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विचारों से प्रभावशाली पहल तक : विद्यार्थियों में उद्यमिता कौशल विकास पर विशेष सत्र आयोजित

सत्युग दर्शन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (SDIET), फरीदाबाद की ओर से DICE पहल के अंतर्गत स्कूल इनोवेशन काउंसिल (SIC) की गतिविधि–1 के तहत विद्यार्थियों में उद्यमशीलता की भावना विकसित करने के उद्देश्य से “उद्यमिता कौशल का विकास” विषय पर एक ज्ञानवर्धक एवं संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र का संचालन SDIET के प्रबंधन अध्ययन विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रिचा खुगशाल द्वारा किया गया।

यह सत्र 21 एवं 22 सितंबर 2026 को फरीदाबाद स्थित चार शैक्षणिक संस्थानों—केंद्रीय विद्यालय NIT नंबर 1, केंद्रीय विद्यालय NIT नंबर 2, केंद्रीय विद्यालय NIT नंबर 3 तथा राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, तिगांव—में आयोजित किया गया।

सत्र के दौरान विद्यार्थियों को उद्यमिता की मूल अवधारणाओं तथा एक विचार को सार्थक और प्रभावशाली उद्यम में परिवर्तित करने के लिए आवश्यक कौशलों से परिचित कराया गया। संवादात्मक एवं व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने रचनात्मकता एवं नवाचार, प्रभावी संचार, नेतृत्व, टीमवर्क, समस्या-समाधान, निर्णय लेने की क्षमता, वित्तीय एवं व्यवसाय प्रबंधन, विपणन, डिजिटल कौशल, जोखिम लेने की क्षमता, दृढ़ता तथा बदलती परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को ढालने जैसे महत्वपूर्ण कौशलों के बारे में जानकारी प्राप्त की।

सत्र का प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों को उपलब्ध अवसरों की पहचान करने, रचनात्मक ढंग से सोचने तथा उद्यमशील मानसिकता विकसित करने के लिए प्रेरित करना रहा। विद्यार्थियों को यह समझाया गया कि ज्ञान, कौशल और सकारात्मक दृष्टिकोण का उचित समन्वय नवीन विचारों को व्यावहारिक एवं प्रभावशाली समाधानों में परिवर्तित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है
इस अवसर पर संस्थान के प्राचार्य ने कहा कि आज के बदलते तकनीकी एवं व्यावसायिक परिवेश में विद्यार्थियों के लिए केवल विषयगत ज्ञान तक सीमित रहना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनमें रचनात्मक सोच, नवाचार, नेतृत्व, समस्या-समाधान और उद्यमशीलता जैसे कौशलों का विकास भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विद्यालय स्तर से ही विद्यार्थियों को अपने विचारों को पहचानने, उन्हें नए दृष्टिकोण से देखने और समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान के रूप में विकसित करने के अवसर प्रदान किए जाने चाहिए। उन्होंने इस प्रकार की पहलों को विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और नवाचार की संस्कृति विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया तथा विद्यार्थियों को सीखने के साथ-साथ अपने विचारों को व्यवहारिक रूप देने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का संदेश दिया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा उद्यमिता से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए अपने विचार साझा किए। यह पहल विद्यार्थियों में नवाचार, आत्मनिर्भरता और समस्या-समाधान की क्षमता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास रही।

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