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राष्ट्रीय सेविका समिति, उमा शाखा ने महिला दिवस और होली मिलन समारोह का भव्य आयोजन किया


माधव नगर। आज राष्ट्रीय सेविका समिति, उमा शाखा ने माधव नगर में महिला दिवस और होली मिलन समारोह का भव्य आयोजन किया। इस अवसर पर स्थानीय महिलाएं और बच्चे बड़े उत्साह के साथ शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य महिला सशक्तिकरण, सामूहिक सहभागिता और सांस्कृतिक समृद्धि को बढ़ावा देना था।

कार्यक्रम की शुरुआत: समारोह की शुरुआत सुबह दीप प्रज्वलन और स्वागत समारोह के साथ हुई। समिति की वरिष्ठ सदस्याओं ने उपस्थित लोगों का स्वागत करते हुए कहा कि यह आयोजन महिलाओं के योगदान और समाज में उनकी भागीदारी को मान्यता देने के लिए आयोजित किया गया है।
मुख्य वक्ताओं का क्रम और उनके वक्तव्य:

1. ममता रावत जी
ममता रावत जी ने महिलाओं में आत्मनिर्भरता और नेतृत्व क्षमता विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिलाएं घर की जिम्मेदारियों के साथ-साथ सामाजिक और पेशेवर जीवन में भी सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने युवाओं और महिलाओं को प्रोत्साहित किया कि वे अपने कौशल और शिक्षा से समाज में बदलाव लाएँ।

2. पद्मा नेगी जी
पद्मा नेगी जी ने महिला शिक्षा और बच्चों के कल्याण पर विशेष ध्यान दिया। उनका कहना था कि शिक्षा ही महिलाओं को सशक्त बनाने का सबसे मजबूत हथियार है। उन्होंने सभी से अपील की कि वे खुद पढ़ें और बेटियों को भी शिक्षा के अवसर दें।

3. चंपा जी
चंपा जी ने महिलाओं में समान अधिकार और आत्म-सम्मान बनाए रखने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि महिलाएं समाज में अपनी राय खुले रूप से रखें और किसी भी प्रकार के अन्याय या भेदभाव के खिलाफ खड़ी हों।

4. सत्या जी
सत्या जी ने महिला सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारियों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिलाएं केवल परिवार की देखभाल तक सीमित न रहें, बल्कि सुरक्षा, न्याय और सामाजिक जिम्मेदारी में भी सक्रिय भूमिका निभाएँ। उन्होंने सभी महिलाओं से अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और समस्याओं का साहसपूर्वक सामना करने की अपील की।

5. रेणु जी
रेणु जी ने मानसिक स्वास्थ्य और सकारात्मक सोच पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य मजबूत होने पर महिलाएं जीवन और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं। उन्होंने आत्मविश्वास और मानसिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता देने की बात कही।

6. पिंकी जी
पिंकी जी ने सामूहिक प्रयास और समाज सेवा का महत्व बताया। उनका कहना था कि महिलाएं मिलकर कार्य करें तो समाज में बदलाव जल्दी और प्रभावशाली रूप से संभव है। उन्होंने महिलाओं से समाज सेवा में सक्रिय भागीदारी की अपील की।

7. दीपांशी अरोड़ा
दीपांशी अरोड़ा ने महिला नेतृत्व और करियर विकास पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा, कौशल और आत्मविश्वास के माध्यम से महिलाएं समाज में नेतृत्व की भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने हर महिला में छिपी नेतृत्व क्षमता को पहचानने और विकसित करने पर जोर दिया।

8. दीपाली जी
दीपाली जी ने सांस्कृतिक गतिविधियों में भागीदारी और सृजनात्मकता बढ़ाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक गतिविधियाँ महिलाओं और बच्चों में रचनात्मक सोच और आत्मविश्वास विकसित करती हैं। उन्होंने उपस्थित महिलाओं से अपने बच्चों को भी इन गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित करने की अपील की।

9. भूमिका जी
भूमिका जी ने महिला स्वास्थ्य, पोषण और समाज सेवा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ और मजबूत शरीर ही महिलाओं को समाज में सक्रिय भूमिका निभाने की शक्ति देता है। उन्होंने स्वास्थ्य और पोषण के महत्व पर विशेष ध्यान देने को कहा।

10. सोनाली जी
सोनाली जी ने महिला सशक्तिकरण और समाज सेवा पर बल दिया। उन्होंने कहा कि महिला का सशक्त होना समाज की प्रगति का प्रतीक है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे समाज में बदलाव लाने और दूसरों की मदद करने में सक्रिय भागीदारी निभाएँ। सांस्कृतिक कार्यक्रम और बच्चों की प्रतियोगिताएँ:
वक्ताओं के भाषणों के बाद महिलाओं और बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, गीत और नृत्य प्रस्तुत किए।
बच्चों के लिए चित्रकला और नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। बच्चों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और सभी उपस्थित लोगों ने उनकी प्रशंसा की।
कार्यक्रम में होली मिलन का आयोजन भी किया गया, जिसमें उपस्थित लोगों ने महिला सशक्तिकरण और सहयोग का संदेश साझा किया।
अंत में सभी उपस्थित लोगों को स्मृति चिन्ह और हल्का जलपान प्रदान किया गया।

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