

सत्र के दौरान विद्यार्थियों को अपनी पूर्व छात्रा से सीधे संवाद करने, कॉरपोरेट जगत की कार्यप्रणाली को समझने तथा उद्योग की अपेक्षाओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करने का महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त हुआ। संवाद ने शैक्षणिक ज्ञान और कॉरपोरेट अपेक्षाओं के बीच की दूरी को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह सत्र विद्यार्थियों के लिए एक समृद्ध एवं प्रेरणादायक सीखने का अनुभव रहा, जिसने उन्हें अपने व्यावसायिक भविष्य के प्रति अधिक जागरूक और आत्मविश्वासी बनने के लिए प्रेरित किया।

SDIET का निरंतर प्रयास है कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ उद्योग जगत से जुड़ा व्यावहारिक अनुभव, पेशेवर कौशल और आवश्यक दृष्टिकोण प्रदान किया जाए, ताकि वे बदलते कॉरपोरेट परिवेश की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार कर एक सफल व्यावसायिक भविष्य की दिशा में आगे बढ़ सकें।

विचारों से प्रभावशाली पहल तक : विद्यार्थियों में उद्यमिता कौशल विकास पर विशेष सत्र आयोजित

सत्युग दर्शन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (SDIET), फरीदाबाद की ओर से DICE पहल के अंतर्गत स्कूल इनोवेशन काउंसिल (SIC) की गतिविधि–1 के तहत विद्यार्थियों में उद्यमशीलता की भावना विकसित करने के उद्देश्य से “उद्यमिता कौशल का विकास” विषय पर एक ज्ञानवर्धक एवं संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र का संचालन SDIET के प्रबंधन अध्ययन विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रिचा खुगशाल द्वारा किया गया।

यह सत्र 21 एवं 22 सितंबर 2026 को फरीदाबाद स्थित चार शैक्षणिक संस्थानों—केंद्रीय विद्यालय NIT नंबर 1, केंद्रीय विद्यालय NIT नंबर 2, केंद्रीय विद्यालय NIT नंबर 3 तथा राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, तिगांव—में आयोजित किया गया।

सत्र के दौरान विद्यार्थियों को उद्यमिता की मूल अवधारणाओं तथा एक विचार को सार्थक और प्रभावशाली उद्यम में परिवर्तित करने के लिए आवश्यक कौशलों से परिचित कराया गया। संवादात्मक एवं व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने रचनात्मकता एवं नवाचार, प्रभावी संचार, नेतृत्व, टीमवर्क, समस्या-समाधान, निर्णय लेने की क्षमता, वित्तीय एवं व्यवसाय प्रबंधन, विपणन, डिजिटल कौशल, जोखिम लेने की क्षमता, दृढ़ता तथा बदलती परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को ढालने जैसे महत्वपूर्ण कौशलों के बारे में जानकारी प्राप्त की।

सत्र का प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों को उपलब्ध अवसरों की पहचान करने, रचनात्मक ढंग से सोचने तथा उद्यमशील मानसिकता विकसित करने के लिए प्रेरित करना रहा। विद्यार्थियों को यह समझाया गया कि ज्ञान, कौशल और सकारात्मक दृष्टिकोण का उचित समन्वय नवीन विचारों को व्यावहारिक एवं प्रभावशाली समाधानों में परिवर्तित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है
इस अवसर पर संस्थान के प्राचार्य ने कहा कि आज के बदलते तकनीकी एवं व्यावसायिक परिवेश में विद्यार्थियों के लिए केवल विषयगत ज्ञान तक सीमित रहना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनमें रचनात्मक सोच, नवाचार, नेतृत्व, समस्या-समाधान और उद्यमशीलता जैसे कौशलों का विकास भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विद्यालय स्तर से ही विद्यार्थियों को अपने विचारों को पहचानने, उन्हें नए दृष्टिकोण से देखने और समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान के रूप में विकसित करने के अवसर प्रदान किए जाने चाहिए। उन्होंने इस प्रकार की पहलों को विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और नवाचार की संस्कृति विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया तथा विद्यार्थियों को सीखने के साथ-साथ अपने विचारों को व्यवहारिक रूप देने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का संदेश दिया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा उद्यमिता से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए अपने विचार साझा किए। यह पहल विद्यार्थियों में नवाचार, आत्मनिर्भरता और समस्या-समाधान की क्षमता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास रही।

सिद्धांत को तकनीक से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल: SDIET में वर्चुअल लैब का उद्घाटन

सत्युग दर्शन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (SDIET), फरीदाबाद में आईआईटी दिल्ली के सहयोग से वर्चुअल लैब का उद्घाटन किया गया। यह पहल संस्थान में तकनीक-सक्षम, अनुभवात्मक एवं व्यावहारिक शिक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कार्यक्रम में आईआईटी दिल्ली के वर्चुअल लैब्स के वरिष्ठ कार्यकारी प्रशिक्षक श्री उबैद मुश्ताक नजर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने प्रतिभागियों के लिए वर्चुअल लैब से संबंधित एक विस्तृत एवं रोचक ओरिएंटेशन और प्रदर्शन सत्र आयोजित किया। इस दौरान प्रतिभागियों को वर्चुअल लैब की अवधारणा, प्रमुख विशेषताओं एवं शैक्षणिक महत्व से अवगत कराया गया। उन्होंने बताया कि वर्चुअल लैब के माध्यम से विद्यार्थी इंटरैक्टिव एवं डिजिटल माध्यम से प्रयोगों को समझ और संचालित कर सकते हैं, जिससे उनकी व्यावहारिक समझ को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान संस्थान के प्राचार्य डॉ. शैलेंद्र कुमार ने स्वागत संबोधन प्रस्तुत किया। उन्होंने शिक्षा में नवीन डिजिटल संसाधनों के समावेश की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग विद्यार्थियों के व्यावहारिक ज्ञान को समृद्ध करने के साथ-साथ उन्हें नवीन शैक्षणिक संसाधनों तक व्यापक पहुंच प्रदान करता है।

प्रदर्शन सत्र के दौरान वर्चुअल लैब की कार्यप्रणाली एवं विभिन्न प्रयोगों में इसके उपयोग को प्रदर्शित किया गया। प्रतिभागियों ने जाना कि वर्चुअल लैब के माध्यम से प्रयोगों को सुरक्षित, इंटरैक्टिव, सुविधाजनक एवं सुलभ डिजिटल वातावरण में किया जा सकता है।

वर्चुअल लैब की यह पहल SDIET में व्यावहारिक शिक्षा को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ने तथा विद्यार्थियों में तकनीक-आधारित एवं अनुभवात्मक अधिगम की संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है। संस्थान का यह कदम विद्यार्थियों को बदलती तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने और उन्हें आधुनिक शिक्षण संसाधनों से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

SDIET में आंतरिक हैकाथॉन 2026: नवाचार, रचनात्मकता और समस्या-समाधान को बढ़ावा

सत्युग दर्शन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (SDIET), फरीदाबाद में स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन (SIH) 2026 के अंतर्गत आयोजित आंतरिक हैकाथॉन 2026 का 16 एवं 17 सितंबर 2026 को सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। दो दिवसीय इस आयोजन में 43 टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिनमें बी.टेक, बीसीए और बीबीए कार्यक्रमों के विद्यार्थी शामिल रहे। हैकाथॉन ने विभिन्न शैक्षणिक पृष्ठभूमियों से आए विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन की चुनौतियों के समाधान विकसित करते हुए अपनी नवाचार क्षमता, रचनात्मकता, तकनीकी दक्षता, टीमवर्क और समस्या-समाधान कौशल प्रदर्शित करने के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान किया।

इस आयोजन ने विद्यार्थियों को पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर सोचने तथा अपने विचारों को व्यावहारिक और अभिनव समाधानों में परिवर्तित करने के लिए प्रेरित किया। प्रतिभागियों ने टीम भावना के साथ विभिन्न समस्या विवरणों पर कार्य करते हुए तकनीकी एवं रचनात्मक समाधानों को विकसित करने का प्रयास किया। साथ ही, कार्यक्रम ने अंतर्विषयक सहयोग को प्रोत्साहित किया और विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर के हैकाथॉन में अपनाई जाने वाली समस्या-समाधान प्रक्रिया का व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया।
प्रतिभागी टीमों के मूल्यांकन के पश्चात AROMA ROBOTICS ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। टीम में मनीष खंडेलवाल, रेहान अफजल, आयुष बैसला, अर्नेश भाट, गुंजन कौशिक और रोहित शामिल रहे। Innov8 Labs ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जिसमें केशवी सिंह, प्रिया पवार, पूनम, राधिका, उमा यादव और प्रांजल वर्मा शामिल रहे। वहीं Tech With Us ने तृतीय स्थान प्राप्त किया, जिसकी टीम में पीयूष राय, चंदा, अनुष्का पांडे, जिया, गुरनूर कौर और सना भाटी शामिल रहे।

SDIET PURECSS Consultancy के एर. पंकज कुमार त्रेहन के महत्वपूर्ण योगदान के लिए उनका हार्दिक आभार व्यक्त करता है, जिन्होंने आंतरिक हैकाथॉन में बाह्य निर्णायक के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके विशेषज्ञतापूर्ण मूल्यांकन, महत्वपूर्ण सुझावों और रचनात्मक प्रतिक्रिया ने प्रतिभागी टीमों को अपने विचारों एवं समाधानों को बेहतर ढंग से प्रस्तुत करने में मार्गदर्शन प्रदान किया तथा विद्यार्थियों के सीखने के अनुभव को और समृद्ध बनाया।

आंतरिक हैकाथॉन ने विद्यार्थियों को अभिनव विचारों का अन्वेषण करने, सहयोगात्मक रूप से कार्य करने, वास्तविक जीवन की समस्याओं को समझने और प्रौद्योगिकी-आधारित समाधान विकसित करने का अवसर प्रदान किया। बी.टेक, बीसीए और बीबीए कार्यक्रमों के विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने समकालीन चुनौतियों के समाधान में अंतर्विषयक सहयोग और सामूहिक प्रयास के महत्व को भी रेखांकित किया।
SDIET सभी 43 प्रतिभागी टीमों को उनके उत्साह, रचनात्मकता, तकनीकी कौशल और प्रतिबद्धता के लिए बधाई देता है। प्रत्येक टीम की सक्रिय सहभागिता और समर्पण ने आंतरिक हैकाथॉन को नवाचार, सहयोग और सामूहिक समस्या-समाधान का एक सार्थक एवं ज्ञानवर्धक मंच बनाया।

इस आयोजन का सफल समापन SDIET की अपने विद्यार्थियों में नवाचार-प्रेरित, उद्यमशील और समस्या-समाधान की सोच विकसित करने तथा उन्हें राष्ट्र के तकनीकी एवं सामाजिक विकास में सार्थक योगदान देने के लिए तैयार करने की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

सत्युग दर्शन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में श्रद्धा और भक्ति के साथ विश्वकर्मा पूजा का आयोजन

सत्युग दर्शन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में 17 सितंबर 2026 को केंद्रीय कार्यशाला प्रयोगशाला में विश्वकर्मा पूजा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शिक्षकगण और कर्मचारीगण श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक सौहार्द के वातावरण में एकत्रित हुए।

यह पावन अवसर दिव्य वास्तुकार एवं शिल्पकार के रूप में पूजनीय भगवान विश्वकर्मा को समर्पित था। पारंपरिक विधि-विधान से पूजा संपन्न की गई तथा तकनीकी एवं व्यावसायिक कार्यों में प्रगति, समृद्धि, सुरक्षा और उत्कृष्टता के लिए ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त किया गया।

समारोह में समाज की उन्नति और विकास में इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी, उपकरणों, तकनीकी कौशल, नवाचार और शिल्पकला के महत्व को रेखांकित किया गया। यह अवसर समर्पण, सटीकता, रचनात्मकता तथा ज्ञान और प्रौद्योगिकी के जिम्मेदार उपयोग जैसे मूल्यों की याद दिलाने वाला भी रहा।शिक्षकगण और कर्मचारीगण ने श्रद्धापूर्वक पूजा में भाग लिया तथा संस्थान और उसकी शैक्षणिक एवं तकनीकी गतिविधियों की निरंतर प्रगति और सफलता के लिए प्रार्थना की।

प्रधानाचार्य, डॉ शैलेंद्र त्यागी जी ने कहा कि तकनीकी ज्ञान का जिम्मेदार उपयोग, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक जागरूकता के साथ मिलकर, एक प्रगतिशील और सौहार्दपूर्ण समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

समारोह का समापन प्रसाद वितरण के साथ हुआ, जिसने शिक्षकगण और कर्मचारीगण के बीच साझा भक्ति, एकजुटता और सामुदायिक भावना का आनंदमय वातावरण निर्मित किया। इसके साथ ही प्रधानाचार्य ने सभी शिक्षकगण और कर्मचारीगण को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं तथा सभी को समर्पण और टीम भावना के साथ संस्थान की प्रगति में निरंतर योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

यह आयोजन संस्थान की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके अंतर्गत ज्ञान, कौशल, शिल्पकला, प्रौद्योगिकी और आध्यात्मिक सौहार्द को महत्व देने वाली संस्कृति का विकास किया जा रहा है तथा प्रगतिशील समाज के निर्माण में इन तत्वों के योगदान को स्वीकार किया जा रहा है।