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मानेसर में पहली बार माको रोबोटिक नी रिप्लेसमेंट: फोर्टिस मानेसर ने जटिल घुटना रोगों का किया सफल इलाज


मानेसर, 25 फरवरी 2026: घुटनों का पुराना दर्द केवल एक शारीरिक समस्या नहीं, बल्कि यह व्यक्ति की स्वतंत्रता, आत्मविश्वास और जीवन की गुणवत्ता को भी प्रभावित करता है। खासकर बुजुर्ग मरीजों के लिए यह समस्या समय के साथ गंभीर रूप ले लेती है। ऐसे में यदि सर्जरी को टाल दिया जाए, तो वर्षों तक सीमित मोबिलिटी और असहनीय दर्द का सामना करना पड़ता है।

इसी चुनौती के समाधान के रूप में Fortis Hospital Manesar ने क्षेत्र में पहली बार वर्ल्ड-क्लास MAKO रोबोटिक-आर्म असिस्टेड नी रिप्लेसमेंट सर्जरी की सुविधा शुरू की है। यह तकनीक पारंपरिक सर्जरी से कहीं अधिक सटीक, सुरक्षित और व्यक्तिगत (पर्सनलाइज्ड) उपचार प्रदान करती है।

🔬 क्या है MAKO रोबोटिक तकनीक?

MAKO सिस्टम एडवांस 3D CT-आधारित प्री-सर्जिकल प्लानिंग और रोबोटिक-आर्म असिस्टेंस पर आधारित है। इससे सर्जन मरीज की हड्डियों की संरचना के अनुसार सटीक प्लानिंग कर सकते हैं।

इसके प्रमुख लाभ:

  • इंप्लांट की सटीक फिटिंग
  • हेल्दी बोन और सॉफ्ट टिश्यू की सुरक्षा
  • कम दर्द और तेज रिकवरी
  • बेहतर मोबिलिटी और आत्मनिर्भरता

👩‍⚕️ सफल मामलों की झलक

✔ 68 वर्षीय आशा देशवाल

एडवांस ऑस्टियोआर्थराइटिस से पीड़ित आशा देशवाल की बाइलेटरल रोबोटिक टोटल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी की गई। सर्जरी के मात्र 6 घंटे बाद ही वे खड़ी होने और चलने में सक्षम हो गईं। आज वे बिना सहारे चलती हैं और आत्मविश्वास के साथ सीढ़ियां चढ़ती हैं।

✔ 69 वर्षीय नीलम भयाना

15 वर्षों से घुटनों के दर्द से जूझ रहीं नीलम भयाना अब सर्जरी के बाद सामान्य जीवन जी रही हैं और पारिवारिक समारोहों में सक्रिय भागीदारी कर रही हैं।

✔ 69 वर्षीय राधिया देवी

गंभीर दर्द से परेशान राधिया देवी सर्जरी के 24 घंटे के भीतर अपने पैरों पर खड़ी हो गईं और अब आत्मनिर्भर जीवन जी रही हैं।

✔ 74 वर्षीय प्रेम चंद पाहवा

गंभीर बो-लेग डिफॉर्मिटी से पीड़ित प्रेम चंद पाहवा अब MAKO रोबोटिक सर्जरी के बाद सीधे खड़े होकर चल पा रहे हैं। उनका दर्द कम हुआ है और आत्मविश्वास लौटा है।


🗣 विशेषज्ञ की राय

डॉ. रोहित लांबा, डायरेक्टर – ऑर्थोपिडिक्स, Fortis Healthcare से संबद्ध Fortis Hospital Manesar ने कहा कि भारत में ऑस्टियोपोरोसिस और बोन डिजेनरेशन की समस्या तेजी से बढ़ रही है, खासकर महिलाओं में लो बोन मिनरल डेंसिटी आम होती जा रही है। ऐसे में रोबोटिक-असिस्टेड जॉइंट रिप्लेसमेंट भविष्य की सुरक्षित और प्रभावी सर्जरी तकनीक साबित हो रही है।

वहीं, फैसिलिटी डायरेक्टर अभिजीत सिंह के अनुसार, अब बुजुर्ग मरीजों को एडवांस जॉइंट केयर के लिए दिल्ली या अन्य मेट्रो शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। वर्ल्ड-क्लास रोबोटिक ऑर्थोपिडिक इलाज अब मानेसर में ही उपलब्ध है।


मानेसर जैसे तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक और आवासीय क्षेत्र में इस तरह की अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधा का आना न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करता है, बल्कि बुजुर्गों और ऑर्थोपिडिक मरीजों के लिए नई उम्मीद भी जगाता है।

MAKO रोबोटिक सर्जरी केवल एक तकनीकी उन्नति नहीं, बल्कि यह मरीजों को दर्द से मुक्ति, आत्मनिर्भरता और बेहतर जीवन गुणवत्ता की ओर लौटाने का एक सशक्त माध्यम बन रही है।

SATTE 2026 से पहले नई दिल्ली में Tourism Malaysia की प्रेस कॉन्फ्रेंस, भारत के साथ पर्यटन सहयोग को मिली नई गति

नई दिल्ली, 24 फरवरी 2026। Tourism Malaysia ने SATTE 2026 में भागीदारी से पहले नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से भारतीय आउटबाउंड पर्यटन बाजार के प्रति अपनी मजबूत प्रतिबद्धता को दोहराया। इस संवाद का उद्देश्य भारत और मलेशिया के बीच पर्यटन सहयोग को और सुदृढ़ करना था।

प्रेस कॉन्फ्रेंस को टूरिज्म मलेशिया के चेयरमैन वाय.बी.एच.जी. दातुक मनोहरन पेरियासामी और भारत में मलेशिया के उच्चायुक्त दातो’ मुज़ाफ़र शाह मुस्तफ़ा ने संबोधित किया। कार्यक्रम में ट्रैवल ट्रेड पार्टनर्स, एयरलाइंस प्रतिनिधि, पर्यटन उद्योग से जुड़े हितधारक और मीडिया के सदस्य मौजूद रहे।

यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब मलेशिया अपने वैश्विक अभियान Visit Malaysia Year 2026 (VM2026) के तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय प्रचार-प्रसार को तेज कर रहा है।


मजबूत प्रदर्शन, भारत प्रमुख स्रोत बाजार

मलेशिया ने वर्ष 2025 में 4.22 करोड़ अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों का स्वागत किया, जो 2024 की तुलना में 14.6% अधिक है। भारत मलेशिया के लिए तेजी से उभरता और महत्वपूर्ण स्रोत बाजार बना हुआ है। वर्ष 2025 में 16 लाख से अधिक भारतीय पर्यटक मलेशिया पहुंचे, जो इस गंतव्य के प्रति बढ़ते विश्वास और आकर्षण को दर्शाता है।

चेयरमैन दातुक मनोहरन पेरियासामी ने कहा कि भारत मलेशिया की अंतरराष्ट्रीय पर्यटन रणनीति में केंद्रीय भूमिका निभाता है। उन्होंने जोर दिया कि दोनों देशों के मजबूत द्विपक्षीय संबंध और मलेशिया की सुरक्षित, विविधतापूर्ण एवं उच्च-मूल्य गंतव्य की छवि भारतीय पर्यटकों की बढ़ती संख्या का आधार हैं।


भारतीय बाजार पर विशेष फोकस

भारत में मलेशिया के उच्चायुक्त दातो’ मुज़ाफ़र शाह मुस्तफ़ा ने बताया कि भारतीय बाजार ने अवकाश पर्यटन, MICE, डेस्टिनेशन वेडिंग और प्रीमियम ट्रैवल सेगमेंट में उत्साहजनक प्रदर्शन किया है। बेहतर हवाई संपर्क और भारतीय नागरिकों के लिए वीज़ा-फ्री सुविधा जारी रहने से 2026 में और अधिक वृद्धि की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि टियर-I, टियर-II और टियर-III शहरों में व्यापारिक साझेदारी को मजबूत करना प्राथमिकता है, ताकि गुणवत्तापूर्ण और टिकाऊ पर्यटन अनुभव प्रदान किए जा सकें।


बेहतर कनेक्टिविटी से बढ़ेगा सहयोग

भारत और मलेशिया के बीच प्रति सप्ताह 240 से अधिक उड़ानों का संचालन हो रहा है। वीज़ा-फ्री प्रवेश की सुविधा भी भारतीय यात्रियों के लिए यात्रा को और सुगम बना रही है। यह कनेक्टिविटी VM2026 अभियान के तहत पर्यटन वृद्धि को गति देने में सहायक मानी जा रही है।


24 फरवरी को आयोजित प्रमुख कार्यक्रम

SATTE 2026 से पहले नई दिल्ली में टूरिज्म मलेशिया ने तीन प्रमुख रणनीतिक कार्यक्रम आयोजित किए—

  • वेडिंग सेमिनार: मलेशिया को भव्य भारतीय शादियों के लिए आदर्श डेस्टिनेशन के रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसमें लग्ज़री वेन्यू और सांस्कृतिक अनुकूल सेवाओं पर जोर रहा।
  • MICE बी2बी सत्र: मलेशियाई पर्यटन उद्योग और भारतीय कॉर्पोरेट प्लानर्स के बीच सीधा संवाद स्थापित किया गया।
  • मलेशिया नेटवर्किंग डिनर 2026: ट्रैवल ट्रेड पार्टनर्स, एयरलाइंस, वेडिंग प्लानर्स और मीडिया के साथ सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से विशेष आयोजन।

सतत पर्यटन विकास पर जोर

Malaysia Tourism Promotion Board, जो मलेशिया सरकार के पर्यटन, कला और संस्कृति मंत्रालय (MOTAC) के अंतर्गत कार्यरत है, देश को वैश्विक पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने के लिए कार्य कर रहा है।

VM2026 अभियान संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (UNSDGs) के अनुरूप टिकाऊ और समावेशी पर्यटन विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य मलेशिया की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और विविध पर्यटन उत्पादों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करना है।


यह प्रेस कॉन्फ्रेंस भारत और मलेशिया के बीच पर्यटन साझेदारी को नई ऊर्जा देने के साथ-साथ VM2026 के लिए मजबूत आधार तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

जल है तो कल है: 27वें दिन हरियाणा में गूंजा ‘यमुना बचाओ’ संकल्प, बल्लबगढ़ में ऐतिहासिक स्वागत

बल्लबगढ़, 24 फरवरी। अविरल और निर्मल यमुना के संकल्प के साथ निकली जल सहेलियों की ऐतिहासिक यात्रा का 27वां दिन हरियाणा की धरती पर ऊर्जा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। यात्रा की शुरुआत बल्लबगढ़ स्थित बालाजी कॉलेज बल्लबगढ़ से हुई, जहां निदेशक डॉ. जगदीश चौधरी की अध्यक्षता में “जल संवाद: यमुना विशेष” कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के प्रो. प्रवीण झा, तरुण भारत संघ की उपाध्यक्ष इंदिरा खुराना और जल सहेली समिति के संयोजक संजय सिंह ने यमुना की वर्तमान स्थिति, चुनौतियों और संभावित समाधानों पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस दौरान जल सहेलियों ने प्रेरणादायक जल गीत प्रस्तुत किए और बड़ी संख्या में पर्यावरण कार्यकर्ता भी शामिल हुए।

बाजार में भव्य स्वागत, गूंजे जागरूकता के नारे

जैसे ही यात्रा बल्लबगढ़ बाजार पहुंची, स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और विद्यार्थियों ने पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया। “यमुना बचाओ”, “जल है तो कल है” और “नदियां रहेंगी तो सभ्यता बचेगी” जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।

यह यात्रा विशेष इसलिए भी है क्योंकि बुंदेलखंड की महिलाओं द्वारा नदियों के संरक्षण के लिए संगठित रूप में निकाली जा रही यह अपने प्रकार की पहली पहल मानी जा रही है। जो महिलाएं कभी घर की चौखट से बाहर निकलने में संकोच करती थीं, वे आज प्रकृति संरक्षण की अगुवाई कर रही हैं।

जागरूकता और संवाद पर जोर

सभा को संबोधित करते हुए डॉ. संजय सिंह ने कहा कि यह यात्रा किसी के विरोध के लिए नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता और सामूहिक भागीदारी के उद्देश्य से निकाली गई है। उन्होंने बताया कि छात्रों के साथ यमुना विषय पर संवाद अत्यंत सकारात्मक रहा और युवाओं में नदी संरक्षण को लेकर संवेदनशीलता बढ़ी है।

उन्होंने जानकारी दी कि यात्रा का समापन 26 फरवरी को दिल्ली के वासुदेव घाट पर होगा। विभिन्न माध्यमों में इसे महिला-नेतृत्व वाली पहली ऐतिहासिक यमुना संरक्षण यात्रा बताया गया है।

प्रकृति से जुड़ने का आह्वान

डॉ. जगदीश चौधरी ने कहा कि आधुनिक विकास की दौड़ में समाज ने प्रकृति से दूरी बना ली है। पहले तालाब, कुएं और बावड़ियां स्वच्छ जल के स्रोत थे, लेकिन अंधाधुंध विकास ने इन्हें समाप्त कर दिया। आज कई क्षेत्रों में जल संकट गहराता जा रहा है और ऐसे में जल सहेलियों का यह प्रयास समाज की चेतना को जगाने वाला है।

जल सहेली समिति की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि यमुना केवल नदी नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और आस्था की जीवनरेखा है। श्रीकृष्ण की लीलाओं से लेकर उत्तर भारत की सांस्कृतिक विरासत तक यमुना का विशेष स्थान है। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद जल सहेलियां इस अभियान को निरंतर आगे बढ़ा रही हैं।

जल सहेली लक्ष्मी ने कहा कि यदि आज जल स्रोतों को नहीं बचाया गया तो आने वाली पीढ़ियां हमें माफ नहीं करेंगी। वहीं समिति की उपाध्यक्ष रेखा ने स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ी तो जल सत्याग्रह का रास्ता भी अपनाया जाएगा।

वरिष्ठ समाजसेवी इंदिरा खुराना ने इस पहल को नारी शक्ति और सामाजिक परिवर्तन का सशक्त उदाहरण बताया।

यात्रा जाट भवन सेक्टर-3 से किसान भवन सेक्टर-16 होते हुए रात्रि विश्राम के लिए आइडियल पब्लिक स्कूल लकड़पुर पहुंची, जहां अगले चरण की तैयारियां की गईं।

यह अभियान न केवल यमुना संरक्षण का संदेश दे रहा है, बल्कि समाज को जल और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी याद दिलाने का भी प्रयास कर रहा है।

एसडीआईईटी में 26–28 फरवरी को होगा “वेत्रत्व 2K26” का भव्य आयोजन, खेल-सांस्कृतिक व तकनीकी उत्सव एक साथ

(एसडीआईईटी) में 26 से 28 फरवरी 2026 तक बहुप्रतीक्षित वार्षिक महोत्सव “वेत्रत्व 2K26” का आयोजन किया जाएगा। यह तीन दिवसीय कार्यक्रम संस्थान परिसर में आयोजित होगा, जिसमें खेल, संस्कृति और तकनीकी नवाचार का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

तीन दिन, अनेक आयाम

“वेत्रत्व 2K26” के अंतर्गत वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता, सांस्कृतिक उत्सव और तकनीकी फेस्ट का आयोजन किया जाएगा। इस महोत्सव का उद्देश्य विद्यार्थियों को शैक्षणिक गतिविधियों से आगे बढ़कर अपनी बहुमुखी प्रतिभा दिखाने का अवसर देना है।

संस्थान का मानना है कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता, रचनात्मक सोच और नवाचार की भावना को सशक्त बनाते हैं।

खेल, संस्कृति और तकनीक का संगम

खेलकूद प्रतियोगिता में विभिन्न इनडोर और आउटडोर खेलों का आयोजन होगा, जिससे छात्रों में खेल भावना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा।

सांस्कृतिक उत्सव के दौरान नृत्य, संगीत और विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियां परिसर को रंगों और उत्साह से भर देंगी।

वहीं तकनीकी उत्सव में अलग-अलग तकनीकी प्रतियोगिताएं और गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, जो विद्यार्थियों की तार्किक क्षमता, रचनात्मकता और समस्या-समाधान कौशल को निखारने का अवसर देंगी।

प्राचार्य का संदेश

संस्थान के प्राचार्य डॉ. शैलेन्द्र कुमार ने कहा,
“वेत्रत्व 2K26 हमारे संस्थान की समग्र शिक्षा की सोच को प्रतिबिंबित करता है। इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हम शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ ऐसे मंच प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करें। मैं सभी प्रतिभागियों और आयोजन समिति को इस महोत्सव की सफलता के लिए शुभकामनाएं देता हूं।”

उत्सव का आमंत्रण

संस्थान को उम्मीद है कि विद्यार्थी, शिक्षक और कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ इस आयोजन में भाग लेंगे, जिससे परिसर में सीख, नवाचार और उत्सव का सकारात्मक वातावरण बनेगा।

एसडीआईईटी ने सभी विद्यार्थियों और हितधारकों से “वेत्रत्व 2K26” में सहभागिता कर इसे यादगार बनाने की अपील की है।

अमिताभ बच्चन-शाह रुख खान संग काम करने में दिलचस्पी नहीं: Kohrra क्रिएटर सुदीप शर्मा का बड़ा बयान
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हिंदी सिनेमा के महानायक अमिताभ बच्चन और सुपरस्टार शाह रुख खान के साथ काम करना जहां ज्यादातर फिल्ममेकर्स का सपना होता है, वहीं मशहूर ओटीटी क्रिएटर सुदीप शर्मा की सोच इससे अलग है।

पाताल लोक’ और ‘कोहरा’ जैसी चर्चित वेब सीरीज बना चुके सुदीप शर्मा ने हालिया इंटरव्यू में साफ कहा कि उन्हें इन बड़े सितारों के साथ काम करने की कोई खास इच्छा नहीं है।

सुदीप शर्मा का साफ जवाब

सीरीज ‘कोहरा’ के दूसरे सीजन के प्रमोशन के दौरान दिए गए इंटरव्यू में सुदीप ने कहा कि उनका मकसद स्टार्स के साथ फिल्म बनाना नहीं, बल्कि मजबूत कहानियां कहना है। उनके अनुसार, उन्होंने काम इसलिए शुरू नहीं किया कि वे किसी बड़े सुपरस्टार के साथ जुड़ सकें, बल्कि इसलिए किया क्योंकि वे वैसी कहानियां बनाना चाहते थे जिन्हें वे खुद पसंद करते हैं।

उन्होंने यह भी माना कि अगर कभी ऐसा मौका मिला तो वे घबराहट महसूस करेंगे, क्योंकि इतने बड़े सितारों के साथ काम करना अपने-आप में बड़ी जिम्मेदारी होती है।

स्टारडम बनाम कहानी

सुदीप का मानना है कि किसी बड़े स्टार के साथ काम करते समय कहानी और किरदार अक्सर उसके स्टारडम के हिसाब से ढाले जाते हैं। ऐसे में फिल्म से ज्यादा चर्चा स्टार के इर्द-गिर्द होने लगती है, जो उन्हें आकर्षित नहीं करता। वे फिलहाल कंटेंट-ड्रिवन स्टोरीटेलिंग पर ही फोकस रखना चाहते हैं।

Kohrra Season 2 की सफलता

‘कोहरा’ का दूसरा सीजन ओटीटी प्लेटफॉर्म Netflix पर रिलीज के बाद शानदार प्रदर्शन कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह भारत में नंबर-1 पर ट्रेंड कर रहा है और ग्लोबल टॉप-10 लिस्ट में भी अपनी जगह बना चुका है।

इससे पहले ‘पाताल लोक’ की सफलता ने भी सुदीप शर्मा को डिजिटल स्पेस के मजबूत क्रिएटर्स की कतार में ला खड़ा किया था।

CAपति ने पत्नी की कैसे की हत्या? सीन रीक्रिएट करेगी पुलिस, कैंची-ग्लव्स बरामद

झज्जर | हरियाणा के हिसार से जुड़े बहुचर्चित हत्याकांड में पुलिस जांच लगातार आगे बढ़ रही है। बैंकर पत्नी की बेरहमी से हत्या करने के आरोपी सीए अंशुल धवन को पुलिस टीम हिसार लेकर पहुंची, जहां उससे तीन दिन के रिमांड के दौरान गहन पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां वारदात से जुड़े हर सबूत को जोड़ने में जुटी हैं।

कैंची और ग्लव्स बरामद

पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई कैंची और दस्ताने (ग्लव्स) बरामद किए हैं। जांच का फोकस अब इस बात पर है कि ये सामान पहले से खरीदा गया था या वारदात से ठीक पहले किसी दुकान से लिया गया। इससे यह स्पष्ट करने में मदद मिलेगी कि अपराध पूर्व नियोजित था या अचानक हुआ।

चरित्र पर शक बना हत्या की वजह

प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने अपनी पत्नी महक पर शक के चलते यह खौफनाक कदम उठाया। रविवार रात आरोपी ने कैंची से गर्दन पर वार कर पत्नी की हत्या कर दी। महक गुरुग्राम के एक बैंक में कार्यरत थी और दंपती वहीं नौकरी करते थे।

शादी के बाद बढ़ा विवाद

जानकारी के अनुसार, महक की शादी 25 सितंबर 2025 को अंशुल से हुई थी। शादी के बाद दोनों गुरुग्राम में रह रहे थे। समय के साथ आपसी विवाद बढ़ते गए, जो अंततः इस जघन्य अपराध में बदल गए।

सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

पुलिस टीम हिसार से झज्जर रूट तक लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि आरोपी की आवाजाही, वाहन मूवमेंट और बयान का मिलान किया जा सके। तकनीकी साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया जा रहा है।

सीन रीक्रिएशन की तैयारी

मामले की कड़ियां जोड़ने के लिए पुलिस आरोपी को घटनास्थल पर ले जाकर “सीन रीक्रिएशन” कराने की तैयारी कर रही है। इससे हत्या के दौरान की गतिविधियों, समयक्रम और आरोपी के बयान की सत्यता परखने में मदद मिलेगी।

आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी

मृतका के भाई अक्षय की शिकायत पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया था। हरियाणा पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, वैज्ञानिक और फॉरेंसिक आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।

आरोपी को हिसार स्थित उसके घर और अन्य संभावित ठिकानों पर भी ले जाया गया, जहां से अतिरिक्त साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि कोई भी कड़ी अधूरी न रहे, इसके लिए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है।

डैमेज कंट्रोल में जुटे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, आवास पर 101 बटुकों का सम्मान कर दिया बड़ा राजनीतिक संदेश

उत्तर प्रदेश की सियासत में इन दिनों ब्राह्मण राजनीति को लेकर हलचल तेज है। इसी कड़ी में राज्य के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने गुरुवार को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर 101 बटुकों का सम्मान कर बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की। इसे विपक्षी दलों—खासतौर पर बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी—द्वारा ब्राह्मण मतदाताओं को साधने की कोशिशों के जवाब के रूप में देखा जा रहा है।

प्रतीकात्मक राजनीति को मिला बल

प्रदेश में इन दिनों प्रतीकात्मक आयोजनों के जरिए सामाजिक समीकरण साधने की राजनीति तेज हो गई है। हाल ही में प्रयागराज के माघ मेले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े शिष्यों की शिखा खींचे जाने के विवाद ने तूल पकड़ा था। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए ब्रजेश पाठक ने संबंधित पुलिसकर्मियों को ‘पापी’ तक कह दिया था।

इसी पृष्ठभूमि में उनके आवास पर आयोजित बटुक पूजन और सम्मान समारोह को राजनीतिक संदेश से जोड़कर देखा जा रहा है।

आवास पर हुआ सम्मान समारोह

लखनऊ के राजभवन कॉलोनी स्थित सरकारी आवास पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बटुक पहुंचे। उपमुख्यमंत्री ने पत्नी के साथ मिलकर उनका पूजन किया, तिलक लगाया और पुष्पवर्षा कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का माहौल उत्सव जैसा रहा और इसे ब्राह्मण समाज के सम्मान से जोड़कर प्रस्तुत किया गया।

‘शिखा खींचने वालों को लगेगा पाप’

17 फरवरी को लखनऊ में एक मीडिया कार्यक्रम के दौरान ब्रजेश पाठक ने कहा था कि बाल ब्राह्मणों की शिखा खींचने वालों को “महापाप” लगेगा और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उनके इस बयान ने राजनीतिक हलकों में बहस छेड़ दी थी—खासतौर पर इसलिए क्योंकि वे स्वयं सरकार में उपमुख्यमंत्री पद पर हैं।

सीएम के बयान से बढ़ा सियासी तापमान

इस पूरे विवाद के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान भी चर्चा में रहा। बजट सत्र के दौरान उन्होंने बिना नाम लिए कहा था कि “कोई स्वयं को शंकराचार्य कैसे कह सकता है, कोई भी कानून से ऊपर नहीं—मैं भी नहीं।”

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस मुद्दे पर सत्तारूढ़ दल के भीतर भी अलग-अलग राय देखने को मिली।

विपक्ष भी सक्रिय

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। वहीं बसपा प्रमुख मायावती भी लगातार ब्राह्मण समाज के पक्ष में बयान देती रही हैं।

ब्राह्मण विधायकों की बैठकों और जातीय समीकरणों को लेकर चल रही सियासी खींचतान ने इस मुद्दे को और गरमा दिया है।

डैमेज कंट्रोल या राजनीतिक विस्तार?

राजनीतिक पंडित ब्रजेश पाठक के इस आयोजन को दो नजरियों से देख रहे हैं—

  • एक, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विवाद से उपजे असंतोष को शांत करने की कोशिश
  • दूसरा, स्वयं को प्रदेश की ब्राह्मण राजनीति के प्रमुख चेहरे के रूप में स्थापित करने की रणनीति

फिलहाल, इस कार्यक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति में संदेश साफ गया है कि ब्राह्मण वोट बैंक को लेकर सियासी सक्रियता आने वाले समय में और तेज रहने वाली है।

बिहार के 42 विधायकों को हाईकोर्ट का नोटिस, चुनावी हलफनामे में गलत जानकारी का आरोप

बिहार की राजनीति में एक अहम कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। पटना हाईकोर्ट ने पक्ष और विपक्ष के कुल 42 विधायकों को नोटिस जारी किया है। इन नोटिस पाने वालों में बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार का नाम भी शामिल है।

अदालत ने चुनावी हलफनामों में कथित रूप से गलत जानकारी देने और अनियमितताओं के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विधायकों से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने निर्धारित समयसीमा के भीतर स्पष्टीकरण दाखिल करने का निर्देश दिया है। इस फैसले के बाद राज्य की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।


हारने वाले उम्मीदवारों की याचिका से खुला मामला

जानकारी के मुताबिक, संबंधित विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव हारने वाले प्रत्याशियों ने हाईकोर्ट में याचिकाएं दाखिल की थीं। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि विजयी उम्मीदवारों ने नामांकन के दौरान दाखिल शपथपत्रों में तथ्य छिपाए या गलत जानकारी दी।

कुछ याचिकाओं में मतदान प्रक्रिया के दौरान अनियमितताओं के आरोप भी लगाए गए हैं। प्रारंभिक सुनवाई के बाद अदालत ने मामले को सुनवाई योग्य मानते हुए सभी 42 विधायकों को नोटिस जारी कर दिया। अब आगे की कार्रवाई विधायकों द्वारा दाखिल जवाब और दस्तावेजों के आधार पर होगी।


किन नेताओं को भेजा गया नोटिस

नोटिस पाने वालों में ऊर्जा मंत्री विजेंद्र यादव का नाम भी शामिल है। इसके अलावा पूर्व मंत्री जीवेश मिश्रा और विधायक चेतन आनंद को भी जवाब देने के लिए कहा गया है।

गोह विधानसभा क्षेत्र से अमरेंद्र प्रसाद का नाम भी सूची में शामिल बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार नोटिस पाने वालों में सत्ता पक्ष और विपक्ष—दोनों खेमों के विधायक शामिल हैं, जिससे स्पष्ट है कि मामला दलगत राजनीति से अलग कानूनी दायरे में जांचा जा रहा है।


राजनीतिक और कानूनी असर

हाईकोर्ट की इस कार्रवाई को चुनावी पारदर्शिता के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो संबंधित विधायकों की सदस्यता पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि फिलहाल मामला न्यायालय में विचाराधीन है और अंतिम फैसला आना बाकी है।

विधायकों को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया गया है। ऐसे में आगामी सुनवाई और अदालत के रुख पर राजनीतिक हलकों की नजरें टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि इस घटनाक्रम के बाद विधानसभा के भीतर और बाहर बयानबाजी भी तेज हो सकती है।

67 साल बाद इतिहास: रणजी ट्रॉफी फाइनल में पहली बार पहुंची जम्मू-कश्मीर टीम
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भारतीय घरेलू क्रिकेट में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए जम्मू-कश्मीर क्रिकेट टीम ने नया इतिहास रच दिया है। 67 साल के लंबे इंतजार के बाद टीम ने पहली बार रणजी ट्रॉफी के फाइनल में जगह बनाई है। सेमीफाइनल मुकाबले में बंगाल क्रिकेट टीम को हराकर टीम ने यह बड़ी कामयाबी हासिल की। चौथे दिन सुबह 126 रन का लक्ष्य हासिल करते हुए जम्मू-कश्मीर ने यादगार जीत दर्ज की।

इस जीत के सबसे बड़े हीरो रहे आकिब नबी डार, जिन्होंने मैच में कुल 9 विकेट झटके, जिसमें पहली पारी के 5 विकेट शामिल रहे। गेंदबाजी के साथ-साथ बल्लेबाजी में भी अहम योगदान देखने को मिला। पहली पारी में 82 रन और दूसरी पारी में नाबाद 30 रन बनाकर उन्होंने टीम की जीत में निर्णायक भूमिका निभाई। अब फाइनल में जम्मू-कश्मीर का मुकाबला कर्नाटक क्रिकेट टीम और उत्तराखंड क्रिकेट टीम के बीच खेले जा रहे सेमीफाइनल की विजेता टीम से होगा।


रणजी फाइनल में पहली बार पहुंची टीम

16 फरवरी तक जम्मू-कश्मीर और बंगाल के बीच मुकाबला बेहद रोमांचक बना हुआ था, लेकिन 17 फरवरी को मैच का रुख पूरी तरह बदल गया। जम्मू-कश्मीर के गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विपक्षी टीम पर दबाव बना दिया।

आकिब नबी डार (4/36) और सुनील कुमार (4/27) की घातक गेंदबाजी के सामने बंगाल की दूसरी पारी सिर्फ 99 रन पर सिमट गई। इसी के साथ जम्मू-कश्मीर ने पहली बार रणजी ट्रॉफी फाइनल का टिकट पक्का कर लिया।


126 रन का लक्ष्य किया हासिल

जम्मू-कश्मीर को जीत के लिए 126 रन का लक्ष्य मिला था। तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक टीम ने 2 विकेट पर 43 रन बना लिए थे और चौथे दिन 83 रन की दरकार थी। वंशज शर्मा की नाबाद 43 रन की पारी और अब्दुल समद के नाबाद 30 रन की बदौलत टीम ने लक्ष्य हासिल कर ऐतिहासिक जीत दर्ज की।


शमी की घातक गेंदबाजी बेअसर

मैच में जम्मू-कश्मीर की पहली पारी 302 रन पर समाप्त हुई। मोहम्मद शमी ने शानदार गेंदबाजी करते हुए पहली पारी में 90 रन देकर 8 विकेट झटके, जबकि दूसरी पारी में भी 1 सफलता हासिल की। हालांकि उनका यह प्रदर्शन बंगाल को फाइनल में नहीं पहुंचा सका, लेकिन उन्होंने राष्ट्रीय टीम में वापसी के लिए मजबूत दावा जरूर पेश किया।


रचा ऐतिहासिक रिकॉर्ड

बंगाल पर जीत के साथ ही जम्मू-कश्मीर हिमालयी क्षेत्र की पहली टीम बन गई है, जिसने भारत की सबसे प्रतिष्ठित प्रथम श्रेणी क्रिकेट प्रतियोगिता के फाइनल में प्रवेश किया है। यह उपलब्धि राज्य के क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा अध्याय मानी जा रही है।

रश्मिका मंदाना-विजय देवरकोंडा की शादी होगी सुपर प्राइवेट, नो फोन पॉलिसी लागू
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साउथ फिल्म इंडस्ट्री की चर्चित जोड़ी विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की शादी को लेकर लंबे समय से चर्चाएं चल रही हैं। पहले उनकी शादी की तारीख 2 फरवरी बताई जा रही थी, बाद में खबर आई कि दोनों 26 फरवरी को शादी के बंधन में बंधेंगे। हाल ही में सोशल मीडिया पर उनकी शादी का कार्ड भी लीक होने की खबर सामने आई थी।

कब होगा रिसेप्शन?

बताया जा रहा है कि शादी समारोह में सिर्फ परिवार के सदस्य और बेहद करीबी दोस्त ही शामिल होंगे। जहां फैंस इस शादी को लेकर काफी उत्साहित हैं, वहीं इससे जुड़ी नई-नई जानकारियां भी सामने आ रही हैं। शादी राजस्थान के उदयपुर में आयोजित होगी। रिपोर्ट्स के अनुसार, शादी के बाद 4 मार्च को कपल ताज कृष्णा में एक ग्रैंड रिसेप्शन देगा, जिसमें अन्य मेहमानों को आमंत्रित किया जाएगा।

Vijay Deverakonda And Rashmika

शादी के बाद लेंगे ब्रेक

वेडिंग सेरेमनी को पूरी तरह प्राइवेट रखा जाएगा। 24 फरवरी से प्री-वेडिंग फंक्शन शुरू होंगे और 26 फरवरी को दोनों सात फेरे लेंगे। शादी की गोपनीयता बनाए रखने के लिए समारोह में नो फोन पॉलिसी लागू की जाएगी। मेहमानों को मोबाइल फोन इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होगी, ताकि शादी की रस्में निजी और खास बनी रहें। खबर यह भी है कि शादी के बाद कपल करीब एक महीने का ब्रेक ले सकता है।

शादी के लिए खास नियम

रिपोर्ट्स के मुताबिक, शादी में मेहमानों की संख्या बेहद सीमित रखी गई है। यहां तक कि फोटो और वीडियो कवरेज करने वाली टीम से भी गोपनीयता समझौता (एग्रीमेंट) साइन कराया गया है। जानकारी यह भी सामने आई है कि किसी बड़े सेलेब्रिटी गेस्ट को आमंत्रित नहीं किया गया। कपल ने अपने दोस्तों को हाथ से लिखे नोट भेजकर गिफ्ट्स न लाने और केवल आशीर्वाद देने का आग्रह किया है।

विजय और रश्मिका ने साथ में गीता गोविंदम और डियर कोमरेड जैसी फिल्मों में काम किया है। इन्हीं फिल्मों के दौरान दोनों की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री को खूब पसंद किया गया, जिसके बाद से ही उनके रिश्ते की चर्चाएं तेज हो गई थीं।