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WhatsApp पर दोस्ती, फिर विदेशी पार्सल में डॉलर और सोने का झांसा… ऐसे चलता था इंटरस्टेट साइबर ठगी का खेल

संवाददाता प्रमोद कुमार जायसवाल दिल्ली द्वारकादिल्ली पुलिस की दक्षिण-पश्चिम जिला साइबर थाना पुलिस ने एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक नाइजीरियाई महिला भी शामिल है। आरोपियों ने एक व्यक्ति से विदेशी पार्सल में डॉलर और सोना भेजने का झांसा देकर 1.46 लाख रुपये की ठगी की थी। ऐसे फंसाते थे शिकार

पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह सबसे पहले WhatsApp चैट और कॉल के जरिए लोगों से संपर्क करता था। खुद को अमेरिका में रहने वाला व्यक्ति बताकर दोस्ती की जाती और धीरे-धीरे भरोसा जीत लिया जाता। इसके बाद पीड़ित को बताया जाता कि उसके नाम से अमेरिका से एक पार्सल भेजा गया है, जिसमें अमेरिकी डॉलर और सोना रखा है।

कुछ समय बाद गिरोह के अन्य सदस्य खुद को कस्टम अधिकारी, इमिग्रेशन अधिकारी या अन्य सरकारी एजेंसियों का प्रतिनिधि बताकर पीड़ित से संपर्क करते थे। फिर मनी डिक्लेरेशन सर्टिफिकेट, फ्लाइट टिकट, कस्टम क्लियरेंस, पार्सल रिलीज और सोना छुड़ाने जैसे अलग-अलग बहाने बनाकर किस्तों में पैसे ट्रांसफर कराए जाते थे।

ठगी की रकम सीधे अपने खाते में लेने के बजाय आरोपी फर्जी (म्यूल) बैंक खातों के जरिए कई खातों में घुमाते थे, ताकि पैसों का स्रोत छिपाया जा सके और पुलिस आसानी से उन तक न पहुंच सके।

तकनीकी जांच, डिजिटल साक्ष्यों और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल के आधार पर पुलिस ने दिल्ली, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में छापेमारी कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान वारदात में इस्तेमाल 7 मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।

दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया या WhatsApp पर अनजान लोगों की बातों में न आएं और विदेशी पार्सल, डॉलर, सोना या गिफ्ट के नाम पर पैसे मांगने वालों से सतर्क रहें।