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द्वारका घटना: दिल्ली सरकार ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात, दोषियों को कड़ी सजा का आश्वासन

Highlights

  • दिल्ली सरकार ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की
  • परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन
  • आरोपियों की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी
  • जांच में ढिलाई न बरतने के निर्देश
  • क्षेत्रीयता के आधार पर हिंसा को बताया अस्वीकार्य

द्वारका घटना पर सरकार की संवेदनशील प्रतिक्रिया

दिल्ली के द्वारका क्षेत्र में हुई दुखद घटना के बाद सरकार ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदना व्यक्त की। इस दौरान दिवंगत पांडव कुमार के परिवार को हर संभव सहायता देने का भरोसा दिलाया गया।

परिवार के दुख में सरकार खड़ी

संवाददाता प्रमोद कुमार जायसवाल के अनुसार, परिवार के साथ खड़े होते हुए कहा गया कि एक बेटे का असमय निधन माता-पिता के लिए सबसे बड़ा दुख होता है, जिसे शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता।

दोषियों को कड़ी सजा दिलाने का भरोसा

सरकार ने स्पष्ट किया कि इस घटना को गंभीरता से लिया गया है और आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो।

दिल्ली पुलिस को सख्त निर्देश

वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि मामले की निष्पक्ष और तेज जांच सुनिश्चित की जाए ताकि दोषियों को कठोरतम दंड मिल सके।

क्षेत्रीयता के आधार पर हिंसा बर्दाश्त नहीं

सरकार ने यह भी कहा कि दिल्ली में रहने वाला हर व्यक्ति दिल्लीवासी है और क्षेत्रीयता के आधार पर किसी भी प्रकार की हिंसा या अपराध को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जलवायु परिवर्तन के बढ़ते असर से कमजोर बच्चों की पढ़ाई और बाहरी गतिविधियों पर संकट गहराया

नई दिल्ली, 22 अप्रैल, 2026: जलवायु परिवर्तन माता-पिता के संरक्षण से वंचित बच्चों के लिए असमानता की खाई को और चौड़ा कर रहा है, क्योंकि यह उनकी स्थिरता और अवसरों को छीन रहा है, जिससे उनकी शिक्षा और बाहरी गतिविधियों में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है। अत्यधिक तापमान और अनिश्चित मौसम उनके दैनिक जीवन को बाधित करते हैं, जिससे पहले से ही जोखिम में रह रहे बच्चे सुरक्षित वातावरण के नुकसान के प्रति और अधिक संवेदनशील हो जाते हैं, यह कहना है श्री सुमंत कर, सीईओ, एसओएस चिल्ड्रन्स विलेजेस इंडिया का।एसओएस चिल्ड्रन्स विलेजेस इंडिया ने हीटवेव और अनिश्चित वर्षा में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है, जो सीधे तौर पर बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और शारीरिक कल्याण को प्रभावित करती है। ये प्राकृतिक आपदाएँ उनके सुरक्षित “खेल के समय” को कम कर देती हैं, जो उनके सामाजिक विकास और मित्रता निर्माण के लिए आवश्यक है। सबसे तात्कालिक चुनौती अत्यधिक गर्मी और मौसम में बदलाव के कारण “समग्र विकास” में उत्पन्न व्यवधान है। बच्चे बाहरी गतिविधियों, खेलों और शैक्षणिक भ्रमण से वंचित हो रहे हैं, जो कक्षा के बाहर उनके विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं।श्री सुमंत कर, सीईओ, एसओएस चिल्ड्रन्स विलेजेस इंडिया कहते हैं, “पर्यावरणीय अस्थिरता के कारण अत्यधिक गर्मी या बाढ़ के दौरान स्कूल बार-बार बंद होते हैं, जिससे शैक्षणिक प्रगति सीधे प्रभावित होती है। शारीरिक और भावनात्मक रूप से, स्थिर बाहरी वातावरण की कमी बच्चों को आवश्यक सामाजिक और शारीरिक गतिविधियों में भाग लेने से रोकती है। जलवायु परिवर्तन अब कोई दूर का खतरा नहीं है; यह एक वर्तमान वास्तविकता है, जो आज हमारे बीच सबसे कमजोर वर्ग को प्रभावित कर रही है। हमें अब कार्रवाई करनी होगी ताकि हम बच्चों के प्रति अपनी जिम्मेदारी पूरी कर सकें और उन्हें वह सुरक्षित, स्वस्थ ग्रह दे सकें, जिसके वे उत्तराधिकारी हैं।”एसओएस चिल्ड्रन्स विलेजेस अपने संचालन में सौर पैनल, वर्षा जल संचयन और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स के माध्यम से स्थिरता को समाहित करता है। जल एटीएम और ईकोब्रिक्स जैसे व्यावहारिक समाधान उन समुदायों में लागू किए जाते हैं, जहाँ वे कार्य करते हैं, ताकि अपशिष्ट प्रबंधन और संसाधनों का प्रभावी संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।एसओएस चिल्ड्रन्स विलेजेस के अंतर्गत बच्चों को पर्यावरण विज्ञान में औपचारिक शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, ताकि दीर्घकालिक विशेषज्ञता विकसित की जा सके। गाँव के दैनिक जीवन में वृक्षारोपण अभियानों में सक्रिय भागीदारी और जल, वायु तथा वन संसाधनों के इष्टतम उपयोग के बारे में सीखना भी शामिल है। इस वर्ष की थीम, “Our Power, Our Planet,” दोहरी जिम्मेदारी को दर्शाती है। बड़ों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे बच्चों को वह सुरक्षित ग्रह सौंपें, जिसके वे अधिकार रखते हैं, जबकि बच्चों को इसे संरक्षित करने में अपनी जिम्मेदारियों को समझने के लिए सशक्त बनाया जाता है। यह इस बात को मान्यता देने के बारे में है कि यह ग्रह उनकी विरासत है।हालाँकि सरकारी और गैर-सरकारी प्रयासों के माध्यम से पहल की जा रही है, लेकिन कमी इस समझ में है कि यह एक वैश्विक आंदोलन है। जलवायु जोखिमों से विशेष रूप से प्रभावित बच्चों की पहचान और समर्थन के लिए सुदृढ़ रिपोर्टिंग और प्रतिक्रिया तंत्र स्थापित करने की आवश्यकता है। सहयोग का फोकस तत्काल संकट तैयारी और विस्थापित या प्रभावित युवाओं के लिए दीर्घकालिक सुधारात्मक समाधानों दोनों पर होना चाहिए। आगे देखते हुए, प्राथमिकता सभी स्थानों पर जलवायु तैयारी को संस्थागत रूप देना है, ताकि बच्चों को आपदाओं से सुरक्षित रखा जा सके, साथ ही हरित बुनियादी ढांचे का विस्तार जारी रखा जा सके। यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम अपने ग्रह की रक्षा करें, ताकि आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित और बेहतर भविष्य प्रदान किया जा सके।

About SOS Children’s Villages India1964 में स्थापित, एसओएस चिल्ड्रन्स विलेजेस इंडिया उन बच्चों को, जो माता-पिता के संरक्षण से वंचित हैं या इसे खोने के जोखिम में हैं, गुणवत्तापूर्ण देखभाल सेवाओं की एक वैल्यू चेन प्रदान करता है, जो केवल बाल देखभाल तक सीमित नहीं है, बल्कि समग्र बाल विकास सुनिश्चित करती है।हमारी अनुकूलित देखभाल पहलें, जैसे फैमिली लाइक केयर, फैमिली स्ट्रेंथनिंग, किनशिप केयर, शॉर्ट स्टे होम्स, फोस्टर केयर, यूथ स्किलिंग, इमरजेंसी चाइल्डकेयर और स्पेशल नीड्स चाइल्डकेयर, जीवन में बदलाव लाने और हमारी देखरेख में रहने वाले बच्चों को आत्मनिर्भर तथा समाज के योगदानकारी सदस्य बनाने के उद्देश्य से संचालित की जाती हैं। यह संगठन समुदायों में कमजोर परिवारों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए सशक्त करता है, जिससे वे अपनी देखरेख में रहने वाले बच्चों के लिए सुरक्षित और पोषणयुक्त वातावरण तैयार कर सकें। आज, 22 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में स्थित 32 एसओएस चिल्ड्रन्स विलेजेस इंडिया के अंतर्गत 440 से अधिक पारिवारिक घरों में 6,500 से अधिक बच्चे रह रहे हैं, जो श्रीनगर से कोचीन और भुज से शिलॉन्ग तक फैले हुए हैं। उनकी देखभाल और परवरिश एसओएस मदर्स और आंट्स द्वारा स्नेहपूर्वक की जाती है।भारत के सबसे व्यापक स्व-कार्यान्वित बाल देखभाल गैर-सरकारी संगठनों में से एक के रूप में, एसओएस चिल्ड्रन्स विलेजेस इंडिया हर वर्ष 45,000 से अधिक बच्चों को सशक्त बनाता है और 70,000 से अधिक जीवनों पर सकारात्मक प्रभाव डालता है।

द्वारका पालम में BWFS कर्मचारी यूनियन चुनाव संपन्न, अशोक कुमार बने प्रेसिडेंट

नई दिल्ली: द्वारका पालम क्षेत्र में BWFS एयरपोर्ट कर्मचारी यूनियन के चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न हो गए हैं। इस चुनाव में कुल 8 पदों के लिए उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था।

यूनियन का दायरा

यह यूनियन केवल BWFS India Private Limited में कार्यरत कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करती है, न कि पूरे एयरपोर्ट स्टाफ का।

चुने गए पदाधिकारी

चुनाव परिणामों के अनुसार नई कार्यकारिणी का गठन किया गया है, जिसमें निम्न पदाधिकारी चुने गए हैं:

  • अशोक कुमार – प्रेसिडेंट
  • फूलबदन पासवान – जनरल सेक्रेटरी
  • प्रेम मोहन – सचिव
  • N. A. Sebastian – वाइस प्रेसिडेंट
  • चंचल कुमार – ऑर्गेनाइजेशन सेक्रेटरी
  • मुकेश कुमार – प्रोपेगेंडा सेक्रेटरी (प्रचार मंत्री)
  • भूपेंद्र कुमार – कोषाध्यक्ष
  • नागेंद्र पाल सिंह – सलाहकार

दो साल का कार्यकाल

नई कार्यकारिणी अगले 2 वर्षों तक यूनियन का संचालन करेगी और कर्मचारियों के अधिकारों व हितों की रक्षा के लिए कार्य करेगी।

कर्मचारियों के हित में काम का संकल्प

नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि वे सभी कर्मचारियों की समस्याओं को प्राथमिकता से उठाएंगे और उनके अधिकारों के लिए सक्रिय रूप से कार्य करेंगे।

बल्लबगढ़ डीसीपी प्रतीक अग्रवाल आईपीएस बल्लभगढ़ का स्टेट रोड सेफ्टी काउंसिल एवं रोड सेफ्टी ओमनी फाउंडेशन फाउंडेशन ट्रस्ट टीम ने किया स्वागत

स्टेट रोड सेफ्टी काउंसिल, हरियाणा सरकार के सदस्य सरदार देवेंद्र सिंह एवं रोड सेफ्टी ओमनी फाउंडेशन ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में डीसीपी बल्लबगढ़ प्रतीक अग्रवाल आईपीएस का कार्यालय में भव्य स्वागत एवं सम्मान किया गया।


शहर के यातायात मुद्दों पर चर्चा:बैठक दौरान बल्लबगढ़ क्षेत्र में बढ़ते यातायात दबाव, दुर्घटना संभावित स्थानों यानी ब्लैक स्पॉट्स की पहचान, ओवरस्पीडिंग,शराब पीकर वाहन चलाना एवं नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने जैसी गंभीर समस्याओं पर विस्तार से मंथन किया गया।
सड़क सुरक्षा जागरूकता स्कूल-कॉलेजों में रोड सेफ्टी क्लब बनाने, औद्योगिक क्षेत्र में कर्मचारियों के लिए जागरूकता अभियान चलाने एवं आम नागरिकों को हेलमेट-सीटबेल्ट के प्रति जागरूक करने की कार्ययोजना पर चर्चा हुई।

आपसी समन्वय ट्रस्ट एवं काउंसिल के पदाधिकारियों ने डीसीपी महोदय को आश्वस्त किया कि सड़क सुरक्षा से जुड़े हर अभियान में पुलिस प्रशासन को जमीनी स्तर पर पूरा-पूरा सहयोग प्रदान किया जाएगा।


डीसीपी प्रतीक अग्रवाल आईपीएस ने ट्रस्ट के प्रयासों की सराहना की और कहा कि प्रशासन एवं सामाजिक संगठनों के आपसी सहयोग से ही सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। उन्होंने नागरिकों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील भी की।
इस अवसर पर स्टेट रोड सेफ्टी काउंसिल के सदस्य एवं रोड सेफ्टी ओमनी फाउंडेशन ट्रस्ट के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

सिलेंडर के लिए लंबी लाइनों में खड़ा होना


संवाददाता प्रमोद जायसवाल

दिल्ली चलो देश के कई शहरों में एलपीजी सिलेंडर की कमी की खबरों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बेंगलुरु, दिल्ली, हैदराबाद और मुंबई जैसे बड़े शहरों के कई रेस्टोरेंट्स गैस की कमी से जूझ रहे हैं, वहीं भोपाल में लोगों को सिलेंडर के लिए लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ रहा है।

इसी बीच पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्थिति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि चुनौतियों के बावजूद रेस्टोरेंट्स और उद्योगों को उनकी गैस जरूरत का लगभग 70–80% हिस्सा मिल रहा है और सरकार देश में सस्ती ऊर्जा की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मंत्री के मुताबिक, बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत पश्चिम एशिया के अलावा अन्य देशों से भी एलपीजी और एलएनजी आयात बढ़ा रहा है, ताकि सप्लाई बनी रहे। साथ ही तेल कंपनियों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके बाद भारतीय रिफाइनरियों ने घरेलू एलपीजी उत्पादन लगभग 10% तक बढ़ा दिया है।

सरकार का कहना है कि वैकल्पिक स्रोतों से गैस की अतिरिक्त आपूर्ति जल्द देश में पहुंचेगी और घरेलू गैस सप्लाई को स्थिर बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

महंगाई की इस मार के विरोध में चूल्हे पर बनी चाय, कांग्रेस का प्रदर्शन

संवाददाता: प्रमोद जयसवाल, दिल्ली

लगातार बढ़ती महंगाई और रसोई गैस सिलेंडर के दामों में इजाफे ने आम जनता, खासकर महिलाओं की रसोई का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। बढ़ती कीमतों से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इसी महंगाई के विरोध में खंडवा शहर जिला कांग्रेस ने शहर कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रतिभा रघुवंशी के नेतृत्व में अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने चूल्हे पर चाय बनाकर आम लोगों को पिलाई और रसोई गैस के बढ़ते दामों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार से गैस सिलेंडर के दाम कम करने और आम जनता को महंगाई से राहत देने की मांग भी की।

Delhi Weather Update: सामान्य से ज्यादा तापमान, अगले 5 दिनों में और बढ़ोतरी, AQI खराब श्रेणी में

नई दिल्ली: राजधानी में गर्मी का असर फरवरी के अंतिम सप्ताह में ही महसूस होने लगा है। बुधवार को अधिकतम तापमान सामान्य से करीब चार डिग्री अधिक दर्ज किया गया, जिससे दिन के समय हल्की गर्मी महसूस हुई।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, फिलहाल तापमान में बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन 28 फरवरी से अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी की संभावना है। अनुमान है कि पहले एक से दो डिग्री और उसके बाद तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक इजाफा हो सकता है।

बुधवार को रिज क्षेत्र में अधिकतम तापमान 30.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सफदरजंग और लोदी रोड में 30.2 डिग्री, आयानगर में 30 डिग्री तथा पालम में 27.8 डिग्री सेल्सियस रहा। न्यूनतम तापमान की बात करें तो सफदरजंग में 12.6 डिग्री, पालम में 13.8 डिग्री, लोदी रोड में 12.4 डिग्री, रिज क्षेत्र में 14.8 डिग्री और आयानगर में 12.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। सुबह के समय कई इलाकों में हल्का कुहासा रहने की संभावना है, जबकि दिन में लगभग 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

वहीं, राजधानी की हवा की गुणवत्ता भी चिंता बढ़ा रही है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के समीर ऐप के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 228 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। आनंद विहार क्षेत्र सबसे अधिक प्रदूषित रहा, जहां AQI 326 यानी ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज हुआ। शहर के 26 निगरानी केंद्रों पर AQI खराब और 11 केंद्रों पर मध्यम श्रेणी में रहा।

विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान में बढ़ोतरी और हवा की गति में बदलाव का असर आने वाले दिनों में वायु गुणवत्ता पर भी पड़ सकता है।

जयदीप सिंह सेंगर को कैंसर है या नहीं? दिल्ली हाई कोर्ट ने AIIMS से मांगी मेडिकल रिपोर्ट

संवाददाता, नई दिल्ली: उन्नाव प्रकरण से जुड़े दोषी जयदीप सिंह सेंगर की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने अहम कदम उठाया है। अदालत ने AIIMS के निदेशक को निर्देश दिया है कि सेंगर के कैंसर संबंधी दावे की सत्यता जांचने के लिए एक विशेष मेडिकल बोर्ड गठित किया जाए।

कोर्ट ने यह आदेश उस याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया, जिसमें सेंगर ने चिकित्सा आधार पर अपनी सजा के अंतरिम निलंबन को आगे बढ़ाने की मांग की है। अदालत ने एम्स से स्पष्ट रिपोर्ट देने को कहा है कि क्या वास्तव में वह कैंसर से पीड़ित हैं और उनकी वर्तमान चिकित्सीय स्थिति क्या है।

गौरतलब है कि जयदीप सिंह सेंगर, पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के भाई हैं। मार्च 2020 में दिल्ली की एक विशेष अदालत ने उन्हें उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में दोषी ठहराया था।

सेंगर का दावा है कि वह स्टेज-4 मुख कैंसर से जूझ रहे हैं और बीमारी दोबारा उभरने का खतरा भी बना हुआ है। उनके अनुसार, अक्टूबर 2020 में AIIMS में उनकी सर्जरी की गई थी। उन्होंने यह भी कहा है कि जेल में आवश्यक विशेष उपचार उपलब्ध नहीं है।

वहीं, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस याचिका का विरोध करते हुए 20 फरवरी 2026 की एक विस्तृत सत्यापन रिपोर्ट अदालत में पेश की है। एजेंसी का कहना है कि उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर अदालत को निर्णय लेना चाहिए।

अब मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि सेंगर के स्वास्थ्य दावे कितने सही हैं और उनकी सजा पर क्या प्रभाव पड़ सकता है।

SATTE 2026 से पहले नई दिल्ली में Tourism Malaysia की प्रेस कॉन्फ्रेंस, भारत के साथ पर्यटन सहयोग को मिली नई गति

नई दिल्ली, 24 फरवरी 2026। Tourism Malaysia ने SATTE 2026 में भागीदारी से पहले नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से भारतीय आउटबाउंड पर्यटन बाजार के प्रति अपनी मजबूत प्रतिबद्धता को दोहराया। इस संवाद का उद्देश्य भारत और मलेशिया के बीच पर्यटन सहयोग को और सुदृढ़ करना था।

प्रेस कॉन्फ्रेंस को टूरिज्म मलेशिया के चेयरमैन वाय.बी.एच.जी. दातुक मनोहरन पेरियासामी और भारत में मलेशिया के उच्चायुक्त दातो’ मुज़ाफ़र शाह मुस्तफ़ा ने संबोधित किया। कार्यक्रम में ट्रैवल ट्रेड पार्टनर्स, एयरलाइंस प्रतिनिधि, पर्यटन उद्योग से जुड़े हितधारक और मीडिया के सदस्य मौजूद रहे।

यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब मलेशिया अपने वैश्विक अभियान Visit Malaysia Year 2026 (VM2026) के तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय प्रचार-प्रसार को तेज कर रहा है।


मजबूत प्रदर्शन, भारत प्रमुख स्रोत बाजार

मलेशिया ने वर्ष 2025 में 4.22 करोड़ अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों का स्वागत किया, जो 2024 की तुलना में 14.6% अधिक है। भारत मलेशिया के लिए तेजी से उभरता और महत्वपूर्ण स्रोत बाजार बना हुआ है। वर्ष 2025 में 16 लाख से अधिक भारतीय पर्यटक मलेशिया पहुंचे, जो इस गंतव्य के प्रति बढ़ते विश्वास और आकर्षण को दर्शाता है।

चेयरमैन दातुक मनोहरन पेरियासामी ने कहा कि भारत मलेशिया की अंतरराष्ट्रीय पर्यटन रणनीति में केंद्रीय भूमिका निभाता है। उन्होंने जोर दिया कि दोनों देशों के मजबूत द्विपक्षीय संबंध और मलेशिया की सुरक्षित, विविधतापूर्ण एवं उच्च-मूल्य गंतव्य की छवि भारतीय पर्यटकों की बढ़ती संख्या का आधार हैं।


भारतीय बाजार पर विशेष फोकस

भारत में मलेशिया के उच्चायुक्त दातो’ मुज़ाफ़र शाह मुस्तफ़ा ने बताया कि भारतीय बाजार ने अवकाश पर्यटन, MICE, डेस्टिनेशन वेडिंग और प्रीमियम ट्रैवल सेगमेंट में उत्साहजनक प्रदर्शन किया है। बेहतर हवाई संपर्क और भारतीय नागरिकों के लिए वीज़ा-फ्री सुविधा जारी रहने से 2026 में और अधिक वृद्धि की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि टियर-I, टियर-II और टियर-III शहरों में व्यापारिक साझेदारी को मजबूत करना प्राथमिकता है, ताकि गुणवत्तापूर्ण और टिकाऊ पर्यटन अनुभव प्रदान किए जा सकें।


बेहतर कनेक्टिविटी से बढ़ेगा सहयोग

भारत और मलेशिया के बीच प्रति सप्ताह 240 से अधिक उड़ानों का संचालन हो रहा है। वीज़ा-फ्री प्रवेश की सुविधा भी भारतीय यात्रियों के लिए यात्रा को और सुगम बना रही है। यह कनेक्टिविटी VM2026 अभियान के तहत पर्यटन वृद्धि को गति देने में सहायक मानी जा रही है।


24 फरवरी को आयोजित प्रमुख कार्यक्रम

SATTE 2026 से पहले नई दिल्ली में टूरिज्म मलेशिया ने तीन प्रमुख रणनीतिक कार्यक्रम आयोजित किए—

  • वेडिंग सेमिनार: मलेशिया को भव्य भारतीय शादियों के लिए आदर्श डेस्टिनेशन के रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसमें लग्ज़री वेन्यू और सांस्कृतिक अनुकूल सेवाओं पर जोर रहा।
  • MICE बी2बी सत्र: मलेशियाई पर्यटन उद्योग और भारतीय कॉर्पोरेट प्लानर्स के बीच सीधा संवाद स्थापित किया गया।
  • मलेशिया नेटवर्किंग डिनर 2026: ट्रैवल ट्रेड पार्टनर्स, एयरलाइंस, वेडिंग प्लानर्स और मीडिया के साथ सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से विशेष आयोजन।

सतत पर्यटन विकास पर जोर

Malaysia Tourism Promotion Board, जो मलेशिया सरकार के पर्यटन, कला और संस्कृति मंत्रालय (MOTAC) के अंतर्गत कार्यरत है, देश को वैश्विक पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने के लिए कार्य कर रहा है।

VM2026 अभियान संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (UNSDGs) के अनुरूप टिकाऊ और समावेशी पर्यटन विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य मलेशिया की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और विविध पर्यटन उत्पादों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करना है।


यह प्रेस कॉन्फ्रेंस भारत और मलेशिया के बीच पर्यटन साझेदारी को नई ऊर्जा देने के साथ-साथ VM2026 के लिए मजबूत आधार तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

हल्की बारिश से सुधरी दिल्ली-एनसीआर की हवा, GRAP-2 के प्रतिबंध हटाए गए
Delhi_-Rain-in-Capital-brings-respite-from-heat

दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में बुधवार को हल्की बारिश दर्ज की गई, जिससे वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला। बेहतर मौसम परिस्थितियों और घटते प्रदूषण स्तर को देखते हुए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत लागू स्टेज-2 एंटी-पॉल्यूशन प्रतिबंध हटा दिए गए हैं।

दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के बिगड़ते स्तर को देखते हुए 19 अक्टूबर 2025 को GRAP स्टेज-II लागू किया गया था, जिसे अब 18 फरवरी 2026 को हटा लिया गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार राजधानी का दिन का औसत AQI 214 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में होने के बावजूद सुधार की स्पष्ट प्रवृत्ति दर्शाता है।

सुबह कई इलाकों में हुई बूंदाबांदी

पिछले कुछ दिनों से बढ़ते तापमान के बीच बुधवार सुबह अक्षरधाम, मोती बाग, कर्तव्य पथ, सफदरजंग और पालम समेत राजधानी के कई हिस्सों में हल्की बारिश और बूंदाबांदी हुई। आसमान में बादल छाए रहे। एनसीआर के अन्य शहरों में भी इसी तरह का मौसम दर्ज किया गया। मौसम में बदलाव के बावजूद न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो मंगलवार की तुलना में 5.7 डिग्री अधिक है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राजधानी के मौसम में बदलाव आया है, जिसे लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया। विभाग ने बताया कि सुबह से कई स्थानों पर हल्की वर्षा हुई, जबकि दोपहर में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। साथ ही 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

मौसम विभाग का अनुमान है कि इस हल्की बारिश से तापमान में लंबे समय तक या बड़ी गिरावट आने की संभावना नहीं है। बुधवार की वर्षा से भले ही प्रदूषण और गर्मी से अस्थायी राहत मिली हो, लेकिन आने वाले दिनों में तापमान फिर सामान्य से अधिक बना रह सकता है।