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ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के नवनियुक्त पदाधिकारियों को अंकित मलिक ने दी बधाई

डॉ.महेंद्र शर्मा को महासचिव व मधुबाला को महिला विंग की जिलाध्यक्ष मनोनीत किया गया जिलाध्यक्ष गोपाल शर्मा की टीम में उपमंडल अध्यक्ष पंकज अरोड़ा, शमीम अहमद, व सुमित गोयल,पृथला क्षेत्र बबलू सैनी को शामिल किया गया जिला,2 उपमंडल अध्यक्ष सहित जिले की कार्यकारिणी गठित की गई फरीदाबाद.02 मार्च। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन हरियाणा प्रदेश सुनील कुमार जांगड़ा के नेतृत्व व सलाहकार बिजेंद्र फौजदार व प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश गौतम व संगठन सचिव वंदना की उपस्थिति एवं नवनियुक्त प्रदेश महासचिव डॉक्टर महेंद्र शर्मा द्वारा जिला फरीदाबाद अध्यक्ष गोपाल शर्मा और महिला विंग जिलाध्यक्षा मधुबाला को एसोसिएशन कार्यालय सैक्टर 64 स्थित 919पी.बल्लबगढ़ में एक बैठक के दौरान मनोनीत किया गया।
इसी कड़ी में जिला अध्यक्ष गोपाल शर्मा की टीम में उपाध्यक्ष शमीम अहमद, उपाध्यक्ष सुभाष शर्मा, सचिव रवींद्र नरवत, संगठन सचिव राधा और उपमंडल बढ़कल अध्यक्ष पंकज अरोड़ा की टीम में महेश गोटवाल को महासचिव एवं बल्लबगढ़ उपमंडल अध्यक्ष सुमित गोयल की टीम में उपाध्यक्ष गोपाल अरोड़ा और पृथला विधानसभा से बबलू सैनी को मनोनीत किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ समाज सेवी एवं फीवा के महासचिव सरदार गुरमीत सिंह देओल ने सभी पत्रकार बंधुओ व संगठित कार्यकारिणी को बधाई एवं होली पर्व की शुभकामना दी।
इस अवसर पर नवनियुक्त प्रदेश महासचिव डॉक्टर महेंद्र शर्मा सहित जिला फरीदाबाद और उप मंडल के नवनियुक्त पदाधिकारी को रियल एस्टेट एंड ग्रुप के निदेशक अंकित मलिक ने पदभार संभालने पर पत्रकार बंधुओं का फूल मालाओं से स्वागत किया और होली पर्व की सभी पत्रकार बंधुओं और देशवासियों को बधाई दी।


इस मौके पर अंकित मलिक ने कहा कि पत्रकारिता की छवि एक आईना की तरह होती और पत्रकार कों कलम का इस्तेमाल जमीनी स्तर पर करना चाहिए और शासन प्रशासन तथा सरकार की नीतियों को जन-जन तक पहुंचने का काम करना चाहिए ताकि आमजन और जरूरत मंद लोग जागरूक हो सके ऐसा करने पर लोग ज्यादा लाभान्वित होंगे।
प्रदेश अध्यक्ष सुनील कुमार जांगड़ा ने कहा कि ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवी प्रसाद गुप्ता के निर्देशानुसार व हरियाणा प्रदेश प्रभारी डॉ नरेश पाल सिंह के मार्गदर्शन में विभिन्न जिला एवं उपमंडल स्तरीय कमेटी गठित कर घोषणा की है।
इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश गौतम और प्रदेश महासचिव डॉक्टर महेंद्र शर्मा ने संयुक्त रूप से कहा कि पत्रकार बंधुओं का एसोसिएशन में स्वागत है।
प्रदेश महासचिव डॉक्टर महेंद्र शर्मा ने सभी पत्रकार बंधुओ से कहा कि हम सभी को एक परिवार की भांति दुख सुख में एकजुट होकर रहना होगा और निंदनीय विचारों से भी दूर रहना होगा, एसोसिएशन टीम का प्रयास रहेगा कि आपातकालीन स्थिति में पत्रकार बंधु अपने संगठन से हो या दूसरे किसी संस्थान,संगठन से हम एकजुट होकर दीवार की तरह उनके साथ खड़े रहेंगे।

अरूणाभा वेलफेयर सोसाइटी द्वारा होली मिलन समारोह का आयोजन

अरूणाभा वेलफेयर सोसायटी ( रजि.) द्वारा होली मिलन समारोह सेक्टर – 31, फरीदाबाद में किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि नवीन कुमार झा और निभा झा द्वारा बच्चों को कैश प्राइज दिया गया। उन्होंने कहा कि वेलफेयर स्लम्स के लिए बहुत ही सराहनीय कार्य कर रही है, जिसके लिए वेलफेयर के सभी सदस्य बधाई के पात्र हैं । विशिष्ट अतिथि अदिति मिश्रा ने बच्चों को चिप्स और बिस्किट वितरित किया तथा कहा कि वह वेलफेयर के उत्थान में हर संभव मदद करेंगी। वहीं एकनाथ गुप्ता जी ने बच्चों का मुंह गुजिया से मीठा कराया और कहा कि बच्चे ही देश का भविष्य है। वेलफेयर महिलाओं और बच्चों को सशक्त बनाने का हर संभव प्रयास कर रही है, जिसके लिए वह हमेशा उनकी सहायता करेंगे। ममता मित्तल और डॉ.संजय गुप्ता जी द्वारा सबके लिए कार्यक्रम के पश्चात भोजन की व्यवस्था की गई ।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ.आर.के. श्रीवास्तव जी ने सभी का स्वागत किया और कहा कि हम सब मिलकर वेलफेयर को आगे बढ़ाने में हमेशा ही प्रयत्नशील रहेंगे। वेलफेयर की संस्थापिका अध्यक्षा प्रणीता प्रभात ने बच्चों को होलिका दहन और होली मनाने के बारे में बताया और कहा कि बिना सहयोग के कोई भी काम संभव नहीं होता है, इसलिए वह वेलफेयर की पूरी टीम के साथ और सहयोग से ही समाज के उत्थान के लिए कार्य कर पा रही हैं । इसके लिए उन्होंने उपस्थित डॉ. एस. के.शर्मा, अंकित सचदेवा, अनिरुद्ध बोदड़े, प्रियंका झा, मधु वशिष्ठ, राजश्री, रीमा चौधरी, अंकित, अश्वनी, पायल, रानी, पलक, वंशिका, मोना, बेबी, सोना आदि का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में फूलों वाली होली के साथ नृत्य, संगीत, कविता पाठ आदि का आयोजन किया गया। जिसका सभी लोगों ने लुफ्त उठाया और कार्यक्रम की भूरि – भूरि प्रशंसा की । बच्चों के साथ बच्चा बनकर देखिए, सच में बहुत सुकून मिलता है।

जल है तो कल है: 27वें दिन हरियाणा में गूंजा ‘यमुना बचाओ’ संकल्प, बल्लबगढ़ में ऐतिहासिक स्वागत

बल्लबगढ़, 24 फरवरी। अविरल और निर्मल यमुना के संकल्प के साथ निकली जल सहेलियों की ऐतिहासिक यात्रा का 27वां दिन हरियाणा की धरती पर ऊर्जा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। यात्रा की शुरुआत बल्लबगढ़ स्थित बालाजी कॉलेज बल्लबगढ़ से हुई, जहां निदेशक डॉ. जगदीश चौधरी की अध्यक्षता में “जल संवाद: यमुना विशेष” कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के प्रो. प्रवीण झा, तरुण भारत संघ की उपाध्यक्ष इंदिरा खुराना और जल सहेली समिति के संयोजक संजय सिंह ने यमुना की वर्तमान स्थिति, चुनौतियों और संभावित समाधानों पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस दौरान जल सहेलियों ने प्रेरणादायक जल गीत प्रस्तुत किए और बड़ी संख्या में पर्यावरण कार्यकर्ता भी शामिल हुए।

बाजार में भव्य स्वागत, गूंजे जागरूकता के नारे

जैसे ही यात्रा बल्लबगढ़ बाजार पहुंची, स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और विद्यार्थियों ने पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया। “यमुना बचाओ”, “जल है तो कल है” और “नदियां रहेंगी तो सभ्यता बचेगी” जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।

यह यात्रा विशेष इसलिए भी है क्योंकि बुंदेलखंड की महिलाओं द्वारा नदियों के संरक्षण के लिए संगठित रूप में निकाली जा रही यह अपने प्रकार की पहली पहल मानी जा रही है। जो महिलाएं कभी घर की चौखट से बाहर निकलने में संकोच करती थीं, वे आज प्रकृति संरक्षण की अगुवाई कर रही हैं।

जागरूकता और संवाद पर जोर

सभा को संबोधित करते हुए डॉ. संजय सिंह ने कहा कि यह यात्रा किसी के विरोध के लिए नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता और सामूहिक भागीदारी के उद्देश्य से निकाली गई है। उन्होंने बताया कि छात्रों के साथ यमुना विषय पर संवाद अत्यंत सकारात्मक रहा और युवाओं में नदी संरक्षण को लेकर संवेदनशीलता बढ़ी है।

उन्होंने जानकारी दी कि यात्रा का समापन 26 फरवरी को दिल्ली के वासुदेव घाट पर होगा। विभिन्न माध्यमों में इसे महिला-नेतृत्व वाली पहली ऐतिहासिक यमुना संरक्षण यात्रा बताया गया है।

प्रकृति से जुड़ने का आह्वान

डॉ. जगदीश चौधरी ने कहा कि आधुनिक विकास की दौड़ में समाज ने प्रकृति से दूरी बना ली है। पहले तालाब, कुएं और बावड़ियां स्वच्छ जल के स्रोत थे, लेकिन अंधाधुंध विकास ने इन्हें समाप्त कर दिया। आज कई क्षेत्रों में जल संकट गहराता जा रहा है और ऐसे में जल सहेलियों का यह प्रयास समाज की चेतना को जगाने वाला है।

जल सहेली समिति की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि यमुना केवल नदी नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और आस्था की जीवनरेखा है। श्रीकृष्ण की लीलाओं से लेकर उत्तर भारत की सांस्कृतिक विरासत तक यमुना का विशेष स्थान है। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद जल सहेलियां इस अभियान को निरंतर आगे बढ़ा रही हैं।

जल सहेली लक्ष्मी ने कहा कि यदि आज जल स्रोतों को नहीं बचाया गया तो आने वाली पीढ़ियां हमें माफ नहीं करेंगी। वहीं समिति की उपाध्यक्ष रेखा ने स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ी तो जल सत्याग्रह का रास्ता भी अपनाया जाएगा।

वरिष्ठ समाजसेवी इंदिरा खुराना ने इस पहल को नारी शक्ति और सामाजिक परिवर्तन का सशक्त उदाहरण बताया।

यात्रा जाट भवन सेक्टर-3 से किसान भवन सेक्टर-16 होते हुए रात्रि विश्राम के लिए आइडियल पब्लिक स्कूल लकड़पुर पहुंची, जहां अगले चरण की तैयारियां की गईं।

यह अभियान न केवल यमुना संरक्षण का संदेश दे रहा है, बल्कि समाज को जल और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी याद दिलाने का भी प्रयास कर रहा है।