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डीटीसी कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों की लंबित मांगों को लेकर परिवहन मंत्री से मिला प्रतिनिधिमंडल, जल्द समाधान का आश्वासन

संवाददाता ‍कमल गुरनानी ब्यूरो प्रमुख पूर्वी दिल्ली || दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर शनिवार को ‘डीटीसी कर्मचारी एकता यूनियन (रजि.)’ के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह से उनके आवास पर मुलाकात की। शिवसेना से संबद्ध इस यूनियन ने परिवहन मंत्री के साथ सौहार्दपूर्ण माहौल में एक विस्तृत बैठक की, जिसमें कर्मचारियों की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं और उनके अधिकारों पर गहन चर्चा की गई। यूनियन ने इस वार्ता को बेहद सकारात्मक और सार्थक बताया है।

​बैठक का नेतृत्व और प्रमुख उपस्थिति:

​इस महत्वपूर्ण बैठक का नेतृत्व शिवसेना दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष संदीप चौधरी ने किया। उनके साथ डीटीसी कर्मचारी एकता यूनियन के प्रमुख पदाधिकारी और वरिष्ठ सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें तेजपाल सिंह, पंकज शर्मा, नरेंद्र कौशिक और कपिल मुख्य रूप से शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने परिवहन मंत्री को एक औपचारिक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों की दयनीय स्थिति और उनकी मुख्य मांगों को रेखांकित किया गया था।

​यूनियन द्वारा उठाई गई प्रमुख मांगें
​यूनियन के पदाधिकारियों ने परिवहन मंत्री के समक्ष डीटीसी के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की निम्नलिखित मांगों को पुरजोर तरीके से रखा:

  • ​बेसिक डीए (महंगाई भत्ता) की बहाली: कर्मचारियों के लिए बेसिक महंगाई भत्ता जल्द से जल्द लागू किया जाए ताकि वे आर्थिक रूप से सशक्त हो सकें।
  • ​ग्रेड पे लागू करना: वर्षों से सेवा दे रहे कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों को समान कार्य के लिए समान वेतन के सिद्धांत के तहत ग्रेड पे का लाभ दिया जाए।
  • ​दूर-दराज के तबादलों पर रोक: कर्मचारियों को उनके घरों से 40 से 50 किलोमीटर दूर ट्रांसफर करने की नीति पर तुरंत रोक लगाई जाए, क्योंकि इससे कर्मचारियों को भारी मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है।
    ​”कर्मचारियों का इतनी दूर तबादला करना व्यावहारिक नहीं है। इससे न केवल उनके समय की बर्बादी होती है, बल्कि उनके वेतन का एक बड़ा हिस्सा आने-जाने में ही खर्च हो जाता है।”

— प्रतिनिधिमंडल के सदस्य
​परिवहन मंत्री का सकारात्मक आश्वासन
​मुलाकात के दौरान परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को बेहद गंभीरता और संवेदनशीलता से सुना। उन्होंने यूनियन को आश्वस्त किया कि सरकार डीटीसी कर्मचारियों के योगदान की सराहना करती है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।
​परिवहन मंत्री ने कहा कि इन मांगों पर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर तेजी से कार्य किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कर्मचारियों की सभी जायज मांगों के निपटारे के लिए आवश्यक और उचित कदम उठाए जाएंगे, जिसके सकारात्मक परिणाम बहुत जल्द धरातल पर दिखाई देंगे।

​कर्मचारियों में जगी उम्मीद की किरण
​बैठक की समाप्ति के बाद शिवसेना दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष संदीप चौधरी और यूनियन के पदाधिकारियों ने संयुक्त बयान जारी कर परिवहन मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मंत्री महोदय के सकारात्मक रवैये से डीटीसी के हजारों कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों में न्याय की एक नई उम्मीद जगी है। यूनियन ने साफ किया कि वे कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहेंगे और उम्मीद करते हैं कि सरकार अपने वादे के मुताबिक जल्द ही कोई ठोस और बड़ा फैसला लेगी।
नई दिल्ली से कमल गुरनानी की रिपोर्ट