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भारत को विकसित बनाने में ग्रामीण पत्रकारों की अहम भूमिका:अपर मुख्य सचिव

नूरपुर:बिजनौर/फरीदाबाद,17 मार्च। महात्मा विदुर की धरती पर ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन उ प्र का भव्य और विशाल प्रांतीय पत्रकार सम्मेलन रविवार को सम्पन्न हुआ।
चांदपुर मार्ग पर सूर्यांश वेकेंट हाल के खचाखच भरे सभागार में पत्रकारिता चुनौती एवं समाधान’ विषय पर केंद्रित पर आयोजित हुआ।प्रांतीय पत्रकार सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथि अपर मुख्य सचिव सैनिक कल्याण एवं समाज कल्याण एल.वेकेंटश्वर लू, जिलाधिकारी जसजीत कौर,संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवी प्रसाद गुप्ता एवं प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ सिंह ने संगठन के संस्थापक बाबू बालेश्वर लाल जी व मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया।


इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव एल वेकेटश्वर लू ने संगठन की अपने मुख्य संबोधन से पूर्व ग्राम्य गौरव पुस्तिका का विमोचन किया। इसके उपरांत अपने संबोधन में कहा पत्रकार समाज का सच्चा प्रहरी होता है। पत्रकार की कलम को धारदार होना चाहिए। उन्होंने कहा देश और राष्ट्र के निर्माण में मीडिया की भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि भारत विश्व गुरुओं की शक्ति है। ईश्वरीय शक्ति के बिना कुछ भी संभव नहीं है। उन्होंने कहा पत्रकारिता में बहुत सारी चुनौतियां हैं। कुछ दुष्ट लोग समाज को परेशान करते हैं। उन्होंने कहा न्याय ही धर्म की आत्मा है। धर्म की प्रतिष्ठा को सुरक्षित रखना ही आपका धर्म है। उन्होंने उपस्थित पत्रकारों से सच्चाई और निष्पक्षता से भारत को विकसित बनाने में अपनी लेखनी का इस्तेमाल करने की अपेक्षा करते हुए युवाओं को सामाजिक कुरीतियों और नशे से दूर रखने के लिए कदम बढ़ाने होंगे।


विशिष्ट अतिथि जिलाधिकारी जसजीत कौर ने अपने मुख्य संबोधन में कहा कि पत्रकार शासन-प्रशासन व जनता के बीच सेतु का काम करता है।मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। लोकतंत्र को चलाने में अहम भूमिका है। उन्होने का जनपद में उन्हें मीडिया का सकारात्मक सहयोग मिल रहा है। स्वामी महंत मधुसूदन ने अपने शुभाशीष वचनों में कहा कि कलम ज्ञान की शक्ति है। इस शक्ति से भारतीय संस्कृति को मजबूत बनाने और राष्ट्र को सही मार्ग प्रशस्त करने में मीडिया का योगदान अहम है। राज्य सूचना आयुक्त राजेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में संचार क्रांति से सोशल मीडिया तक पर विस्तार से प्रकाश डाला। चांदपुर के सपा विधायक स्वामी ओमवेश ने स्वतंत्रता संग्राम के आंदोलन में पत्रकार गणेश चतुर्थी के बलिदान को याद दिलाते हुए कहा कि वे पत्रकारिता की धुरी थे। उन्होंने पत्रकारों से उनके आदर्शों पर चलते हुए पत्रकारिता की गरिमा को कायम रखने का आव्हान किया।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवी प्रसाद गुप्ता ने अपने संबोधन में देश की स्वाधीनता में पत्रकारिता का अहम योगदान बताते हुए आज की पत्रकारिता पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सजग पत्रकारिता एक चुनौती बन गया है। प्रदेश महामंत्री संगठन डा.नरेशपाल सिंह ने अपने संबोधन में संगठन की स्थापना और उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। सम्मेलन को प्रदेश महामंत्री संजय कुमार द्विवेदी के अलावा 11 राज्यों से आए संगठन के पदाधिकारियों ने संबोधित किया। सम्मेलन के दौरान अतिथियों को पगड़ी पहनाकर व प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। सम्मेलन का सफल संचालन जिलाध्यक्ष डा.भानुप्रकाश वर्मा व जिला महामंत्री जितेन्द्र कुमार ने संयुक्त रूप से किया।
सफलतम कार्यक्रम में प्रदेश कार्य समिति के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्रनाथ सिंह जी, राष्ट्रीय महासचिव प्रवीण चौहान, उपाध्यक्ष कप्तान वीरेंद्र सिंह जी राम नरेश चौहान, प्रदेश महामंत्री संजय द्विवेदी डॉक्टर नरेश पाल सिंह संगठन सचिव, नागेश्वर सिंह बीवी गौर, जेपी गोविंद राव, प्रचार मंत्री राजेश अग्रहरी, हौसला प्रसाद त्रिपाठी, रोहिताश वर्मा राम सुंदर यादव। प्रांतीय अधिवेशन में हरियाणा कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली, उत्तराखंड आदि राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष शामिल रहे।
जिला अध्यक्षों में देवबक्श वर्मा बीवी उपाध्याय, अवधेश त्रिपाठी, इंद्रपाल सिंह, विवेक मिश्रा, अनिल पाण्डेय, पांचाल आलोक तनेजा विजय राघव, अनिल गोविंल, इंद्रपाल पांचाल, विष्णु सिकरवार, बृजभूषण उपाध्याय, कन्हैयालाल यादव, पवन शर्मा, मुजफ्फर नगर संजय राठी, विभिन्न मंडलों के मंडल अध्यक्ष तथा विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में आए जिला अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।

एसडीआईईटी में डेटा इंजीनियरिंग पर एलुमनाई एक्सपर्ट सेशन आयोजित

सत्युग दर्शन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (SDIET) के एलुमनाई सेल द्वारा कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के सहयोग से बी.टेक. सीएसई छठे सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए एक एलुमनाई एक्सपर्ट सेशन का सफल आयोजन किया गया। इस सत्र का उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्योग से जुड़े व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना तथा आधुनिक तकनीकी परिदृश्य में डेटा इंजीनियरिंग की बदलती भूमिका के बारे में उनकी समझ को बढ़ाना था।
कार्यक्रम के संसाधन वक्ता श्री अभिषेक कुमार, सीनियर डेटा इंजीनियर (L3), ग्रेऑरेंज, गुरुग्राम एवं एसडीआईईटी के पूर्व छात्र (बैच 2014–18) थे। उन्होंने अपने व्यावसायिक अनुभव साझा करते हुए डेटा इंजीनियरिंग के उभरते उद्योग रुझानों तथा इस क्षेत्र में उपलब्ध करियर अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर एसडीआईईटी के प्राचार्य डॉ. शैलेंद्र त्यागी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए आईएसी द्वारा प्रदान किए जा रहे अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने डिजिटल युग में डेटा इंजीनियरिंग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकों से आगे बढ़कर समाज की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप अपने प्रोजेक्ट्स तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम में अकादमिक कोऑर्डिनेटर श्री श्रीष गुप्ता ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों को वर्तमान में प्रचलित नई तकनीकों पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी, जिससे वे कॉर्पोरेट जगत में बेहतर स्थान प्राप्त कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि विद्यार्थियों को नेतृत्व क्षमता, संचार कौशल और सहयोग की भावना का विकास करना चाहिए, जो उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक हैं।
कार्यक्रम की सफलता में सुश्री अमिता गौतम, कन्वीनर (IAC) तथा सुश्री निकिता नारंग, आईएसी सदस्य का विशेष योगदान रहा। उनके अथक प्रयासों और समर्पण से कार्यक्रम का सफल आयोजन संभव हो पाया। उनकी उत्कृष्ट समन्वय क्षमता, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन की सभी ने सराहना की।
विद्यार्थियों ने इस सत्र में उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए वक्ता से विभिन्न प्रश्न पूछे, जिससे कार्यक्रम अत्यंत ज्ञानवर्धक और संवादात्मक बन गया। कार्यक्रम के दौरान फैकल्टी कोऑर्डिनेटर्स ने भी सुचारू संचालन सुनिश्चित किया।
संस्थान इस प्रकार की गतिविधियों के माध्यम से इंडस्ट्री–अकादमिक सहयोग को निरंतर बढ़ावा दे रहा है, जिससे विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावसायिक अनुभव की समझ भी प्राप्त हो सके।

एसडीआईईटी में ‘सेल्स प्रमोशन और पर्सनल सेलिंग’ विषय पर अतिथि व्याख्यान आयोजित

सत्युग दर्शन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (SDIET), फरीदाबाद के डिपार्टमेंट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज तथा समर्थ टेक्निकल क्लब द्वारा 12 मार्च 2026 को बीबीए चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए “Sales Promotion and Personal Selling” विषय पर एक विशेष अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. राजीव सिंधवानी, चेयरपर्सन (डिपार्टमेंट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज एवं डिपार्टमेंट ऑफ बिजनेस स्टडीज), जे.सी. बोस यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, YMCA, फरीदाबाद उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को सेल्स प्रमोशन और पर्सनल सेलिंग की आधुनिक रणनीतियों, उपभोक्ता व्यवहार को समझने के तरीकों तथा मार्केटिंग के बदलते परिदृश्य के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक व्यावसायिक माहौल में प्रभावी संचार, ग्राहक संबंध निर्माण और नवाचारपूर्ण मार्केटिंग तकनीकों का विशेष महत्व है।

संस्थान के प्राचार्य डॉ. शैलेन्द्र कुमार ने अपने संदेश में कहा कि इस प्रकार के अतिथि व्याख्यान विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ उद्योग जगत के व्यावहारिक अनुभव से भी जोड़ते हैं, जिससे उनके व्यक्तित्व विकास और करियर निर्माण में सहायता मिलती है। वहीं डिपार्टमेंट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज की विभागाध्यक्ष डॉ. मनप्रीत कौर ने कहा कि ऐसे विशेषज्ञ व्याख्यान विद्यार्थियों को विषय की गहराई को समझने और व्यावसायिक जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करने में सहायक होते हैं।

कार्यक्रम के दौरान इवेंट कन्वीनर, को-कन्वीनर तथा समर्थ टेक्निकल क्लब के सभी सदस्य उपस्थित रहे। साथ ही मैनेजमेंट विभाग के सभी संकाय सदस्य भी कार्यक्रम में मौजूद रहे और विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।

अंत में कार्यक्रम का समापन डॉ. स्नेहा शर्मा, कन्वीनर – समर्थ टेक्निकल क्लब, डिपार्टमेंट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज द्वारा दिए गए वोट ऑफ थैंक्स के साथ हुआ। उन्होंने मुख्य वक्ता, प्रबंधन, संकाय सदस्यों तथा विद्यार्थियों का कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। यह व्याख्यान विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक सिद्ध हुआ।

हरसिंहपुर में स्थित शक्तिपीठ मां श्री शीतला धाम में चल रही राम कथा के दौरान पूज्य प्रेमभूषण जी महाराज ने श्रद्धालुओं को सुनाइ।

आज़मगढ़ /उत्तर प्रदेश/संवाददाता -शुभम कुमार रावत

आजमगढ़।
सगड़ी सुख और दुख दोनों भाई हैं, एक अगर अभी उपस्थित है तो दूसरा भी यहां आने ही वाला है। जैसे जाड़ा और गर्मी का मौसम है। एक जाता है तो दूसरा आने की तैयारी करता है।

यह बातें हरसिंहपुर में स्थित शक्तिपीठ मां श्री शीतला धाम में चल रही राम कथा के दौरान पूज्य प्रेमभूषण जी महाराज ने श्रद्धालुओं को सुनाइ। जीवन में सब समय एक रस रहना बहुत कठिन है। इससे संबंधित महाभारत में भगवान कृष्ण जी के द्वारा कहा गया एक श्लोक भी है -सुखदुःखे समे कृत्वा लाभालाभौ जयाजयों।सुख और दुःख को समान समझकर, लाभ-हानि और विजय-पराजय को एक समान मानकर व्यवहार करने वाला व्यक्ति कोई महाज्ञानी हो सकता है। भगवान भोलेनाथ अपने स्वाभाविक स्वरूप में ऐसे ही रहा करते हैं। जीव तो एक रस रही नहीं सकता है वह सुख में सुखी हो जाता है और दुख में दुखी हो जाता है।यह जीव धर्म है। कर्तव्य पथ पर चलते हुए सम स्थिति में जीना बहुत ही कठिन है। सीताराम विवाह से आगे के प्रसंग की कथा सुनाते हुए पूज्य श्री ने कहा कि मनुष्य अपने कर्म बिगाड़ करके ही जीवन में दुख कष्ट और बीमारी प्राप्त करता है।

मनुष्य को खासकर अपने विवाह के बाद अपने कर्मों के प्रति सावधान जरूर हो जाना चाहिए। सीखने के लिए एक अवस्था होती है जीवन भर बार-बार गलती कर करके नहीं सीखा जा सकता है।हमारे हाथ में केवल हमारा कर्म है। हमारे कर्म से ही हमारा प्रारब्ध बनता है। कोई भी व्यक्ति किसी और के भाग्य को बदल नहीं सकता है। क्योंकि उसका भाग्य तो उसके अपने ही कर्मों से बना होता है। कर्म का फल हर हाल में खाना होता है और सनातन धर्म विश्वास पर ही टिका है।

आईआईएएफ की पहल: MSME, DGFT और सरकारी विभागों के साथ संवाद, उद्योगों को निर्यात नीतियों व योजनाओं की दी जानकारी

फरीदाबाद, 12 मार्च 2026।
आईएमटी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन फरीदाबाद (IIAF) द्वारा एमएसएमई निदेशालय हरियाणा के सहयोग से IMT फरीदाबाद स्थित विक्टुरा ऑटो में उद्योगपतियों और निर्यातकों के लिए एक नेटवर्किंग एवं क्षमता निर्माण सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य उद्योगों को निर्यात से संबंधित नई नीतियों, सरकारी योजनाओं तथा अंतरराष्ट्रीय व्यापार के अवसरों की जानकारी देना और उद्योगों को इनका लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित करना था।

कार्यक्रम का संयोजन आईएमटी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद राणा ने किया। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों और उद्योगपतियों का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार और उद्योगों के बीच निरंतर संवाद से एमएसएमई क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि IIAF हमेशा उद्योगों की समस्याओं को सरकार तक पहुँचाने और उनके समाधान के लिए सक्रिय रूप से कार्य करता रहेगा।

महानिदेशालय विदेशी व्यापार (DGFT) के उप निदेशक हेमंत कुमार ने निर्यात से संबंधित नई नीतियों और प्रक्रियाओं की जानकारी देते हुए बताया कि अब उद्योगों को आयात के समय तुरंत इंपोर्ट ड्यूटी जमा कराने की आवश्यकता नहीं होगी। एक विशेष सर्टिफिकेट के आधार पर उद्योग लगभग छह वर्षों तक इंपोर्ट ड्यूटी जमा किए बिना कच्चा माल आयात कर सकते हैं, बशर्ते निर्धारित अवधि में उसके बदले निर्यात किया जाए। उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था उद्योगों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी और इससे निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने उद्योगपतियों को Import Export Code (IEC), DGFT पोर्टल की सुविधाओं तथा निर्यात प्रोत्साहन योजनाओं की जानकारी भी दी।

उन्होंने यह भी बताया कि भारत सरकार द्वारा विभिन्न देशों के साथ किए गए फॉरेन ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के तहत कई उत्पादों पर आयात और निर्यात शुल्क लगभग शून्य हो गया है, जिससे भारतीय उद्योगों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में नए अवसर उपलब्ध हुए हैं।

इस अवसर पर जिला एमएसएमई केंद्र फरीदाबाद के उप निदेशक रामनदीप ने हरियाणा सरकार द्वारा एमएसएमई और निर्यातकों के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एक्सपोर्ट प्रमोशन सहायता राशि को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 30 लाख रुपये कर दिया है, जिससे उद्योगों को निर्यात बढ़ाने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।

एमएसएमई निदेशालय हरियाणा के प्रतिनिधियों सारंग खन्ना, बिनवंत सिंह तथा राजन धीमन (GIFT Cell) ने राज्य सरकार की प्रमुख औद्योगिक पहलों, RAMP कार्यक्रम तथा MSMEs को बाजार से जोड़ने और नियामकीय सहायता प्रदान करने की विभिन्न व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी साझा की।

ECGC की ब्रांच मैनेजर प्रियंका ने निर्यातकों के लिए उपलब्ध क्रेडिट रिस्क इंश्योरेंस तथा वित्तीय सुरक्षा योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि ये योजनाएँ विदेशी खरीदारों द्वारा भुगतान न होने तथा अन्य व्यापारिक जोखिमों से निर्यातकों को सुरक्षा प्रदान करती हैं।

कार्यक्रम के दौरान आयोजित ओपन हाउस इंटरैक्शन में उद्योगपतियों ने अपनी समस्याएँ और सुझाव अधिकारियों के साथ साझा किए और सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर चर्चा की।

इस अवसर पर आईआईएएफ की जनरल सेक्रेटरी रश्मि सिंह, एडिशनल जनरल सेक्रेटरी अजय अभरोल, जॉइंट सेक्रेटरी तेज चौधरी, ट्रेज़रार देवेंद्र गोयल, सीनियर वाइस प्रेजिडेंट एच.एस. शेखो, वाइस प्रेजिडेंट वी.पी. गोयल, चेयरमैन डी.पी. यादव, वी.पी. दलाल, ब्लॉक लीडर पनीत गुप्ता, अमित खन्ना, अजय लोकोटिया सहित बड़ी संख्या में उद्योगपति उपस्थित रहे।

सिलेंडर के लिए लंबी लाइनों में खड़ा होना


संवाददाता प्रमोद जायसवाल

दिल्ली चलो देश के कई शहरों में एलपीजी सिलेंडर की कमी की खबरों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बेंगलुरु, दिल्ली, हैदराबाद और मुंबई जैसे बड़े शहरों के कई रेस्टोरेंट्स गैस की कमी से जूझ रहे हैं, वहीं भोपाल में लोगों को सिलेंडर के लिए लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ रहा है।

इसी बीच पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्थिति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि चुनौतियों के बावजूद रेस्टोरेंट्स और उद्योगों को उनकी गैस जरूरत का लगभग 70–80% हिस्सा मिल रहा है और सरकार देश में सस्ती ऊर्जा की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मंत्री के मुताबिक, बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत पश्चिम एशिया के अलावा अन्य देशों से भी एलपीजी और एलएनजी आयात बढ़ा रहा है, ताकि सप्लाई बनी रहे। साथ ही तेल कंपनियों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके बाद भारतीय रिफाइनरियों ने घरेलू एलपीजी उत्पादन लगभग 10% तक बढ़ा दिया है।

सरकार का कहना है कि वैकल्पिक स्रोतों से गैस की अतिरिक्त आपूर्ति जल्द देश में पहुंचेगी और घरेलू गैस सप्लाई को स्थिर बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

महंगाई की इस मार के विरोध में चूल्हे पर बनी चाय, कांग्रेस का प्रदर्शन

संवाददाता: प्रमोद जयसवाल, दिल्ली

लगातार बढ़ती महंगाई और रसोई गैस सिलेंडर के दामों में इजाफे ने आम जनता, खासकर महिलाओं की रसोई का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। बढ़ती कीमतों से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इसी महंगाई के विरोध में खंडवा शहर जिला कांग्रेस ने शहर कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रतिभा रघुवंशी के नेतृत्व में अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने चूल्हे पर चाय बनाकर आम लोगों को पिलाई और रसोई गैस के बढ़ते दामों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार से गैस सिलेंडर के दाम कम करने और आम जनता को महंगाई से राहत देने की मांग भी की।

EU को-फंडेड इरास्मस+ NSIS प्रोजेक्ट भारत, श्रीलंका और नेपाल की यूनिवर्सिटीज़ के लिए 10-मॉड्यूल डिजिटल रिसर्च और एंटरप्रेन्योरशिप ट्रेनिंग शुरू करेगा

फरीदाबाद, 11 मार्च, 2026: इरास्मस+ प्रोग्राम से सपोर्टेड NSIS (बिज़नेस, इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप के लिए इन्फॉर्मेशन, रिसर्च और डिजिटल स्किल्स डेवलप करना) प्रोजेक्ट, जो यूरोपियन यूनियन को-फंडेड है, भारत, श्रीलंका और नेपाल की यूनिवर्सिटीज़ के लिए डिजिटल रिसर्च, डेटा स्किल्स, रिसर्च कमर्शियलाइज़ेशन और एंटरप्रेन्योरशिप पर 10-मॉड्यूल ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू करेगा। इस पहल और इसके खास नतीजों पर आज नेशनल अवेयरनेस डे 2026 के दौरान रोशनी डाली गई, जिसे NSIS प्रोजेक्ट के तहत ऑर्गनाइज़ किया गया था और मानव रचना इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ रिसर्च एंड स्टडीज़ (MRIIRS) में होस्ट किया गया था, साथ ही इसके सहयोग में MIT वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी, पुणे और सत्यभामा इंस्टीट्यूट ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, चेन्नई भी इसमें शामिल थे।

इस इवेंट में साउथ एशिया और यूरोप के इंटरनेशनल एकेडमिक लीडर्स, रिसर्चर्स और पॉलिसी स्टेकहोल्डर्स एक साथ आए और इस पूरे क्षेत्र में डिजिटल रिसर्च कैपेबिलिटीज़, इनोवेशन सपोर्ट सिस्टम्स और यूनिवर्सिटी-लेड एंटरप्रेन्योरशिप को मज़बूत करने की स्ट्रेटेजी पर चर्चा की गई। चर्चाओं में यूनिवर्सिटीज़ के अंदर मज़बूत रिसर्च इकोसिस्टम बनाने और हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन्स को इनोवेशन-ड्रिवन इकोनॉमिक ग्रोथ और रिसर्च को सपोर्ट करने के लिए ज़रूरी डिजिटल और इन्फॉर्मेशन स्किल्स से लैस करने पर फोकस किया गया।
यूरोपियन और साउथ एशियन पार्टनर इंस्टीट्यूशन्स के बीच कोलेबोरेशन के ज़रिए, यह इनिशिएटिव नॉलेज एक्सचेंज, जॉइंट रिसर्च इनिशिएटिव्स और इनोवेशन मैनेजमेंट और रिसर्च-ड्रिवन एंटरप्रेन्योरशिप में ग्लोबल बेस्ट प्रैक्टिसेज़ को अपनाने को बढ़ावा देता है।
NSIS के प्रोजेक्ट लीड और इरास्मस+ कोऑर्डिनेटर डॉ. पैड्रेग किर्बी ने कहा, “NSIS प्रोजेक्ट का मकसद जानकारी, रिसर्च और डिजिटल स्किल्स को डेवलप करना है, जिसमें खास तौर पर लाइब्रेरी और रिसर्च की भूमिका को मजबूत करने और रिसर्च, बिज़नेस और एंटरप्रेन्योरशिप के लिए लाइब्रेरियन द्वारा दी जाने वाली सर्विस और सपोर्ट को बेहतर बनाने पर फोकस किया जाएगा। प्रोजेक्ट के खास नतीजों में से एक 10-मॉड्यूल का करिकुलम डेवलप करना होगा, जिसमें डिजिटल लिटरेसी, डेटा स्किल्स, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स (IPR), ऑनलाइन रिसर्च पब्लिकेशन, एकेडमिक राइटिंग, और बिज़नेस और मैनेजमेंट जैसे एरिया शामिल होंगे। ये मॉड्यूल भारत, श्रीलंका और नेपाल की यूनिवर्सिटीज़ के लिए ट्रेनिंग के मौकों के तौर पर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिन्हें एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से सपोर्ट मिलेगा जो पार्टिसिपेंट्स को कोर्स और रिसोर्स एक्सेस करने देगा।”
मानव रचना इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ रिसर्च एंड स्टडीज़ में इरास्मस प्रोजेक्ट लीड और डीन रिसर्च, डॉ. सरिता सचदेवा ने कहा, “हम एक ऐसे दौर में जी रहे हैं जहाँ तेज़ी से टेक्नोलॉजी में तरक्की, डिजिटल बदलाव और नॉलेज पर आधारित अर्थव्यवस्थाएँ हैं, जहाँ जानकारी तक पहुँच, रिसर्च की क्षमताएँ और डिजिटल स्किल्स इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप के बुनियादी ड्राइवर बन गए हैं। इरास्मस+ NSIS प्रोजेक्ट के ज़रिए, हमारा मकसद भारत, श्रीलंका और नेपाल में पार्टनर संस्थानों के बीच रिसर्च और एकेडमिक सहयोग को मज़बूत करना, मॉडर्न रिसर्च माहौल के लिए ज़रूरी डिजिटल और इन्फॉर्मेशन स्किल्स को बढ़ाना, और पूरे इलाके में इनोवेशन, एंटरप्रेन्योरशिप और नॉलेज पर आधारित आर्थिक विकास को सपोर्ट करना है।”
मानव रचना इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ रिसर्च एंड स्टडीज़ के प्रो वाइस-चांसलर डॉ. नरेश ग्रोवर ने डिजिटली कनेक्टेड रिसर्च इकोसिस्टम को इनेबल करने में यूनिवर्सिटीज़ की बदलती भूमिका पर ज़ोर देते हुए कहा, “हायर एजुकेशन में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन सिर्फ़ नई टेक्नोलॉजी लाने के बारे में नहीं है; यह यूनिवर्सिटीज़ के अंदर सीखने, रिसर्च और कोलेबोरेशन के तरीके को पूरी तरह से रीडिज़ाइन करने के बारे में है। टेक्नोलॉजी-इनेबल्ड और ग्लोबली कनेक्टेड लर्निंग एनवायरनमेंट की ओर बदलाव इंस्टीट्यूशन्स को रिसर्च को मज़बूत करने, इनोवेशन को बढ़ावा देने और एकेडमिक काम को असल दुनिया की चुनौतियों से जोड़ने में मदद कर रहा है। नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 और डिजिटल इंडिया मिशन जैसे इनिशिएटिव्स के सपोर्ट से, यूनिवर्सिटीज़ रिसर्च कैपेबिलिटीज़ को बेहतर बनाने और इंस्टीट्यूशनल डिसीजन-मेकिंग को ज़्यादा डेटा-ड्रिवन बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म का तेज़ी से इस्तेमाल कर रही हैं।”
“साउथ एशिया में बिज़नेस, इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप के लिए इन्फॉर्मेशन और रिसर्च डेवलप करने के लिए AI और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन” पर एक पैनल डिस्कशन को मानव रचना एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO राजीव कपूर ने मॉडरेट किया। “साउथ एशिया में एंटरप्रेन्योरशिप के लिए एजुकेशन, रिसर्च और लाइब्रेरी में डिजिटल स्किल्स डेवलप करना” पर एक और पैनल को मानव रचना इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च एंड स्टडीज की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और डीन एकेडमिक्स डॉ. मोनिका गोयल ने मॉडरेट किया।
चर्चा में रिसर्च संस्थानों के अंदर डिजिटल काबिलियत को मज़बूत करने की स्ट्रेटेजी पर बात हुई और इनोवेशन से चलने वाली एंटरप्रेन्योरशिप और इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च को सपोर्ट करने में यूनिवर्सिटी की भूमिका पर ज़ोर दिया गया। MRIIRS में, इरास्मस+ सपोर्ट ने उभरते टेक्नोलॉजी एरिया में रिसर्च कोलेबोरेशन, लाइब्रेरी स्टाफ़ समेत प्रोफेशनल्स के लिए कैपेसिटी-बिल्डिंग प्रोग्राम, और स्टूडेंट्स और रिसर्चर्स के बीच इनोवेशन को बढ़ावा देने के मकसद से एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट इनिशिएटिव में योगदान दिया है।

लंबे समय में, इस इनिशिएटिव से रीजनल इनोवेशन इकोसिस्टम को मज़बूत करने, यूनिवर्सिटीज़ के अंदर स्टार्टअप कल्चर को बढ़ावा देने, एकेडेमिया और इंडस्ट्री के बीच कोलेबोरेशन को बढ़ाने, और इनोवेशन से चलने वाली एंटरप्रेन्योरशिप और टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट के लिए सस्टेनेबल फ्रेमवर्क बनाने की उम्मीद है।

सत्युग दर्शन संस्थान के विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के जरिए दिया ‘नारी शक्ति’ का संदेश

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में सत्युग दर्शन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (SDIET) के छात्र-छात्राओं द्वारा भव्य नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। “नारी शक्ति, पहचान अपनी” विषय पर आधारित इस नाटक के माध्यम से युवाओं ने समाज में महिलाओं के अस्तित्व और उनकी अद्वितीय पहचान को सशक्त रूप से प्रस्तुत किया।

शहर के सार्वजनिक स्थल पर आयोजित इस कार्यक्रम में भारी संख्या में स्थानीय लोग और छात्र मौजूद रहे। नाटक के कलाकारों ने ढोलक की थाप और जोशीले संवादों के जरिए समाज में व्याप्त रूढ़िवादी सोच पर कड़ा प्रहार किया। प्रस्तुति में दिखाया गया कि कैसे एक महिला अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ अपनी व्यक्तिगत पहचान और सपनों को नई उड़ान दे सकती है।

संस्थान के प्रबंधन और शिक्षकों ने छात्रों के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक मुद्दों के प्रति संवेदनशीलता आज के समय की मांग है। नाटक का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और अपनी छिपी हुई प्रतिभा को पहचानने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम का समापन उपस्थित जनसमूह द्वारा नारी सम्मान और समानता की शपथ के साथ हुआ।

प्राचार्य डॉ. शैलेन्द्र कुमार ने अपने संदेश में कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल एक विचार नहीं, बल्कि समाज के समग्र विकास की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि जब शिक्षित और जागरूक युवा समाज में सकारात्मक संदेश देने के लिए आगे आते हैं, तो परिवर्तन की एक मजबूत नींव तैयार होती है। उन्होंने छात्रों की इस रचनात्मक पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी और संवेदनशीलता की भावना को और मजबूत करते हैं।

यूनियन बैंक की शाखा किराए के मकान में संचालित है। शनिवार की रात में अज्ञात चोरों ने मकान में लगे खिड़की को तोड़ दिया और बैंक में घुस गए।

*आज़मगढ़ /उत्तर प्रदेश /संवाददाता -शुभम कुमार रावत

आजमगढ़।
सगड़ी जीयनपुर कोतवाली के देवापार बाजार में स्थित यूनियन बैंक की शाखा के मकान में लगी खिड़की को शनिवार की रात्रि में तोड़कर अंदर घुसे चोरों ने लाकर रूम का ताला तोड़ने का प्रयास किया लेकिन सफल नहीं हो पाए। पहले चोरों ने बैंक के अंदर लगे सभी सीसी कैमरा को तोड़ा।

कैश काउंटर को तोड़कर नगदी चोरी करने का प्रयास किया। चोरों ने बैंक के लाकर रूम के ताले को तोड़ने की कोशिश की लेकिन ताला नहीं टूट पाया। जिससे बड़ी घटना होने से बच गई। ग्रामीणों की सूचना पर रात में ही पहुंचे शाखा प्रबंधक रामप्रीत ने जीयनपुर पुलिस को जानकारी कराई।

मौके पर पहुंची पुलिस और एसओजी टीम जांच में जुटी हुई है।जीयनपुर कोतवाली के अंजान शहीद गांव से सटे देवापार बाजार में यूनियन बैंक की शाखा किराए के मकान में संचालित है। शनिवार की रात में अज्ञात चोरों ने मकान में लगे खिड़की को तोड़ दिया और बैंक में घुस गए।

बैंक के सभी काउंटरों पर चोरों ने नकदी खोजने का प्रयास किया लेकिन उनके हाथ कुछ नहीं लगा।
सीसी कैमरा को तोड़कर चोरों ने लाकर रूम का ताला रेती से काटने का प्रयास किया लेकिन सफल नहीं हो पाए। शाखा प्रबंधक रामप्रीत ने बताया की जानकारी होने पर और पुलिस को इसकी लिखित सूचना दिया।

हालांकि कोई नुकसान नहीं हुआ है। चोरों ने सीसी कैमरा और कुछ और सामानों की तोड़फोड़ की है। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक जीयनपुर राजकुमार सिंह ने बताया कि अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

सीसी कैमरे की मदद से घटना तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।