67 साल बाद इतिहास: रणजी ट्रॉफी फाइनल में पहली बार पहुंची जम्मू-कश्मीर टीम

भारतीय घरेलू क्रिकेट में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए जम्मू-कश्मीर क्रिकेट टीम ने नया इतिहास रच दिया है। 67 साल के लंबे इंतजार के बाद टीम ने पहली बार रणजी ट्रॉफी के फाइनल में जगह बनाई है। सेमीफाइनल मुकाबले में बंगाल क्रिकेट टीम को हराकर टीम ने यह बड़ी कामयाबी हासिल की। चौथे दिन सुबह 126 रन का लक्ष्य हासिल करते हुए जम्मू-कश्मीर ने यादगार जीत दर्ज की।
इस जीत के सबसे बड़े हीरो रहे आकिब नबी डार, जिन्होंने मैच में कुल 9 विकेट झटके, जिसमें पहली पारी के 5 विकेट शामिल रहे। गेंदबाजी के साथ-साथ बल्लेबाजी में भी अहम योगदान देखने को मिला। पहली पारी में 82 रन और दूसरी पारी में नाबाद 30 रन बनाकर उन्होंने टीम की जीत में निर्णायक भूमिका निभाई। अब फाइनल में जम्मू-कश्मीर का मुकाबला कर्नाटक क्रिकेट टीम और उत्तराखंड क्रिकेट टीम के बीच खेले जा रहे सेमीफाइनल की विजेता टीम से होगा।
रणजी फाइनल में पहली बार पहुंची टीम
16 फरवरी तक जम्मू-कश्मीर और बंगाल के बीच मुकाबला बेहद रोमांचक बना हुआ था, लेकिन 17 फरवरी को मैच का रुख पूरी तरह बदल गया। जम्मू-कश्मीर के गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विपक्षी टीम पर दबाव बना दिया।
आकिब नबी डार (4/36) और सुनील कुमार (4/27) की घातक गेंदबाजी के सामने बंगाल की दूसरी पारी सिर्फ 99 रन पर सिमट गई। इसी के साथ जम्मू-कश्मीर ने पहली बार रणजी ट्रॉफी फाइनल का टिकट पक्का कर लिया।
126 रन का लक्ष्य किया हासिल
जम्मू-कश्मीर को जीत के लिए 126 रन का लक्ष्य मिला था। तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक टीम ने 2 विकेट पर 43 रन बना लिए थे और चौथे दिन 83 रन की दरकार थी। वंशज शर्मा की नाबाद 43 रन की पारी और अब्दुल समद के नाबाद 30 रन की बदौलत टीम ने लक्ष्य हासिल कर ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
शमी की घातक गेंदबाजी बेअसर
मैच में जम्मू-कश्मीर की पहली पारी 302 रन पर समाप्त हुई। मोहम्मद शमी ने शानदार गेंदबाजी करते हुए पहली पारी में 90 रन देकर 8 विकेट झटके, जबकि दूसरी पारी में भी 1 सफलता हासिल की। हालांकि उनका यह प्रदर्शन बंगाल को फाइनल में नहीं पहुंचा सका, लेकिन उन्होंने राष्ट्रीय टीम में वापसी के लिए मजबूत दावा जरूर पेश किया।
रचा ऐतिहासिक रिकॉर्ड
बंगाल पर जीत के साथ ही जम्मू-कश्मीर हिमालयी क्षेत्र की पहली टीम बन गई है, जिसने भारत की सबसे प्रतिष्ठित प्रथम श्रेणी क्रिकेट प्रतियोगिता के फाइनल में प्रवेश किया है। यह उपलब्धि राज्य के क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा अध्याय मानी जा रही है।
