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जीयनपुर में स्कूल वैन में लगाई आग, सीसीटीवी में कैद हुई घटना

आज़मगढ़/उत्तर प्रदेश/संवाददाता-शुभम कुमार रावत

आजमगढ़ जनपद के सगड़ी तहसील क्षेत्र के कटाई अलीमुद्दीनपुर गांव की निवासी पैरा तैराक जिया राय ने 25 फरवरी 2026 को 35वीं वीर सावरकर अखिल भारतीय समुद्री तैराकी प्रतियोगिता में भाग लेकर 16 समुद्री मील (लगभग 28 किलोमीटर) की दूरी 6 घंटे 10 मिनट में पूरी कर इतिहास रच दिया।

यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता आद्री तट से शुरू होकर वेरावल, गुजरात में समाप्त हुई। आयोजन गुजरात सरकार के खेल, युवा एवं सांस्कृतिक गतिविधि विभाग द्वारा किया गया।

सामान्य वर्ग के लिए वर्ष 1967 से आयोजित हो रही इस प्रतियोगिता में जिया राय भाग लेने और रेस पूरी करने वाली भारत की पहली महिला पैरा तैराक बन गई हैं। उन्हें जिला युवा एवं विकास अधिकारी एच.डी. मखवाना द्वारा प्रमाण पत्र और पदक प्रदान किया गया।

प्रतियोगिता में सात बालिकाओं और 18 बालकों ने भाग लेकर रेस पूरी की। 18 वर्षीय जिया राय ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर से पीड़ित हैं और ओपन वॉटर स्विमिंग में विश्व रिकॉर्ड धारक हैं।

जिया इससे पहले पाक स्ट्रेट (2022), इंग्लिश चैनल (2024) और कैटालिना चैनल (2025) को सफलतापूर्वक पार कर चुकी हैं। वह इन तीनों चुनौतीपूर्ण समुद्री मार्गों को पार करने वाली दुनिया की सबसे कम उम्र और सबसे तेज महिला पैरा तैराक हैं।

चैनल तैराकी के 150 वर्षों के इतिहास में जिया राय दुनिया की पहली ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर से पीड़ित लड़की हैं, जिन्होंने इंग्लिश चैनल और कैटालिना चैनल दोनों को सफलतापूर्वक पूरा किया है।

उन्हें वर्ष 2022 में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार, 2023 में राष्ट्रीय दिव्यांगता पुरस्कार और 2024 में वर्ल्ड ओपन वॉटर स्विमिंग एसोसिएशन अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है।

जिया राय ने रचा इतिहास: 16 समुद्री मील की तैराकी 6 घंटे 10 मिनट में पूरी, बनीं पहली महिला पैरा तैराक

आज़मगढ़/उत्तर प्रदेश/संवाददाता-शुभम कुमार रावत आजमगढ़ जनपद के सगड़ी तहसील क्षेत्र के कटाई अलीमुद्दीनपुर गांव की निवासी पैरा तैराक जिया राय ने 25 फरवरी 2026 को 35वीं वीर सावरकर अखिल भारतीय समुद्री तैराकी प्रतियोगिता में भाग लेकर 16 समुद्री मील (लगभग 28 किलोमीटर) की दूरी 6 घंटे 10 मिनट में पूरी कर इतिहास रच दिया।

यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता आद्री तट से शुरू होकर वेरावल, गुजरात में समाप्त हुई। आयोजन गुजरात सरकार के खेल, युवा एवं सांस्कृतिक गतिविधि विभाग द्वारा किया गया।

सामान्य वर्ग के लिए वर्ष 1967 से आयोजित हो रही इस प्रतियोगिता में जिया राय भाग लेने और रेस पूरी करने वाली भारत की पहली महिला पैरा तैराक बन गई हैं। उन्हें जिला युवा एवं विकास अधिकारी एच.डी. मखवाना द्वारा प्रमाण पत्र और पदक प्रदान किया गया।

प्रतियोगिता में सात बालिकाओं और 18 बालकों ने भाग लेकर रेस पूरी की। 18 वर्षीय जिया राय ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर से पीड़ित हैं और ओपन वॉटर स्विमिंग में विश्व रिकॉर्ड धारक हैं।

जिया इससे पहले पाक स्ट्रेट (2022), इंग्लिश चैनल (2024) और कैटालिना चैनल (2025) को सफलतापूर्वक पार कर चुकी हैं। वह इन तीनों चुनौतीपूर्ण समुद्री मार्गों को पार करने वाली दुनिया की सबसे कम उम्र और सबसे तेज महिला पैरा तैराक हैं।

चैनल तैराकी के 150 वर्षों के इतिहास में जिया राय दुनिया की पहली ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर से पीड़ित लड़की हैं, जिन्होंने इंग्लिश चैनल और कैटालिना चैनल दोनों को सफलतापूर्वक पूरा किया है।

उन्हें वर्ष 2022 में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार, 2023 में राष्ट्रीय दिव्यांगता पुरस्कार और 2024 में वर्ल्ड ओपन वॉटर स्विमिंग एसोसिएशन अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है।

अजमतगढ़ ब्लॉक में 3.90 करोड़ की विकास कार्य योजना पर मुहर, क्षेत्र पंचायत बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित

आजमगढ़ जनपद के सगड़ी क्षेत्र स्थित अजमतगढ़ ब्लॉक सभागार में गुरुवार को क्षेत्र पंचायत की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता ब्लॉक प्रमुख अलका मिश्रा ने की।बैठक में आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 3 करोड़ 90 लाख रुपये की विकास कार्य योजना को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। साथ ही पिछले वर्ष कराए गए विकास कार्यों की कार्यवृत्ति पर भी विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी परिचित खटाना ने जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण, फार्मर रजिस्ट्री, आयुष्मान कार्ड और फैमिली आईडी निर्माण में विशेष सक्रियता बरतने के निर्देश दिए।खंड विकास अधिकारी जितेंद्र कुमार मिश्र ने क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत और ग्राम पंचायत सदस्यों को निर्देशित किया कि सभी अपनी-अपनी कार्य योजनाएं 28 फरवरी तक अनिवार्य रूप से तैयार कर सम्मिलित करें।प्रमुख प्रतिनिधि मनीष कुमार मिश्र ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में अजमतगढ़ ब्लॉक ने विकास कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति की है। जनपद का बड़ा ब्लॉक होने के बावजूद विकास के मामले में पीछे नहीं रहा है।

उन्होंने बताया कि प्रत्येक गांव में शौचालय निर्माण, आरओ सिस्टम, प्रकाश व्यवस्था, सीसी रोड, नाली, खड़ंजा, तटबंध और चकमार्ग जैसे कार्य कराए गए हैं। विकास की नई गाथा लिखी गई है और भविष्य में भी अजमतगढ़ ब्लॉक जनपद ही नहीं, बल्कि प्रदेश में अग्रणी स्थान प्राप्त करेगा।बैठक में जिला पंचायत सदस्य रामबृक्ष गौतम, सूर्यनाथ यादव, अर्जुन कुमार, जनार्दन राम, एडियो पंचायत सुभाष चंद्र शर्मा, सुमेश यादव, मोहम्मद साहेदीन, अरुण श्रीवास्तव, विजय चौहान सहित कई जनप्रतिनिधि और प्रधान प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बेदखली आदेश के बाद भी सूअर बाड़ा पर अवैध कब्जे का आरोप

आज़मगढ़/उत्तर प्रदेश/ संवाददाता शुभम् कुमार रावत

महिलाओं ने प्रदर्शन कर सूअर बाड़ा को खाली कराने की मांग। सगड़ी तहसील क्षेत्र की पनशब्दा निवासी महिलाओं ने बेदखली आदेश के बाद भी सूअर बाड़ा की जमीन पर अवैध कब्जा करने का लगाया आरोप किया प्रदर्शन खाली कराने की मांग।शनिवार को पनशब्दा निवासी महिलाओं ने सगड़ी संपूर्ण समाधान दिवस पर प्रार्थना पत्र देकर बालचंद पुत्र निठुरी ने सूअर बड़ा की भूमि पर मंडई व पक्की चाहर दीवारी निर्माण कर कब्जा कर लिया जिसके बाद सगड़ी तहसील पर धारा 67 के तहत मुकदमा चला और तहसीलदार न्यायालय से बेदखली का आदेश पारित हुआ 2 वर्ष पूर्व बालचंद की मृत्यु हो गईइसके बाद उसके पुत्रगण दूधनाथ साधु श्याम नारायण आज के द्वारा पक्का मकान निर्माण का कार्य किया जा रहा है जिस पर पनशब्दा निवासी महिला शीला संगीता विद्रावती रेखा इंद्रावती ने सगड़ी तहसील पर पहुंचकर प्रदर्शन कर सूअर बाड़ा की भूमि पर हो रहे अवैध कब्जा को रोकने की मांग की सगड़ी तहसीलदार शिव प्रकाश सरोज ने राजस्व निरीक्षक को जीयनपुर प्रभारी को जांच कर कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया।

भू माफियाओ से परेशान एक पीड़िता ने जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक से मिलकर न्याय की गुहार लगाई

आज़मगढ़/उत्तर प्रदेश/संवाददाता-शुभम कुमार रावत
आजमगढ़ भू माफियाओ से परेशान एक पीड़िता ने जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है।

बता दे कि मीना राय पत्नी सन्तोष राय ग्राम सेठवल थाना रानी की सराय की रहने वाली है। उनका आरोप है कि उनके गाँव के मनबढ़ दबंग भूमाफिया अजय राय उर्फ गोपाल राय एव विद्यासागर पुत्र श्रीचन्द्र राय व श्रीचन्द्र राय तथा अवधराज राय पुत्र दिवाकर राय एंव अवधराज के नाती आनन्द राय एवं अमित राय पुत्र भास्कार राय रमेश राय पुत्र शीतला राय आकाश राय व सौरभ राय पुत्र रमेश राय विकास राय पुत्र महेन्द्र राय यह लोग गोल बनाकर मारपीट करते है।

पीड़िता का आरोप है कि इनके घर के पिछे 10 कड़ी का सरकारी चकरोड बना है लेकिन यह लोग जमीन में चार चक्का गाड़ी ले जाने के लिए सडक बनवाने के लिए आये दिन हमारे परिवार से मारपीट कर रहे है और मेरे घर के सामने पेड़ पौधा लगा है उसे तोड़ देते है। इतना ही नही नाले के उपर रखी पटीया उठा ले गये और नाले में इंट पत्थर डाल देते है। रमेश राय अपने दरवाजे पर मेरी जमीन कब्जा कर लिए है।

प्रधान व लेखपाल को मिलाकर मेरी जमीन में यह लोग अपना नाला बनवा लिए है यह सभी लोग मिलकर मेरे घर के सामने गाली गलौज करते हुये मेरे परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे है। जिसकी वजह से परिवार ताला बन्द करके घर में रहता है। कुछ लोगो की काल रिकार्डिंग और विडियों रिकार्डिंग मेरे पास है यह लोग मेरे छत पर ईट पत्थर फेंकते है और इनके घर की औरते भी मेरे छत कचरा फेकती है और झगड़ा करती है। उन्होंने अपने परिवार के जान माल व सुरक्षा की गुहार लगाई है।

अधिवक्ता संशोधन बिल के खिलाफ सगड़ी के वकीलों का विरोध प्रदर्शन,एसडीएम को सौंपा ज्ञापन।

आज़मगढ़/उत्तर प्रदेश/संवाददाता-शुभम कुमार रावत
आज़मगढ़ सगड़ी तहसील में अधिवक्ता संशोधन बिल के खिलाफ अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन कर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन।

केंद्र सरकार द्वारा अधिवक्ता अधिनियम 1961 में किए गए संशोधन से वकीलों में रोष है। बुधवार को सगड़ी तहसील संघ के समस्त अधिवक्ताओं ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम उपजिलाधिकारी सगड़ी श्याम प्रताप सिंह को ज्ञापन सौंपकर संशोधित अधिवक्ता एक्ट को निरस्त करने की मांग की।

वकीलों ने अधिवक्ता संशोधन बिल-2025 को लेकर जमकर हंगामा किया और अधिवक्ता तहसील परिसर में एकत्र हुए अधिवक्ताओं ने संशोधन विधेयक 2025 का विरोध करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की उनका कहना है कि अधिवक्ता संशोधन बिल- 2025 वकीलों के अधिकारों का हनन करेगा,उनकी स्वतंत्रता को सीमित कर देगा,उन्होंने सरकार से इस प्रस्ताव को जल्द से जल्द वापस लेने की मांग की।

इस दौरान सगड़ी तहसील बार के अध्यक्ष सचिदानन्द राय व महामंत्री अजीत कुमार यादव, कोषाध्यक्ष विंध्यवासिनी राय, पतीराम यादव,मणिकेश्वर मिश्र, अभिनाश राय सोनू,आशीष मिश्रा,सूर्यभान सरोज,अनिल सिंह,सूर्यभान यादव,मनीष राय,भीम यादव,संजय कुमार, सन्तोष कुमार,शहाबुद्दीन खान,पंकज कुमार दूबे, ओंमकार नाथ त्रिपाठी,प्रतीश यादव,दुर्गेश तिवारी, प्रेमशंकर यादव समेत सगड़ी बार एसोसिएशन के
सदस्य वकील प्रदर्शन में मौजूद रहे।

महोबा में तेज रफ्तार लोडर का कहर: शादी से लौट रहीं चार महिलाओं को टक्कर, तीन की मौत

महोबा: जिले में गुरुवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे में तीन महिलाओं की जान चली गई। घटना महोबा-छतरपुर मार्ग पर मां बड़ी चंद्रिका देवी मंदिर के पास हुई, जहां शादी समारोह से लौट रही चार महिलाओं को एक तेज रफ्तार लोडर ने टक्कर मार दी।

जानकारी के अनुसार, सदर कोतवाली क्षेत्र के भटीपुरा मोहल्ले की 45 वर्षीय श्यामरानी शादी समारोहों में खाना बनाने का काम करती थीं। बुधवार रात वह 65 वर्षीय तुलसा (भटीपुरा), 35 वर्षीय गीता (डाकबंगला) और 50 वर्षीय भगवती (कल्याण सागर) के साथ सड़क किनारे स्थित एक मैरिज हाल में आयोजित कार्यक्रम में खाना बनाने गई थीं। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद तड़के करीब तीन बजे चारों महिलाएं पैदल अपने घर लौट रही थीं, तभी पीछे से आ रहे लोडर ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।

हादसे के बाद राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी और घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने सिर में गंभीर चोट लगने के कारण श्यामरानी को मृत घोषित कर दिया। गीता की भी इलाज के दौरान मौत हो गई।

गंभीर रूप से घायल तुलसा और भगवती को बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर किया गया। झांसी ले जाते समय रास्ते में भगवती ने भी दम तोड़ दिया, जबकि तुलसा का इलाज जारी है।

हादसे के बाद लोडर चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर वाहन और चालक की तलाश शुरू कर दी है। घटना के बाद क्षेत्र में शोक की लहर है।

डैमेज कंट्रोल में जुटे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, आवास पर 101 बटुकों का सम्मान कर दिया बड़ा राजनीतिक संदेश

उत्तर प्रदेश की सियासत में इन दिनों ब्राह्मण राजनीति को लेकर हलचल तेज है। इसी कड़ी में राज्य के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने गुरुवार को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर 101 बटुकों का सम्मान कर बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की। इसे विपक्षी दलों—खासतौर पर बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी—द्वारा ब्राह्मण मतदाताओं को साधने की कोशिशों के जवाब के रूप में देखा जा रहा है।

प्रतीकात्मक राजनीति को मिला बल

प्रदेश में इन दिनों प्रतीकात्मक आयोजनों के जरिए सामाजिक समीकरण साधने की राजनीति तेज हो गई है। हाल ही में प्रयागराज के माघ मेले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े शिष्यों की शिखा खींचे जाने के विवाद ने तूल पकड़ा था। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए ब्रजेश पाठक ने संबंधित पुलिसकर्मियों को ‘पापी’ तक कह दिया था।

इसी पृष्ठभूमि में उनके आवास पर आयोजित बटुक पूजन और सम्मान समारोह को राजनीतिक संदेश से जोड़कर देखा जा रहा है।

आवास पर हुआ सम्मान समारोह

लखनऊ के राजभवन कॉलोनी स्थित सरकारी आवास पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बटुक पहुंचे। उपमुख्यमंत्री ने पत्नी के साथ मिलकर उनका पूजन किया, तिलक लगाया और पुष्पवर्षा कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का माहौल उत्सव जैसा रहा और इसे ब्राह्मण समाज के सम्मान से जोड़कर प्रस्तुत किया गया।

‘शिखा खींचने वालों को लगेगा पाप’

17 फरवरी को लखनऊ में एक मीडिया कार्यक्रम के दौरान ब्रजेश पाठक ने कहा था कि बाल ब्राह्मणों की शिखा खींचने वालों को “महापाप” लगेगा और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उनके इस बयान ने राजनीतिक हलकों में बहस छेड़ दी थी—खासतौर पर इसलिए क्योंकि वे स्वयं सरकार में उपमुख्यमंत्री पद पर हैं।

सीएम के बयान से बढ़ा सियासी तापमान

इस पूरे विवाद के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान भी चर्चा में रहा। बजट सत्र के दौरान उन्होंने बिना नाम लिए कहा था कि “कोई स्वयं को शंकराचार्य कैसे कह सकता है, कोई भी कानून से ऊपर नहीं—मैं भी नहीं।”

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस मुद्दे पर सत्तारूढ़ दल के भीतर भी अलग-अलग राय देखने को मिली।

विपक्ष भी सक्रिय

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। वहीं बसपा प्रमुख मायावती भी लगातार ब्राह्मण समाज के पक्ष में बयान देती रही हैं।

ब्राह्मण विधायकों की बैठकों और जातीय समीकरणों को लेकर चल रही सियासी खींचतान ने इस मुद्दे को और गरमा दिया है।

डैमेज कंट्रोल या राजनीतिक विस्तार?

राजनीतिक पंडित ब्रजेश पाठक के इस आयोजन को दो नजरियों से देख रहे हैं—

  • एक, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विवाद से उपजे असंतोष को शांत करने की कोशिश
  • दूसरा, स्वयं को प्रदेश की ब्राह्मण राजनीति के प्रमुख चेहरे के रूप में स्थापित करने की रणनीति

फिलहाल, इस कार्यक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति में संदेश साफ गया है कि ब्राह्मण वोट बैंक को लेकर सियासी सक्रियता आने वाले समय में और तेज रहने वाली है।

तिहाड़ से रिहा होने के बाद बदले राजपाल यादव के सुर, बोले—कानून सबके लिए बराबर, जेल सुधार जरूरी
तिहाड़ से रिहा होने के बाद बदले राजपाल यादव के सुर, बोले—कानून सबके लिए बराबर, जेल सुधार जरूरी

शाहजहांपुर। फिल्म अभिनेता राजपाल यादव ने कहा कि कानून की नजर में सभी बराबर होते हैं और यहां कोई छोटा-बड़ा नहीं होता। उन्होंने जेल व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता पर जोर देते हुए अच्छे आचरण वाले बंदियों को दोबारा मुख्यधारा में लौटने का अवसर देने की बात कही। चेक बाउंस मामले में तिहाड़ जेल से रिहा होने के बाद वह बुधवार को अपने पैतृक गांव कुंडरा पहुंचे।

मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि उनके कठिन समय में जिन लोगों ने प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से सहयोग किया, प्रार्थना की और उनका साथ दिया, वह उन सभी के आभारी हैं। उन्होंने सभी का धन्यवाद व्यक्त किया। राजपाल यादव ने खुद को भारतीय सिनेमा का जिम्मेदार अभिनेता बताते हुए कहा कि उन्होंने हास्य से लेकर गंभीर तक हर तरह की भूमिकाएं निभाई हैं।

उन्होंने कहा कि कला उनके लिए एक विज्ञान की तरह है और वह स्वयं को उसका विद्यार्थी मानते हैं। अभिनय उनका जुनून है, इसलिए उन्हें कभी काम तलाशने की जरूरत महसूस नहीं हुई। जेल में बिताए समय को याद करते हुए उन्होंने कहा कि जब हर क्षेत्र में आधुनिकीकरण हो रहा है, तो जेलों में भी सुधार और अपडेट की जरूरत है।

उन्होंने सुझाव दिया कि जिन बंदियों का आचरण और व्यवहार अच्छा है, जो अदालती प्रक्रियाओं में सक्रिय रूप से शामिल नहीं हो पा रहे या सजायाफ्ता हैं, ऐसे लगभग दस प्रतिशत बंदियों पर विचार कर उन्हें समाज की मुख्यधारा में लौटने का अवसर दिया जा सकता है। उनका मानना है कि घृणा पाप से होनी चाहिए, पापी से नहीं।

नौ करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें 30 दिन की अंतरिम जमानत दी थी। पांच फरवरी को सरेंडर करने के बाद उन्हें तिहाड़ जेल भेजा गया था। गुरुवार को उनकी भतीजी की शादी है, जिसमें शामिल होने के लिए वह अपने गृह जनपद शाहजहांपुर के कुंडरा गांव पहुंचे हैं।