सत्युग दर्शन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (SDIET), भूपानी, फरीदाबाद में मेरा युवा भारत (MY Bharat), युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से जिला स्तरीय “नशा मुक्त युवा – विकसित भारत” प्रतियोगिताओं का भव्य आयोजन 25 जुलाई 2026 को किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में नशा मुक्ति के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि फरीदाबाद की महापौर श्रीमती परवीन बत्रा जोशी थीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री अमित भारद्वाज, एमिनेंट पर्सन, मेरा युवा भारत, फरीदाबाद उपस्थित रहे। इस अवसर पर एसडीआईईटी के चेयरमैन प्रो. (डॉ.) वीरेश दत्ता, प्राचार्य प्रो. (डॉ.) शैलेन्द्र त्यागी, जिला युवा अधिकारी श्रीमती प्रियंका मलिक तथा मेरा युवा भारत के अन्य गणमान्य सदस्य भी मौजूद रहे।
मुख्य अतिथि श्रीमती परवीन बत्रा जोशी ने युवाओं के उत्साह, प्रतिभा एवं रचनात्मकता की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मंच युवाओं को अपनी अभिव्यक्ति का अवसर देने के साथ-साथ उन्हें समाज में सकारात्मक परिवर्तन का वाहक बनाते हैं। उन्होंने युवाओं से नशा मुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
प्रतियोगिता में फरीदाबाद जिले के लगभग 250 युवाओं ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने नृत्य, संगीत, नुक्कड़ नाटक, स्लैम पोएट्री, पेंटिंग, रील/शॉर्ट फिल्म, वाद-विवाद तथा स्लोगन लेखन जैसी आठ विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से नशा मुक्ति का प्रभावशाली संदेश प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने “नशा छोड़ो, भविष्य जोड़ो” तथा “नशा की नहीं, राष्ट्र निर्माण की लत लगाओ” जैसे प्रेरणादायक संदेशों के माध्यम से समाज को जागरूक करने का प्रयास किया। उनकी प्रस्तुतियों ने उपस्थित सभी लोगों को नशा मुक्त एवं स्वस्थ भारत के निर्माण के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर एसडीआईईटी के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) शैलेन्द्र त्यागी ने अपने संदेश में कहा कि “युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं। यदि उनकी ऊर्जा सही दिशा में लगाई जाए तो वे समाज और राष्ट्र में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। नशा मुक्त भारत का सपना तभी साकार होगा जब युवा स्वयं जागरूक होकर दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।”
कार्यक्रम के सफल आयोजन में जिला युवा अधिकारी श्रीमती प्रियंका मलिक की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अंत में विजेताओं एवं प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह आयोजन युवाओं में सामाजिक उत्तरदायित्व, रचनात्मक सोच और राष्ट्र निर्माण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।