अजमतगढ़ के अध्यक्ष विपिन कुमार प्रजापति, कोषाध्यक्ष दिवाकर यदुवंशी और मंत्री रंजीत शर्मा ने भागीदारी पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन में आए मंत्री ओमप्रकाश राजभर को शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टी ई टी अनिवार्यता से मुक्त करने का ज्ञापन सौंपा।
आज़मगढ़ /उत्तर प्रदेश /संवाददाता – शुभम् कुमार रावत
आजमगढ़ सगड़ी उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ब्लॉक इकाई अजमतगढ़ के अध्यक्ष विपिन कुमार प्रजापति, कोषाध्यक्ष दिवाकर यदुवंशी और मंत्री रंजीत शर्मा ने भागीदारी पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन में आए मंत्री ओमप्रकाश राजभर को शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टी ई टी अनिवार्यता से मुक्त करने का ज्ञापन सौंपा।
दिए गए ज्ञापन में संगठन के लोगों ने कहा कि टीईटी की अनिवार्यता वर्तमान में शिक्षकों के हितों के विपरीत प्रभाव डाल रही है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 लागू होने से पूर्व नियुक्त अधिकांश शिक्षक अपनी नियुक्ति के समय निर्धारित योग्यता एवं मानकों को पूर्ण करते हुए सेवा में आए थे। ऐसे शिक्षकों पर वर्तमान में स्थिति की अनिवार्यता थोपना अनुचित ही नहीं बल्कि उनके पूर्व अर्जित अधिकारियों एवं अनुभवों की अनदेखी भी है।
यह व्यवस्था उनके हितों के विरुद्ध है तथा इससे शिक्षकों का मनोबल प्रभावित हो रहा है और शिक्षा व्यवस्था में अनावश्यक और अस्थिरता उत्पन्न हो रही है।इन शिक्षकों को टेट अनिवार्यता से पूर्ण मुक्त किया जाना चाहिए। वर्तमान में कार्यरत शिक्षकों की सेवा अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। शिक्षकों के अनुभव एवं पूर्ण निर्धारित योग्यता के को मान्यता देते हुए न्याय संगत एवं स्थाई नीति बनाई जानी चाहिए।
