भारत सरकार और उच्चतम न्यायालय से की अपील, जीवनभर देखभाल की जिम्मेदारी का दिया भरोसा।
आज़मगढ़/उत्तर प्रदेश/संवाददाता- शुभम कुमार रावत
आजमगढ़। सगड़ी जीयनपुर नगर पंचायत के पूर्व प्रत्याशी व दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र नेता अभिषेक राय ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए भारत सरकार,एम्स अस्पताल प्रबंधन टीम और उच्चतम न्यायालय के साथ हरिश राणा के माता-पिता से मिलकर उच्चतम न्यायालय से इच्छा मृत्यु प्राप्त होने के बाद जीवन भर उनकी देखभाल व खर्च उठाने की मांग की।
देश की उच्चतम न्यायालय द्वारा हरिश राणा को इच्छामृत्यु की अनुमति दी जा चुकी है ऐसे में अभिषेक राय ने सोशल मीडिया के माध्यम और एम्स में हरीश राणा के माता-पिता से मिलकर व सरकार से पत्र देकर निवेदन किया है कि हरिश राणा को उनकी वर्तमान स्थिति में उन्हें सौंप दिया जाए अभिषेक राय ने अपने संदेश में कहा कि वे पूरी जिम्मेदारी के साथ हरिश राणा की देखभाल करने के लिए तैयार हैं।

उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि जब तक हरिश राणा जीवित रहेंगे,उनके इलाज और अन्य सभी खर्चों का वहन वे स्वयं करेंगे और उनकी सेवा में कोई कमी नहीं रहने देंगे।अभिषेक राय का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल एक जीवन को बचाना और मानवता की सेवा करना है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से भी अपील की है कि इस संदेश को अधिक से अधिक साझा करें ताकि यह संबंधित अधिकारियों तक पहुँच सके।
विदित हो हरीश राणा मूल रूप से राजस्थान प्रदेश के निवासी हैं विगत 13 वर्षों से एम्स अस्पताल दिल्ली में उनका इलाज चल रहा है वह कोमा में है रक्षाबंधन के दिन बहन से बात करते हुए छत से गिरकर उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
उनके माता-पिता के द्वारा वृद्धावस्था में देखभाल के कारण उच्चतम न्यायालय से इच्छा मृत्यु मांगने पर मिली जिसके बाद समाज सेवी व पूर्व प्रत्याशी जीयनपुर ने मानवीय पहलू को ध्यान में रखते हुए उनके माता-पिता और भारत सरकार व उच्चतम न्यायालय से देखभाल और खर्च उठाने की मांग की है।
