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WhatsApp पर दोस्ती, फिर विदेशी पार्सल में डॉलर और सोने का झांसा… ऐसे चलता था इंटरस्टेट साइबर ठगी का खेल

संवाददाता प्रमोद कुमार जायसवाल दिल्ली द्वारकादिल्ली पुलिस की दक्षिण-पश्चिम जिला साइबर थाना पुलिस ने एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक नाइजीरियाई महिला भी शामिल है। आरोपियों ने एक व्यक्ति से विदेशी पार्सल में डॉलर और सोना भेजने का झांसा देकर 1.46 लाख रुपये की ठगी की थी। ऐसे फंसाते थे शिकार

पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह सबसे पहले WhatsApp चैट और कॉल के जरिए लोगों से संपर्क करता था। खुद को अमेरिका में रहने वाला व्यक्ति बताकर दोस्ती की जाती और धीरे-धीरे भरोसा जीत लिया जाता। इसके बाद पीड़ित को बताया जाता कि उसके नाम से अमेरिका से एक पार्सल भेजा गया है, जिसमें अमेरिकी डॉलर और सोना रखा है।

कुछ समय बाद गिरोह के अन्य सदस्य खुद को कस्टम अधिकारी, इमिग्रेशन अधिकारी या अन्य सरकारी एजेंसियों का प्रतिनिधि बताकर पीड़ित से संपर्क करते थे। फिर मनी डिक्लेरेशन सर्टिफिकेट, फ्लाइट टिकट, कस्टम क्लियरेंस, पार्सल रिलीज और सोना छुड़ाने जैसे अलग-अलग बहाने बनाकर किस्तों में पैसे ट्रांसफर कराए जाते थे।

ठगी की रकम सीधे अपने खाते में लेने के बजाय आरोपी फर्जी (म्यूल) बैंक खातों के जरिए कई खातों में घुमाते थे, ताकि पैसों का स्रोत छिपाया जा सके और पुलिस आसानी से उन तक न पहुंच सके।

तकनीकी जांच, डिजिटल साक्ष्यों और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल के आधार पर पुलिस ने दिल्ली, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में छापेमारी कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान वारदात में इस्तेमाल 7 मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।

दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया या WhatsApp पर अनजान लोगों की बातों में न आएं और विदेशी पार्सल, डॉलर, सोना या गिफ्ट के नाम पर पैसे मांगने वालों से सतर्क रहें।

भारी मात्रा में नकली ढक्कन, बारकोड, मिश्रित अंग्रेजी शराब सामग्री बरामद दो अभियूक्त गिरफ्तार

धीरेन्द्र नाथ शुक्ला ब्यूरो चीफ सिद्धार्थ

     प्रभारी निरीक्षक थाना बाँसी मृत्युंजय पाठक, प्रभारी एसओजी/सर्विलांस उ0नि0 चन्द्रकान्त पाण्डेय एवं आबकारी विभाग के अधिकारियों के नेतृत्व में थाना बाँसी पुलिस, एसओजी एवं आबकारी विभाग की संयुक्त टीम द्वारा दिनांक 05.08.2026 को रतन सेन सिंह इंटर कॉलेज, इटवा रोड, थाना बाँसी क्षेत्र में प्रभावी चेकिंग एवं मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए मिश्रित अंग्रेजी शराब के निर्माण/बिक्री करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया । 
   गिरफ्तार अभियुक्त बलराम जायसवाल की निशानदेही पर थाना बाँसी क्षेत्र के सुभाष नगर, कोइलहवा स्थित किराये के एक मकान की तलाशी ली गई, जहाँ से विभिन्न कंपनियों की अंग्रेजी शराब के भारी मात्रा में नकली ढक्कन, बारकोड (सील रैपर), मिश्रित शराब तैयार करने में प्रयुक्त उपकरण एवं अन्य सामग्री बरामद की गई। इसके अतिरिक्त संबंधित दुकान से विभिन्न ब्रांडों की 16 बोतल मिश्रित अंग्रेजी शराब भी बरामद की गई। उक्त गिरफ्तारी एवं बरामदगी के संबंध में थाना बाँसी पर मु0अ0सं0 146/2026, धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) बीएनएस तथा धारा 60/64 आबकारी अधिनियम के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है । साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य व्यक्तियों की तलाश एवं गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं । आबकारी विभाग द्वारा संलिप्त दुकान को सील कर सम्बंधित लाइसेंस रद्द करने की कार्यवाही की जा रही है । 

उक्त कार्यवाही करने वाली पुलिस टीम को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा 20,000/-नगद का पुरस्कार से पुरष्कृत किया गया ।

गिरफ्तार अभियुक्तगण का विवरण-
01.बलराम जायसवाल पुत्र स्व. ओमप्रकाश जायसवाल, निवासी देवियापुर नरकटहा थाना बाँसी जनपद सिद्धार्थनगर (आपराधिक इतिहास- मु0अ0सं0 357/2020 धारा 419,420,467,468,471 भादवि0 व 60(1) आबकारी अधिनियम ) ।

  1. प्रदीप कुमार पुत्र हरिपाल सिंह (सेल्स मैन) निवासी अनंगपुर थाना पाली जनपद हरदोई ।
    बरामदगी का विवरण-
  2. 32,472 अदद नकली ढक्कन (IB, Old Monk, RS, Iconic, BP एवं McDowell’s कम्पनी के)।
  3. 12,740 अदद बारकोड (सील रैपर)।
  4. 16 बोतल मिश्रित अंग्रेजी शराब (IB, Iconic एवं RS कम्पनी की, 375 मि.ली. एवं 180 मि.ली.)।
  5. एक अदद इलेक्ट्रॉनिक वेट मशीन।
  6. एक अदद नाजायज चाकू ।
  7. दो अदद सुजा (ढक्कन खोलने में प्रयुक्त)।
  8. एक अदद टीवीएस रेडियन मोटरसाइकिल संख्या UP55 AD 0139 (काला रंग)।

पूछताछ का विवरण-
पूछताछ में अभियुक्त बलराम जायसवाल ने बताया कि उसने थाना बाँसी क्षेत्र के सुभाष नगर, कोइलहवा में एक मकान किराये पर ले रखा था, जहाँ वह विभिन्न कंपनियों की अंग्रेजी शराब के नकली ढक्कन, बारकोड (सील रैपर) एवं अन्य सामग्री का भंडारण करता था। उक्त सामग्री वह गुरुप्रसाद प्रजापति नामक व्यक्ति से ट्रांसपोर्ट के माध्यम से मंगवाता था। अभियुक्त ने बताया कि वह इन नकली ढक्कनों एवं बारकोड को जनपद सिद्धार्थनगर, आसपास के जनपदों तथा नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों की शराब की दुकानों पर कार्यरत कुछ व्यक्तियों को बेचता था। इनका उपयोग खाली शराब की बोतलों में पुनः शराब भरकर उन पर नकली ढक्कन एवं बारकोड लगाकर असली शराब के रूप में बिक्री करने में किया जाता था, जिससे अवैध आर्थिक लाभ अर्जित किया जाता था । अभियुक्तगण की निशानदेही पर संबंधित दुकान से 16 बोतल संदिग्ध/ मिश्रित अंग्रेजी शराब भी बरामद की गई है। प्रकरण में अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता के संबंध में साक्ष्य संकलित किए जा रहे हैं तथा विवेचना के आधार पर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जाएगी । कार्रवाई का महत्व-
इस प्रभावी कार्रवाई से नकली एवं संभावित जहरीली अंग्रेजी शराब के निर्माण एवं बिक्री करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है । भारी मात्रा में नकली ढक्कन, बारकोड एवं नकली शराब बरामद होने से लाखों रुपये के सरकारी राजस्व की संभावित क्षति को रोका गया है।

गिरफ्तारी/बरामदगी करने वाली संयुक्त टीम-
01.मृत्युंजय पाठक, प्रभारी निरीक्षक, थाना बाँसी जनपद सिद्धार्थनगर।
02.उ0नि0 चन्द्रकान्त पाण्डेय, प्रभारी एसओजी, सिद्धार्थनगर।
03.उ0नि0 हरेन्द्र चौहान प्रभारी सर्विलांस सेल मय टीम
04.आबकारी निरीक्षक दिनेश कुमार पासवान, आबकारी क्षेत्र द्वितीय, बाँसी, जनपद सिद्धार्थनगर (मय हमराही)।
05.आबकारी निरीक्षक मोनी शुक्ला, आबकारी क्षेत्र-5, डुमरियागंज ।
06.आबकारी निरीक्षक रितिक वर्मा, आबकारी क्षेत्र-4, इटवा, जनपद सिद्धार्थनगर ।
07.एसओजी टीम: मुख्य आरक्षी राजीव शुक्ला, मनोज राय, मनिंद्र प्रताप चंद , दिलीप कुमार, आशुतोष धर द्विवेदी, आरक्षी वीरेन्द्र त्रिपाठी, आरक्षी रोहित चौहान, छविराज यादव, सत्येंद्र यादव।

  1. थाना बाँसी टीम: उ0नि0 रामप्रताप सिंह, शम्स जावेद खान, हेड कांस्टेबल राम शब्द यादव, विद्यानन्द यादव, संतोष पाण्डेय, कांस्टेबल रितेश सिंह, अश्वनी कुमार, राकेश पाठक एवं देवब्रत पाण्डेय, रिक्रूट कांस्टेबल विकास कुमार ।

अतरौलिया थाना क्षेत्र के अतरैठ बाजार स्थित पोखरे में बुधवार सुबह एक मजदूर का शव मिलने से इलाके में सनसनी

उत्तर प्रदेश /आजमगढ़/संवाददाता/शुभम कुमार रावत

उत्तर प्रदेश आज़मगढ़ जिला के अतरौलिया थाना क्षेत्र के अतरैठ बाजार स्थित पोखरे में बुधवार सुबह एक मजदूर का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। स्थानीय लोग टहल रहे थे तभी पोखरे में तैरता शव देखकर उन्होंने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शव को बाहर निकलवाया। कुछ ही देर में मृतक की पहचान शेरवा गांव निवासी दिनेश उर्फ मधुर निषाद (उम्र 40), पुत्र रामू के रूप में हो गई। परिवार को सूचना दी गई। परिजनों के पहुंचते ही चीख-पुकार मच गई और माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया। परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार दिनेश की मानसिक स्थिति पिछले कुछ समय से ठीक नहीं चल रही थी। वह घर से सब्जी खरीदने के लिए अतरैठ बाजार गया था, लेकिन वापस नहीं लौटा। कुछ देर बाद ही उसके शव के मिलने की खबर मिल गई। दिनेश दिहाड़ी मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। परिवार में पत्नी, दो बेटियां और दो बेटे हैं। उनकी असमय मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है

बैंकॉक से दिल्ली आ रहे यात्री से 5.17 किलो हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद, IGI एयरपोर्ट पर कस्टम्स की बड़ी कार्रवाई


संवाददाता प्रमोद कुमार जायसवाल दिल्ली द्वारका
नई दिल्ली। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर कस्टम्स अधिकारियों ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बैंकॉक से आए एक यात्री के पास से 5.17 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा (Hydroponic Weed) बरामद किया है। आरोपी को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है।

कस्टम्स अधिकारियों के अनुसार, 2 अगस्त को बैंकॉक से दिल्ली पहुंची एयर इंडिया की फ्लाइट AI-2333 से आए एक यात्री को एडवांस पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम (APIS) के आधार पर प्रोफाइलिंग के बाद संदेह के आधार पर रोका गया। ग्रीन चैनल पार करने के बाद उसके सामान की एक्स-रे जांच की गई, जिसमें संदिग्ध वस्तु दिखाई दी।

इसके बाद बैग की तलाशी लेने पर आठ वैक्यूम-सील पैकेट बरामद हुए। इनमें हरे रंग का संदिग्ध मादक पदार्थ मिला, जिसे हाइड्रोपोनिक गांजा (मारिजुआना) माना जा रहा है। बरामद पदार्थ का कुल वजन 5,170 ग्राम (पैकिंग सहित) है।

कस्टम्स ने मादक पदार्थ और उसे छिपाने में इस्तेमाल की गई पैकिंग सामग्री को एनडीपीएस एक्ट, 1985 के प्रावधानों के तहत जब्त कर लिया है। वहीं आरोपी यात्री को संबंधित धाराओं में गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है।

अधिकारियों का कहना है कि जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाना है कि यह खेप किस नेटवर्क के जरिए भारत लाई गई थी और इसे आगे किसे सप्लाई किया जाना था जा रही है।

भविष्य के नेतृत्वकर्ताओं को नई दिशा: एसडीआईईटी में बीबीए अंतिम वर्ष ओरिएंटेशन कार्यक्रम का सफल आयोजन

सत्युग दर्शन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (एसडीआईईटी), फरीदाबाद के प्रबंधन अध्ययन विभाग द्वारा 30 जुलाई 2026 को बीबीए अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को अंतिम वर्ष की शैक्षणिक अपेक्षाओं, व्यावसायिक अवसरों तथा संस्थान द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले विभिन्न सहयोगात्मक तंत्रों से परिचित कराना था, ताकि वे अपने अंतिम शैक्षणिक वर्ष का अधिकतम लाभ उठा सकें।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रबंधन अध्ययन विभागाध्यक्ष डॉ. मनप्रीत कौर के प्रेरणादायी संबोधन से हुआ। उन्होंने विद्यार्थियों को अंतिम वर्ष को सीखने, कौशल विकास और व्यक्तित्व निर्माण का स्वर्णिम अवसर बताते हुए प्रत्येक अवसर का पूर्ण लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

इसके पश्चात श्री पंकज भारद्वाज, ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट अधिकारी (टीपीओ), ने विद्यार्थियों को प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी तथा उन्हें कैंपस प्लेसमेंट की तैयारी, उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकसित करने और रोजगार योग्य बनने के लिए प्रेरित किया।

डॉ. रवि बक्शी ने बीबीए आईआईएफएसबी के विद्यार्थियों के लिए तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम की जानकारी देते हुए वर्तमान प्रतिस्पर्धी व्यावसायिक परिवेश में तकनीकी दक्षता के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं डॉ. मुनीश नगर ने बीबीए डिजिटल मार्केटिंग के विद्यार्थियों के लिए तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की तथा प्रॉक्टोरियल बोर्ड की भूमिका एवं जिम्मेदारियों से विद्यार्थियों को अवगत कराते हुए अनुशासन, नैतिक मूल्यों और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण के महत्व पर बल दिया।

सुश्री चित्राकाशी हुड्डा ने विद्यार्थियों को संस्थान के टेक्निकल क्लब की गतिविधियों से परिचित कराया। उन्होंने बताया कि यह क्लब विद्यार्थियों में नवाचार, नेतृत्व क्षमता, टीमवर्क तथा व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीकी क्लब द्वारा आयोजित कार्यशालाओं, प्रतियोगिताओं, प्रोजेक्ट्स एवं उद्योग उन्मुख गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया, जिससे उनके तकनीकी कौशल, समस्या समाधान क्षमता एवं व्यावसायिक दक्षता का समग्र विकास हो सके।

डॉ. स्नेहा शर्मा ने पर्सनैलिटी डेवलपमेंट सेशंस की जानकारी देते हुए बताया कि ये सत्र विद्यार्थियों के संचार कौशल, आत्मविश्वास, प्रोफेशनल एटीकेट एवं समग्र व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे तथा उन्हें उद्योग के अनुरूप तैयार करेंगे।

डॉ. ऋचा खुगशाल ने संस्थान की महिला प्रकोष्ठ (Women Cell) की विभिन्न पहलों से विद्यार्थियों को अवगत कराया तथा सुरक्षित, समावेशी एवं सहयोगात्मक शैक्षणिक वातावरण के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। वहीं सुश्री रेनू मित्तल ने विद्यार्थियों को ईआरपी सिस्टम के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी तथा नियमित उपस्थिति एवं संस्थान के अनुशासन का पालन करने के महत्व पर बल दिया।

इस अवसर पर एसडीआईईटी के प्राचार्य डॉ. शैलेंद्र त्यागी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि अंतिम वर्ष केवल डिग्री प्राप्त करने का चरण नहीं, बल्कि सफल करियर की मजबूत नींव रखने का अवसर है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, निरंतर सीखने की भावना, नवाचार और उद्योगोन्मुख कौशल विकास को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संस्थान द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे प्रशिक्षण, तकनीकी गतिविधियों एवं प्लेसमेंट अवसरों का भरपूर लाभ उठाकर विद्यार्थी स्वयं को सक्षम, आत्मविश्वासी एवं जिम्मेदार पेशेवर के रूप में विकसित करें।
कार्यक्रम का समापन सुश्री रेनू मित्तल द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने प्राचार्य, विभागाध्यक्ष, सभी वक्ताओं, संकाय सदस्यों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम की सफलता में सभी के योगदान की सराहना की।
ओरिएंटेशन कार्यक्रम प्रेरणादायी वातावरण में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को अपने अंतिम शैक्षणिक वर्ष की सफल शुरुआत के लिए आवश्यक मार्गदर्शन, आत्मविश्वास और स्पष्ट दिशा प्रदान की तथा उन्हें उज्ज्वल एवं सफल व्यावसायिक भविष्य की ओर अग्रसर होने के लिए प्रेरित किया।

एसडीआईईटी में बी बी ए द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन

सत्युग दर्शन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (SDIET) के प्रबंधन अध्ययन विभाग द्वारा द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों के लिए 23 जुलाई 2026 को ओरिएंटेशन कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों का नए शैक्षणिक सत्र में स्वागत करना तथा उन्हें संस्थान की विभिन्न शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों से अवगत कराते हुए उनके सर्वांगीण विकास के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. शैलेंद्र कुमार के प्रेरणादायक स्वागत संबोधन से हुआ। इसके पश्चात विभागाध्यक्ष प्रो. मनप्रीत कौर ने विद्यार्थियों को नए सत्र की शुभकामनाएँ देते हुए उन्हें प्रत्येक अवसर का सकारात्मक उपयोग कर शैक्षणिक उत्कृष्टता एवं व्यक्तित्व विकास की दिशा में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान श्री जितेंद्र सिंह ने विद्यार्थियों को MOOCs (Massive Open Online Courses) के महत्व एवं उपयोगिता की जानकारी दी। वहीं श्री पंकज भारद्वाज ने प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट गतिविधियों तथा करियर के बेहतर अवसरों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

डॉ. ऋचा खुशाल एवं डॉ. संजना कौशिक ने महिला प्रकोष्ठ (Women Cell) की विभिन्न पहलों से विद्यार्थियों को अवगत कराया तथा संस्थान द्वारा सुरक्षित, समावेशी एवं सहयोगात्मक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
इसके बाद डॉ. मयंक वर्मा ने प्रॉक्टोरियल बोर्ड की भूमिका एवं जिम्मेदारियों की जानकारी दी। सुश्री शुभम अग्रवाल ने ERP सिस्टम के प्रभावी उपयोग एवं उसकी विभिन्न सुविधाओं के बारे में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। डॉ. संजना कौशिक ने मेंटर-मेंटी प्रणाली के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह व्यवस्था विद्यार्थियों को शैक्षणिक मार्गदर्शन, व्यक्तिगत विकास तथा निरंतर सहयोग प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

इस अवसर पर संस्थान के प्राचार्य डॉ. शैलेन्द्र त्यागी ने अपने संदेश में कहा कि ओरिएंटेशन कार्यक्रम विद्यार्थियों को केवल संस्थान की कार्यप्रणाली से परिचित कराने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह उन्हें अपने लक्ष्यों के प्रति सजग, अनुशासित और आत्मविश्वासी बनने की प्रेरणा भी देता है।

कार्यक्रम का समापन डॉ. संजना कौशिक द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने सभी वक्ताओं एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी के सहयोग की सराहना की।
एसडीआईईटी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक तकनीकी ज्ञान, नैतिक मूल्यों एवं उद्योगोन्मुखी प्रशिक्षण के माध्यम से सफल भविष्य के लिए तैयार करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।”

यह ओरिएंटेशन कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक रहा ।

दिल्ली CM रेखा गुप्ता का बड़ा एलान: ‘लक्ष्मी योजना’ को कैबिनेट की मंजूरी, दिल्ली महिलाओं को हर महीने मिलेंगे ₹2500

संवाददाता प्रमोद कुमार जायसवाल द्वारका दिल्ली/एनसीआर दिल्ली सरकार ने महिलाओं के लिए ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ की शुरुआत की है。 इस योजना से जुड़ी महत्वपूर्ण तिथियां और जानकारी इस प्रकार हैं:रजिस्ट्रेशन (आवेदन) की शुरुआत: इस योजना के लिए आवेदन 1 अगस्त से शुरू होंगे。 इसके लिए आधिकारिक पोर्टल/वेबसाइट लॉन्च की जाएगी。योजना का शुभारंभ: इस योजना के तहत पहली किस्त रक्षाबंधन के मौके पर पात्र महिलाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर करने का लक्ष्य रखा गया है。लाभ: पात्र महिलाओं को इस योजना के तहत हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी。पात्रता (Eligibility):इस योजना का लाभ उठाने के लिए महिला को कम से कम 10 साल से दिल्ली का स्थायी निवासी होना चाहिए。आवेदक की उम्र 21 से 60 साल के बीच होनी चाहिए。परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए。महिला का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए。आयकर दाता (Income Tax Payers), सरकारी कर्मचारी, और जिनके 3 से ज्यादा बच्चे हैं, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं。क्या आप इस योजना के लिए आवश्यक दस्तावेजों की सूची और आवेदन प्रक्रिया के बारे में जानना चाहते हैं

भलस्वा फ्लाइओवर के नीचे लगी ‘ट्रैफिक की पाठशाला’, TI संजीव कुमार ने लोगों को सिखाए सुरक्षित यातायात के नियम।

संवाददाता प्रमोद कुमार जायसवाल दिल्ली
नई दिल्ली। भलस्वा फ्लाइओवर के नीचे दिल्ली ट्रैफिक पुलिस द्वारा “ट्रैफिक की पाठशाला” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस जागरूकता अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम के दौरान टीआई मॉडल टाउन संजीव कुमार ने ट्रैफिक नियमों की विस्तार से जानकारी दी और लोगों से अपील की कि वे हेलमेट एवं सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें, निर्धारित गति सीमा का पालन करें तथा सड़क पर वाहन चलाते समय सभी यातायात नियमों का पालन करें।

भलस्वा फ्लाइओवर से गुजर रहे वाहन चालकों और स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना की। लोगों का कहना था कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित होने चाहिए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और नागरिकों में सुरक्षित यातायात के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित हो।

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस का यह अभियान सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और लोगों को जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

एसडीआईईटी में मेगा जॉब फेयर-2026 का सफल आयोजन, 500 से अधिक युवाओं ने लिया भाग

सतयुग दर्शन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (SDIET), फरीदाबाद द्वारा डिविजनल एम्प्लॉयमेंट एक्सचेंज, फरीदाबाद एवं आरबी परफेक्ट मार्ट फाउंडेशन के सहयोग से 24 जुलाई 2026 को मेगा जॉब फेयर-2026 का सफल आयोजन संस्थान परिसर में किया गया। इस रोजगार मेले का उद्देश्य युवाओं को प्रतिष्ठित उद्योगों से जोड़ते हुए उन्हें बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ हाइफिट इंजीनियर्स के संस्थापक एवं फरीदाबाद इंडस्ट्रीज़ एसोसिएशन के चेयरमैन एमेरिटस श्री एच. एल. भूटानी ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। इस अवसर पर श्री योगेश कुमार (डिविजनल एम्प्लॉयमेंट ऑफिसर), डॉ. शैलेंद्र त्यागी (प्राचार्य, एसडीआईईटी), श्री पंकज भारद्वाज (ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर), डॉ. मुनीश नागर तथा श्री शिव कुमार सहित संस्थान के प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

मेगा जॉब फेयर में 500 से अधिक विद्यार्थियों एवं नौकरी के इच्छुक युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। 40 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियों ने भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लिया, जिनमें जेबीएम, विक्टोरा इंडस्ट्रीज़, अल्टियस इंफ्रा, ओरिएंट, मार्ज ईआरपी, जुबिलेंट फूडवर्क्स सहित अनेक अग्रणी कंपनियाँ शामिल रहीं। इन कंपनियों ने इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, कॉमर्स, कंप्यूटर एप्लीकेशंस, डिप्लोमा तथा अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों के लिए रोजगार के अवसर प्रदान किए।

इस अवसर पर डॉ. शैलेंद्र त्यागी, प्राचार्य, एसडीआईईटी ने कहा कि “शिक्षा और उद्योग के बीच मजबूत समन्वय ही विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कुंजी है। ऐसे जॉब फेयर विद्यार्थियों को उद्योगों की अपेक्षाओं से परिचित कराने के साथ-साथ उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर भी प्रदान करते हैं। एसडीआईईटी सदैव गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगारोन्मुखी पहल के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।”

मेगा जॉब फेयर के सफल आयोजन में श्री पंकज भारद्वाज (ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर), डॉ. मुनीश नागर एवं श्री शिव कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके कुशल समन्वय, प्रभावी योजना एवं अथक प्रयासों से कार्यक्रम का सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित हुआ।

मेगा जॉब फेयर-2026 का सफल आयोजन एसडीआईईटी की उद्योग-जगत के साथ मजबूत साझेदारी, कौशल विकास तथा युवाओं को उत्कृष्ट रोजगार अवसर उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है।

एसडीआईईटी में जिला स्तरीय “नशा मुक्त युवा – विकसित भारत” प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन

सत्युग दर्शन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (SDIET), भूपानी, फरीदाबाद में मेरा युवा भारत (MY Bharat), युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से जिला स्तरीय “नशा मुक्त युवा – विकसित भारत” प्रतियोगिताओं का भव्य आयोजन 25 जुलाई 2026 को किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में नशा मुक्ति के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि फरीदाबाद की महापौर श्रीमती परवीन बत्रा जोशी थीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री अमित भारद्वाज, एमिनेंट पर्सन, मेरा युवा भारत, फरीदाबाद उपस्थित रहे। इस अवसर पर एसडीआईईटी के चेयरमैन प्रो. (डॉ.) वीरेश दत्ता, प्राचार्य प्रो. (डॉ.) शैलेन्द्र त्यागी, जिला युवा अधिकारी श्रीमती प्रियंका मलिक तथा मेरा युवा भारत के अन्य गणमान्य सदस्य भी मौजूद रहे।

मुख्य अतिथि श्रीमती परवीन बत्रा जोशी ने युवाओं के उत्साह, प्रतिभा एवं रचनात्मकता की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मंच युवाओं को अपनी अभिव्यक्ति का अवसर देने के साथ-साथ उन्हें समाज में सकारात्मक परिवर्तन का वाहक बनाते हैं। उन्होंने युवाओं से नशा मुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

प्रतियोगिता में फरीदाबाद जिले के लगभग 250 युवाओं ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने नृत्य, संगीत, नुक्कड़ नाटक, स्लैम पोएट्री, पेंटिंग, रील/शॉर्ट फिल्म, वाद-विवाद तथा स्लोगन लेखन जैसी आठ विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से नशा मुक्ति का प्रभावशाली संदेश प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने “नशा छोड़ो, भविष्य जोड़ो” तथा “नशा की नहीं, राष्ट्र निर्माण की लत लगाओ” जैसे प्रेरणादायक संदेशों के माध्यम से समाज को जागरूक करने का प्रयास किया। उनकी प्रस्तुतियों ने उपस्थित सभी लोगों को नशा मुक्त एवं स्वस्थ भारत के निर्माण के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर एसडीआईईटी के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) शैलेन्द्र त्यागी ने अपने संदेश में कहा कि “युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं। यदि उनकी ऊर्जा सही दिशा में लगाई जाए तो वे समाज और राष्ट्र में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। नशा मुक्त भारत का सपना तभी साकार होगा जब युवा स्वयं जागरूक होकर दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।”

कार्यक्रम के सफल आयोजन में जिला युवा अधिकारी श्रीमती प्रियंका मलिक की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अंत में विजेताओं एवं प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह आयोजन युवाओं में सामाजिक उत्तरदायित्व, रचनात्मक सोच और राष्ट्र निर्माण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।