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तिहाड़ से रिहा होने के बाद बदले राजपाल यादव के सुर, बोले—कानून सबके लिए बराबर, जेल सुधार जरूरी
तिहाड़ से रिहा होने के बाद बदले राजपाल यादव के सुर, बोले—कानून सबके लिए बराबर, जेल सुधार जरूरी

शाहजहांपुर। फिल्म अभिनेता राजपाल यादव ने कहा कि कानून की नजर में सभी बराबर होते हैं और यहां कोई छोटा-बड़ा नहीं होता। उन्होंने जेल व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता पर जोर देते हुए अच्छे आचरण वाले बंदियों को दोबारा मुख्यधारा में लौटने का अवसर देने की बात कही। चेक बाउंस मामले में तिहाड़ जेल से रिहा होने के बाद वह बुधवार को अपने पैतृक गांव कुंडरा पहुंचे।

मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि उनके कठिन समय में जिन लोगों ने प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से सहयोग किया, प्रार्थना की और उनका साथ दिया, वह उन सभी के आभारी हैं। उन्होंने सभी का धन्यवाद व्यक्त किया। राजपाल यादव ने खुद को भारतीय सिनेमा का जिम्मेदार अभिनेता बताते हुए कहा कि उन्होंने हास्य से लेकर गंभीर तक हर तरह की भूमिकाएं निभाई हैं।

उन्होंने कहा कि कला उनके लिए एक विज्ञान की तरह है और वह स्वयं को उसका विद्यार्थी मानते हैं। अभिनय उनका जुनून है, इसलिए उन्हें कभी काम तलाशने की जरूरत महसूस नहीं हुई। जेल में बिताए समय को याद करते हुए उन्होंने कहा कि जब हर क्षेत्र में आधुनिकीकरण हो रहा है, तो जेलों में भी सुधार और अपडेट की जरूरत है।

उन्होंने सुझाव दिया कि जिन बंदियों का आचरण और व्यवहार अच्छा है, जो अदालती प्रक्रियाओं में सक्रिय रूप से शामिल नहीं हो पा रहे या सजायाफ्ता हैं, ऐसे लगभग दस प्रतिशत बंदियों पर विचार कर उन्हें समाज की मुख्यधारा में लौटने का अवसर दिया जा सकता है। उनका मानना है कि घृणा पाप से होनी चाहिए, पापी से नहीं।

नौ करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें 30 दिन की अंतरिम जमानत दी थी। पांच फरवरी को सरेंडर करने के बाद उन्हें तिहाड़ जेल भेजा गया था। गुरुवार को उनकी भतीजी की शादी है, जिसमें शामिल होने के लिए वह अपने गृह जनपद शाहजहांपुर के कुंडरा गांव पहुंचे हैं।

अप्रैल से दिल्ली से जयपुर का सफर 4 घंटे में: NH-48 पर 6 नए फ्लाईओवर से बढ़ेगी रफ्तार
दिल्ली से जयपुर अब 4 घंटे में पूरा होगा सफर। (फाइल)
दिल्ली से जयपुर अब 4 घंटे में पूरा होगा सफर। (फाइल)

नई दिल्ली। अप्रैल से दिल्ली से जयपुर का सफर और भी तेज व सुगम होने जा रहा है। दिल्ली से जयपुर तक NH-48 के रास्ते यात्रा अब बिना रुकावट के पूरी की जा सकेगी। इसके लिए कई नए पुल और फ्लाईओवर तैयार किए जा रहे हैं, जिससे मार्ग अधिक स्मूथ, तेज और जाम-मुक्त होगा।

नए स्ट्रक्चर चालू होने के बाद दिल्ली से जयपुर पहुंचने में लगभग 4 से 4.5 घंटे का समय लगेगा। पहले जहां रास्ते में बार-बार रुकावटें आती थीं, वहीं अब पुराना हाईवे रूट बांदीकुई लिंक रोड के जरिए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के समान कनेक्टिविटी देने लगेगा।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) का लक्ष्य 31 मार्च तक निर्माणाधीन छह पुलों और फ्लाईओवर को शुरू करने का है। अधिकारियों के अनुसार, इन परियोजनाओं से लंबे समय से बनी ट्रैफिक बाधाएं खत्म होंगी, कैरिजवे की निरंतरता बेहतर होगी और गुड़गांव-कोटपुतली-जयपुर कॉरिडोर पर यातायात और अधिक सुरक्षित बनेगा।

पीक आवर ट्रैफिक से मिलेगी राहत

ट्रैफिक सिग्नल और एट-ग्रेड क्रॉसिंग की जगह ग्रेड सेपरेटर बनने से रोजाना यात्रा करने वाले लोगों और लंबी दूरी के ड्राइवरों को बड़ी राहत मिलेगी। खासतौर पर दिल्ली बॉर्डर के आसपास पीक आवर में जाम कम होगा, सुरक्षित मर्जिंग संभव होगी और वाहनों की रफ्तार एक समान बनी रहेगी।

कोटपुतली, बहरोड़ और दहमी में फ्लाईओवर पहले ही तैयार हो चुके हैं, जबकि खातोलाई में एक पुल को यातायात के लिए खोल दिया गया है। इनका उद्देश्य व्यस्त जंक्शनों पर भीड़ कम करना और पहले से दुर्घटना-प्रवण व सिग्नल-भारी चौराहों पर ट्रैफिक व्यवस्था सुधारना है।

शाहपुरा और बावल में अंतिम चरण का काम

शाहपुरा और बावल में दो अन्य फ्लाईओवरों का निर्माण जारी है। इसके साथ सोतानाला, नीलका और नीझर में बन रहे पुल भी अंतिम चरण में हैं। इनके शुरू होने के बाद ब्लैक स्पॉट खत्म होने और स्थानीय चौराहों पर लगने वाले स्टॉपेज टाइम में भारी कमी आने की उम्मीद है।

Sidharth Malhotra Father Death: सिद्धार्थ मल्होत्रा के पिता का हुआ निधन, अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली पहुंचे एक्टर?
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Sidharth Malhotra को लेकर इस समय दुखद खबर सामने आई है। फिल्म Ek Villain से दर्शकों के दिलों में खास पहचान बनाने वाले अभिनेता के पिता सुनील मल्होत्रा का निधन हो गया है। बताया जा रहा है कि उन्होंने 14 फरवरी को लंबी बीमारी के बाद दिल्ली में अंतिम सांस ली।

हालांकि, इस मामले में अभी तक अभिनेता या उनके परिवार की ओर से आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स में उनके निधन की पुष्टि की जा रही है।


🔹 अंतिम संस्कार में शामिल होने दिल्ली पहुंचे सिद्धार्थ

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिता के निधन की खबर मिलते ही सिद्धार्थ मल्होत्रा अपनी पत्नी और अभिनेत्री Kiara Advani के साथ मुंबई से दिल्ली पहुंचे। यहां दोनों ने सुनील मल्होत्रा के अंतिम दर्शन किए और अंतिम संस्कार की रस्मों में हिस्सा लिया।


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🔹 लंबे समय से बीमार थे सुनील मल्होत्रा

बताया जा रहा है कि सिद्धार्थ के पिता पिछले काफी समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। वे मर्चेंट नेवी में ऑफिसर रह चुके थे और अपने अनुशासन व संस्कारों के लिए जाने जाते थे।

करीबी सूत्रों के अनुसार, सिद्धार्थ अपने पिता के बेहद करीब थे। ऐसे में उनके निधन से अभिनेता और पूरा परिवार गहरे सदमे में है।


🔹 शादी में व्हीलचेयर पर दिखे थे पिता

गौरतलब है कि 7 फरवरी 2023 को सिद्धार्थ मल्होत्रा और कियारा आडवाणी शादी के बंधन में बंधे थे। शादी और रिसेप्शन समारोह में परिवार के सदस्य भी शामिल हुए थे। उस दौरान सुनील मल्होत्रा व्हीलचेयर पर नजर आए थे, जिससे उनके लंबे समय से अस्वस्थ होने का संकेत मिला था।


🔹 फैंस दे रहे सांत्वना

सोशल मीडिया पर अभिनेता के फैंस और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोग इस दुखद घड़ी में उन्हें श्रद्धांजलि और सांत्वना संदेश दे रहे हैं।

गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज में महिला डॉक्टर का आरोप, प्रिंसिपल पर उत्पीड़न का मामला
गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज। (सोशल मीडिया)

गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (जीएमसीएच) की एक महिला डॉक्टर ने मंगलवार को संस्थान के प्रिंसिपल डॉ. अच्युत बैश्य द्वारा कार्यस्थल पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए एफआइआर दर्ज कराई है, जिसके बाद जांच शुरू की गई है।

एसोसिएट प्रोफेसर और क्लिनिकल साइकोलॉजी विभाग की पूर्व विभागाध्यक्ष ने इससे पहले छह फरवरी को मुख्यमंत्री कार्यालय को एक विस्तृत शिकायत सौंपी थी, जिसमें उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान अनुचित व्यवहार, धमकी और प्रशासनिक उत्पीड़न का आरोप लगाया था।

शिकायत के अनुसार, स्वतंत्र विभाग की स्थापना के बाद डॉक्टर को शुरू में प्रशासन से सराहना मिली, लेकिन बाद में संबंध बिगड़ गए। गुवाहाटी के पानबाजार महिला पुलिस स्टेशन में दर्ज अपनी एफआइआर में डॉक्टर ने दावा किया कि डॉ. बैश्य ने बार-बार उनसे अकेले अपने कार्यालय में मिलने पर जोर दिया, जबकि अस्पताल परिसर के भीतर नियमित आधिकारिक बातचीत संभव थी। ऐसी टिप्पणियां कीं, जिनसे उन्हें असहज महसूस हुआ।

उन्होंने आरोप लगाया कि डॉ. बैश्य ने उनसे कहा कि जब वह पूरी तरह से खाली और अकेली हों तब उन्हें फोन करें और सुझाव दिया कि उनसे मिलने के लिए दरवाजा हमेशा खुला है।

स्पेन की बहुमंजिला इमारत में लगी भीषण आग, पांच लोगों की मौत
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स्पेन में आग में जलकर पांच लोगों की मौत (AI जनरेटेड फोटो)

उत्तर-पूर्वी स्पेन में एक अपार्टमेंट में आग लग गई। रीजनल इमरजेंसी सर्विसेज से मिली जानकारी के मुताबिक, इस आग में झुलसकर पांच लोगों की मौत हो गई और पांच लोग घायल हुए।

अधिकारियों ने सोमवार, 16 फरवरी की देर रात इस घटना के बारे में जानकारी दी। कैटालोनिया पुलिस ने कहा कि मरने वाले पांचों लोग जवान थे और वे बिल्डिंग में नहीं रहते थे।

स्पेन में आग में जलकर पांच लोगों की मौत

कैटालोनिया के रीजनल अधिकारियों ने एक बयान में बताया, बार्सिलोना के उत्तर में 21,000 की आबादी वाले शहर मान्लेउ में पांच मंजिला अपार्टमेंट ब्लॉक के स्टोरेज रूम में आग लगी।

अधिकारियों का कहना है कि आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चला है। लोग स्टोरेज रू से बाहर क्यों नहीं निकल पाए, इस बात का भी पता नहीं चला है। इस घटना में लोगों के शव इतनी बुरी तरह जल गए कि अभी तक उनकी पहचान भी नहीं हो पाई है।

कैटालोनिया के रीजनल लीडर, साल्वाडोर इल्ला ने X पर मृतकों और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए पांच लोगों की मौत पर दुख जताया।

इमरजेंसी सर्विस ने आज मंगलवार को जानकारी दी कि घायलों में से चार को बाद में हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी गई। वहीं एक व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ी। कैटलन पुलिस ने आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है।